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अपनी सांस्कृतिक और मातृभाषा को अपनाने का प्रयास करना होगा : राष्ट्राध्यक्ष द्रौपदी मुुर्मु के विचार

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कोराडी। अपनी सांस्कृति,मातृभूमि और मां ये तीन सर्वश्रेष्ठ हैं. राष्ट्राध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को यहां कोराडी श्रीक्षेत्र मे रामायण सांस्कृतिक केंद्र के लोकार्पण समारोह कहा कि सभी को मातृभाषा अपनाने के लिए सचेत प्रयास करना चाहिए।

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महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, विधायक चन्द्रशेखर बावनकुले, जगदीश लखानी, राजेन्द्र पुरोहित और अन्नपूर्णी शास्त्री उपस्थित थे। राष्ट्राध्यक्ष ने आगे कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए विदेश जाते समय अपनी मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए, भारतीय स्वतंत्रता की अमृत जयंती वर्ष में भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता के समृद्ध इतिहास को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए यह केंद्र महत्वपूर्ण है। रामायण ने भारतीय संस्कृति को रिश्ते के आदर्श को कायम रखने का संदेश दिया है।

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केंद्र में रामायण की सचित्र प्रस्तुति युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का काम करेगी। बनवारीलाल पुरोहित ने स्वागत भाषण दिया। दौरे की पृष्ठभूमि में प्रशासनिक तंत्र ने हवाई अड्डे, राजभवन और कोराडी मंदिर क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी थी.

चूँकि राष्ट्राध्यक्ष पहली बार महाराष्ट्र आ रहे हैं, इसलिए आवश्यक और पूरक व्यवस्थाएँ तैयार करने के निर्देश दिए गए। शहर में करीब तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात किये गये थे.

कोराडी में श्री महालक्ष्मी जगदंबा के दर्शन

राष्ट्राध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कोराडी स्थित महालक्ष्मी जगदंबा देवी मंदिर में दर्शन किये. मंदिर समिति द्वारा राष्ट्राध्यक्ष को चन्द्रशेखर बावनकुले का देवी की प्रतिकृति भेंट कर स्वागत किया गया। महालक्ष्मी जगदंबा मंदिर प्राचीन है और इस मंदिर का मूल निर्माण भोसले राजवंश के दौरान हुआ था
रामायण और महाभारत टीवी सीरियलों के माध्यम से घरों तक पहुंचे। इसके माध्यम से आदर्श जीवन शैली रामायण के मूल्य को युवाओं तक पहुंचाने की जरूरत है।

राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि यह अध्यात्म और स्वतंत्रता संग्राम को जोड़ने वाला एक विश्व स्तरीय केंद्र है। इसे देखने सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं देशभर से पर्यटक आएंगे। यहां देशभक्ति और अध्यात्म का संगम है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस केंद्र ने भारत की गौरवशाली संस्कृति और इतिहास को नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण और सराहनीय कार्य किया है। यह निश्चित रूप से भावी पीढ़ी को प्रेरणा देगा

उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि यह रामायण सांस्कृतिक केंद्र विरासत को तरोताजा करता है।स्वतंत्रता के 46 वर्षों के इतिहास मे भारतीय विधा भवन ने देश के महान स्वाधीनता सेनानी परमवीर चक्र का इतिहास, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक प्रेरणा और राष्ट्रवाद को याद दिलाता है।
रामायण सांस्कृतिक केंद्र की आकर्षक सज्जा और कलात्मक विग्रह देखते ही बनती है।
इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा राजीव पोतदार, विधायक टेकचंद सावरकर,पूर्व विधायक डा आशीष देशमुख, श्रीरेड्डी,पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रमेश मानकर,नगराध्यक्ष राजेश रंंगारी, सरपंच नरेन्द्र धानोले, मुकेश शर्मा,संस्थान ट्रस्टी प्रेमलाल पटेल, केशवराव फूलझेले, दत्तूजी समरितकर,जयेन्द्र वरडे, किशोर वरडे इत्यादि बडी संख्या मे महिला-पुरुष गणमान्य नागरिकों की उपस्थित रही।

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