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शरद पवार की नई रणनिती : पवार के कुटिल रवैया से महाविकास आघाडी के कार्यकर्ताओं संभ्रम में!

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मुंबई : महाविकास अघाडी चीफ शरदचंद्र पवार के अड़ियल रवैये से कांग्रेस राका और उद्धव सेना कार्यकर्ताओं में संभ्रम की स्थिति दिखाई दे रही है।मविअ कार्यकर्ताओं का मानना है कि श्री पवार बोलते कुछ, दिखाते कुछ, घोषणा करते कुछ और अंतत: परिणाम कुछ और निकालता है? इससे मविआ कार्यकर्ताओं में संभ्रम की स्थिति निर्माण हो रही है? NCP चीफ के नजदीकी सूत्रों की माने तो तत्कालीन शिवसेना सुप्रीमों बालासाहब ठाकरे का स्वर्गवास हो जाने के पश्चात वे अपने को अकेला और असहाय महसूस करने लगे है? सूत्र बताते हैं कि सेना सुप्रीमों बालासाहब के साथ भारतवर्ष के संबंध मे आपस मे गोपनीय मिटिंग मे सलाह मशविरा करते रहते थे? सुप्रीमों बालासाहब ठाकरे भी राका नेता शरदचंद्र पवार को देश का प्रधानमंत्री के रुप मे देखना चाहते थे। उन दोनों मे मौखिक करारनामा भी हुआ था कि मै शरदचंद्र देश का प्रधानमन्त्री बना तो बालासाहब का बेटा उद्धव को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री तथा भतीजा राजसाहब ठाकरे को ग्रहमंत्री बनाने का धृण निश्चय हुआ था? बताते हैं कि इसी कडी में मुंबई का संभावित आरोपी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को बम काण्ड के आरोप मे विदेश पलायन करवा दिया गया ताकि मुंबई में दाऊद इब्राहिम द्धारा बिल्डरों से अवैध धन उगाही का कारोबार छीना जा सके?और हुआ यही जो बालासाहब और शरदचंद्र पवार चाहते थे?इस संबंध मे मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक मुंबई बम विस्फोट काण्ड से जनता का ध्यान हटाने के लिए तत्कालीन सीएम श्री पवार साहब ने मुश्लिम इलाकों मे सुतली बम विस्फोट करवाया था? साफ जाहिर है कि आखिर 1993 में बम ब्लास्ट का असली और मुख्य आरोपी कौन हो सकता है? इस कडवी सच्चाई से शरदचंद्र पवार और तत्कालीन सेना सुप्रीमों बालासाहब को भलिभांति मालुुम था और मालुम हैं? आज बालासाहब हमारे बीच मे नहीं है परंतु इस प्रकरण के काफी हद तक जानकारी और प्रमाण NCP चीफ शरदचंद्र पवार और देश के विख्यात वकील राम जेठमलानी के दिलों दिमाग में सुरक्षित है? आज सीनियर वकील राम जेठमलानी भी हमारे बीच में नहीं है? खैर इस प्रकरण के संबंध मे हम इस खबर को यहीं विराम लगाना बेहतर समझते हैं!

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धर्मसंकट की मझधार मे अटका पवार का खेला

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NCP चीफ महाराष्ट्र की राजनीति मे बता दें कि एक तरफ पवार अपना भतीजा अजीतदादा पवार को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री का ताजपोशी का सपना संजोए हुए हैं? तो दूसरी तरफ वे अपनी सुपुत्री सांसद सुप्रियाताई सुले को भी अपने जीते जी मुख्य मंत्री का ताज पहनाते हुए देखना चाहते हैं? परंतु ये दोहरे मापदंड एक साथ निर्धारित नहीं हो सकते? इस बात को NCP चीफ शरदचंद्र पवार भी भलिभांति जानते ही हैं? मनोवैज्ञानिकों की माने तो शरदचंद्र पवार ने गत अप्रैल माह मे सीएम उद्धव ठाकरे के ऊपर अपनी कुटिल राजनीतिज्ञ गैम खेलना चाहा था? उसे पूर्व मुख्यमंत्री और विरोधी पक्ष नेता देवेन्द्र फड़णवीस ने फैल कर दिया? परिणामस्वरूप मविअ विधायकों और कार्यकर्ताओं का ध्यान बांटने के लिए शरदचंद्र पवार ने NCP चीफ के पद से त्यागपत्र दे दिया था? परंतु श्री पवार को इस गैम से भी कोई फायदा नहीं मिला? हाथ की भी और तबा की भी गई?राका अध्यक्ष शरदचंद्र पवार को माया मिली ना राम मिला? इनकी कुटिल राजनीति की वजह से बालासाहब का बेटा उद्धव गुट और पवार के भतीजा अजीत पवार को पश्चाताप ही हाथ लग पाया है? इनके खेला ने अजीत पवार को सीएम बनने के प्रयास को भी विफल कर दिया हैं? उधर शिव सैनिक नेता उद्धव ठाकरे को भी न्यायालय मे हार का सामना करना पडा हैं! यह सब NCP चीफ शरदचंद्र पवार का मार्गदर्शन और सलाह का नतीजा बताया जा रहा हैं?

राका नेता पूर्व DCM अजीत पवार की मनोकामना अधूरी

महाराष्ट्र में अजितदादा पवार के बीजेपी में जाने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन उनके मनोकामना की योजना पर स्वयं शरदचंद्र पवार ने कहा था कि उनके परिवार पर दबाव बढ रहा है।राका के कुछ विधायक बीजेपी में जा सकते हैं लेकिन एनसीपी बीजेपी में शामिल नहीं हो सकते है। इन सब के बीच सांसद सुप्रियाताई सुले ने कहा था कि आगामी पंद्रह दिनों में दो बड़े राजनीतिक विस्फोट होंगे।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रियाताई सुले ने बड़ा बयान दिया था।सुप्रियाताई सुले ने कहा था कि आगामी पंद्रह दिनों में दो बड़े राजनीतिक विस्फोट होने वाले है। उन्होंने कहा था, एक विस्फोट दिल्ली और दूसरा महाराष्ट्र में होगा। हालांकि, यह विस्फोट कैसा होगा इस बारे में उन्होंने ज्यादा बात नहीं की है। फ़िलहाल उनके बयान के बाद एकबार फिर से राज्य का सियासी पारा चढ़ गया था। हर कोई इस बयान के मायने निकालने में लगा हुआ था। वैसे जिन दो विस्फोट की बात सुले ने कही थी उसमें एक सुप्रीम कोर्ट का फैसला होगा। जिसका बेसब्री से महाराष्ट्र की जनता और सियासतदान इंतज़ार कर रहे थे जबकि दूसरा विस्फोट यह हो सकता था कि महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन या फिर एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। सुप्रियाताई सुले का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा था क्योंकि अजित पवार के बीजेपी में जाने की अटकलें तेज चल रही थी।
दरअसल वंचित बहुजन अघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने भी यह कहा था कि महाराष्ट्र में दो बड़े सियासी विस्फोट होंगे। यही सवाल सांंसद सुप्रिया सुले से पूछा गया था। जिसके जवाब में सुप्रिया सुले ने कहा था कि एक महाराष्ट्र और एक दिल्ली में राजनीतिक विस्फोट होगा, ऐसा प्रकाश आंबेडकर ने कहा था।
पत्रकारों ने जब अजित पवार के बारे सांसद सुप्रियाताई सुले से सवाल पूछा तो उन्होंने कहान था कि फ़िलहाल गॉसिप के लिए वक्त नहीं है। सुले यहीं नहीं रुकीं उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र में कई जान समस्याएं हैं। उनपर ध्यान देने की ज्यादा जरुरत है। अजित पवार का एक कार्यक्रम रद्द हो जाने से कुछ नहीं होगा। राज्य में गलत ढंग से काम शुरू है। अजित पवार के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बात आप उन्हीं से पूछिए, मेरे पास गॉसिप में लिए वक्त नहीं है। यह बात लोगों की समझ से परे है! इस आश्चर्यजनक खेला का आनन्द तो माननीय शरदचंद्र पवार उठा सकते हैं?

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