मंत्रोच्चार द्धारा जैतून तेल मालिश के अद्भूत और अमोघ लाभ
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
9822550220
आयुर्विज्ञान और मंत्रमहोदधि विज्ञान के अनुसार “ऊं नमो भगवते श्री नीलकण्ठ रुद्राय नम: स्वाहा:”इस मंत्र द्धारा जैतून को अभिमंत्रित करके 15 मिनट तक अपनी नाभि तथा सर्वांग शरीर की धीरे धीरे हल्की मालिश करने से शरीर का सर्वांगीण विकास होगा.
उपरोक्त मंत्र को ऊषाकाल -ब्रह्ममुहूर्त मे उठकर शौचक्रिया कर कुल्ला दातुन और स्नान के पश्चात प्रतिदिन एकांत स्थान में मालिश करने का विधान है.
ऊं नमो भगवते नीलकण्ठ रुद्राय नम स्वाहा:
यह मंत्र नीलकण्ठ भगवान शिव का शक्तिशाली मंत्र है इस मंत्र का जप करते हुए जैतून तेल से धीरे-धीरे और हल्की नाभि- गुप्तांग तथा सर्वांग शरीर मालिश से शारीरिक विकास होता है।यह तांत्रोक्त- मंत्रोक्त प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह और शायंकाल मे ऐकांत शुद्ध स्थान मे भी कर सकते हैं.
जैतून के तेल से मालिश से सर्वांगीण शरीर का रक्त प्रवाह में वृद्धि होगी जैतून के तेल से मालिश करने से सर्वांग शरीर
में रक्त संचार बेहतर हो सकता है, जिससे इरेक्शन गुप्तांग में तनाव) की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।
सहवास शक्ति और समय में सुधार होगा नियमित और धीमी मालिश ऊर्जा शक्ति में वृद्धि महसूस हो सकती है और यौन इच्छा को बढ़ाया जा सकता है। नपुंसकता दूर होगी.
जो सर्वांग शरीर तलुए और घुटनों की त्वचा को हाइड्रेट रखता है और सूखापन कम करता है। जो शारीरिक और मानसिक तनाव को कम कर सकता है, जिससे यौन प्रदर्शन बेहतर होता है। प्राकृतिकमंत्रोच्चार द्धारा जैतून तेल
मालिश के अमोघ लाभ
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
9822550220
आयुर्विज्ञान-कामशास्त्र और मंत्रमहोदधि के अनुसार “ऊं ह्रीं क्लीं संभोग शक्ति बर्धनं कुरु कुरु स्वाहा:”इस मंत्रोच्चार द्धारा जैतून के तेल से 15 मिनट तक अपनी नाभि तथा लिंग की धीरे धीरे हल्की मालिश करने से शरीर का सर्वांगीण विकास होगा.
उपरोक्त मंत्र को ऊषाकाल -ब्रह्ममुहूर्त मे उठकर शौचक्रिया कर कुल्ला दातुन और स्नान के पश्चात प्रतिदिन ऊषाकाल य ब्रह्ममुहूर्त मे वरगद य कदम के पेड़ के नीचे करने का विधान है.
ऊं ह्रीं क्लीं संभोग शक्ति बर्धनम् कुरु कुरु स्वाहा: यह मंत्र शक्ति स्वरूपा वासना की देवी रति और भगवान कामदेव का शक्तिशाली मंत्र है इस मंत्र का जप करते हु जैतून तेल से धीरे-धीरे और हल्की नाभि तथा लिंग की मालिश से शरीर और लिंग का विकास होता है।यह तांत्रोक्त- मंत्रोक्त प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह और शायंकाल मे ऐकांत शुद्ध स्थान मे भी कर सकते हैं.
“ऊं ह्रीं क्लीं संभोग शक्ति बर्धनम कुरु कुरु स्वाहा” मंत्र से संबंधित एक पारंपरिक या तांत्रिक उपाय माना जाता है। इस तरह के एकांत अनुष्ठान के फायदे और प्रभाव मुख्य रूप से रक्त प्रवाह में सुधार, मांसपेशियों के तनाव को कम करने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने पर केंद्रित होते हैं।
जैतून के तेल से मालिश से सर्वांगीण शरीर का रक्त प्रवाह में वृद्धि होगी जैतून के तेल से मालिश करने से सर्वांग शरीर
में रक्त संचार बेहतर हो सकता है, जिससे इरेक्शन (लिंग में तनाव) की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।
संभोग शक्ति और समय में सुधार होगा नियमित और धीमी मालिश से संभोग के समय (रहने की शक्ति) में वृद्धि महसूस हो सकती है और यौन इच्छा को बढ़ाया जा सकता है। नपुंसकता दूर होगी.
जो सर्वांग शरीर की त्वचा को हाइड्रेट रखता है और सूखापन कम करता है। जो शारीरिक और मानसिक तनाव को कम कर सकता है, जिससे यौन प्रदर्शन बेहतर होता है। प्राकृतिक लुब्रिकेंट मालिश के दौरान जैतून का तेल एक अच्छा लुब्रिकेंट के रूप में कार्य करता है, जिससे घर्षण कम होता है।
जब आप उक्त मंत्रोच्चारण के साथ मालिश करते हैं, तो यह मानसिक रूप से ध्यान केंद्रित करने (Mindfulness) और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है। यह यौन ऊर्जा (Shakti) को सकारात्मक दिशा में मोड़ने का एक तरीका माना जाता है।
इस तेल का आयुर्वैज्ञानिक प्रमाण है। चुंकि ये उपाय लोकप्रिय हैं, लेकिन आयुर्विज्ञान रूप से यह सिद्ध है कि जैतून का तेल सर्वांग शरीर और लैंगिक का आकार बढ़ा सकता है।
त्वचा पर परीक्षण के संबंध में बता दें कि इसका उपयोग करने से पहले थोड़ी मात्रा में तेल लगाकर पैच टेस्ट करें ताकि एलर्जी न हो। कंडोम के साथ उपयोग न करें। जिससे कंडोम फट सकता है।
मालिश के बाद सर्वांग शरीर और गुप्तांग को साबुन पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि प्राणवायू के छिद्र बंद न हों। इस मंत्र का जाप करते हुए जैतून के तेल (Olive Oil) से सर्वांग शरीर की मालिश करना यौन स्वास्थ्य और ऊर्जा में सुधार से संबंधित एक पारंपरिक या तांत्रिक उपाय माना जाता है।
जैतून के तेल से मालिश करने के संभावित फायदे (वैज्ञानिक और सामान्य दृष्टिकोण) से जैतून के तेल से मालिश करने से लिंग के क्षेत्र में रक्त संचार बेहतर हो सकता है, जिससे इरेक्शन (लिंग में तनाव) की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।
संभोग शक्ति और समय में सुधार तथा नियमित और धीमी मालिश से शरीर मे भरपूर ऊर्जावान होने से संभोग के समय (स्टेइंग पावर) में वृद्धि महसूस हो सकती है और यौन इच्छा को बढ़ाया जा सकता है। जो शारीरिक और मानसिक तनाव को कम कर सकता है, जिससे यौन प्रदर्शन बेहतर होता है। जब आप उपरोक्त मंत्रोच्चारण के साथ मालिश करते हैं, तो यह मानसिक रूप से ध्यान केंद्रित करना अनिवार्य है। इससे (माइंडफुलनेस) और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है। यह यौन ऊर्जा (शक्ति) को सकारात्मक दिशा में मोड़ने का एक तरीका माना जाता है।
महत्वपूर्ण साक्ष्य और
वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद है। हालांकि ये उपाय लोकप्रिय और विश्वसनीय हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध हो चुका है कि जैतून का तेल मालिश से सर्वांग शरीर का आकार बढ़ा सकता है।
पथ्य परेज:- इस विधि का प्रयोग शुगर रोगी, कैंसर रोगी, चर्म रोगी और शराब नशापान करने वालों के लिए वर्जित माना गया है. पर स्त्री गमन और वैश्या व्यभिचार से बचना चाहिए.
आहार विहार:- प्रतिदिन प्रात: उठकर नंगे पांव बगीचे उपवन वाटिका मे घूमना चाहिए और योगा व्यायाम करना चाहिए.
भोजन के साथ ड्रायफुड और फलफ्रुड और हरी हरी सब्जियां,कन्द-मूल फल, छिलके वाली दालें और चावल रोटी खा सकते हैं.
सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-
उपरोक्त लेख समाचार सामान्य ज्ञान पर अधारित और अपना सुखमय ग्रहस्थ जीवन यापन के लिए बेहतर है.आप अधिक जानकारी के संबंध मे सर्वांग शारीरिक स्वास्थ्य समस्या के लिए, बेहतर होगा कि आप इस प्रक्रिया का उपयोग और प्रयोग करने से पहले किसी योग्य अनुभव कुशल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य हैं. लुब्रिकेंट मालिश के दौरान जैतून का तेल एक अच्छा लुब्रिकेंट के रूप में कार्य करता है, जिससे घर्षण कम होता है।
जब आप उक्त मंत्रोच्चारण के साथ मालिश करते हैं, तो यह मानसिक रूप से ध्यान केंद्रित करने और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है। यह मानसिक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ने का एक तरीका माना जाता है।
इस तेल का आयुर्वैज्ञानिक प्रमाण है। चुंकि ये उपाय लोकप्रिय हैं, लेकिन आयुर्विज्ञान रूप से यह सिद्ध है कि जैतून का तेल सर्वांग शरीर और लैंगिक का आकार बढ़ा सकता है।
त्वचा पर परीक्षण के संबंध में बता दें कि मालिश के बाद सर्वांग शरीर को साबुन पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि शरीर में प्राणवायू के छिद्र बंद न हों। इस मंत्र का जाप करते हुए जैतून के तेल से सर्वांग शरीर की मालिश करना स्वास्थ्य और ऊर्जा में सुधार से संबंधित एक पारंपरिक या तांत्रिक उपाय माना जाता है।
सहवास शक्ति और समय में सुधार तथा नियमित और धीमी मालिश से शरीर मे भरपूर ऊर्जावान होने से संभोग के समय (स्टेइंग पावर) में वृद्धि महसूस हो सकती है और यौन इच्छा को बढ़ाया जा सकता है। जो शारीरिक और मानसिक तनाव को कम कर सकता है, जिससे यौन प्रदर्शन बेहतर होता है। जब आप उपरोक्त मंत्रोच्चारण के साथ मालिश करते हैं, तो यह मानसिक रूप से ध्यान केंद्रित करना अनिवार्य है। इससे (माइंडफुलनेस) और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है।
महत्वपूर्ण साक्ष्य और इसके
वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद है। हालांकि ये उपाय लोकप्रिय और विश्वसनीय हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध हो चुका है कि जैतून का तेल मालिश से सर्वांग शरीर का आकार बढ़ा सकता है।
पथ्य परेज:- इस विधि का प्रयोग शुगर रोगी, कैंसर रोगी, चर्म रोगी और शराब नशापान करने वालों के लिए वर्जित माना गया है. पर स्त्री गमन और वैश्या व्यभिचार से बचना चाहिए.
आहार विहार:- प्रतिदिन प्रात: उठकर नंगे पांव बगीचे उपवन वाटिका मे घूमना चाहिए और योगा व्यायाम करना चाहिए.
भोजन के साथ ड्रायफुड और फलफ्रुड और हरी हरी सब्जियां,कन्द-मूल फल, छिलके वाली दालें और चावल रोटी खा सकते हैं.
सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-
उपरोक्त लेख समाचार सामान्य ज्ञान पर अधारित और अपना सुखमय ग्रहस्थ जीवन यापन के लिए बेहतर है.आप अधिक जानकारी के लिए किसी भी यौन समस्या के लिए, बेहतर होगा कि आप इस प्रक्रिया का उपयोग और प्रयोग करने से पहले किसी योग्य अनुभव कुशल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य हैं.
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