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परासिया में बच्चों की जान मे छुपी हूई है रहस्यमयी बीमारी, तीन की मौत

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परासिया में बच्चों की जान मे छुपी हूई है रहस्यमयी बीमारी, तीन की मौत

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टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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छिन्दवाड़ा।जिले के परासिया क्षेत्र में इन दिनों अज्ञात कारणों से किडनी फैल होने के कारण बच्चों की जान जा रही है क्षेत्र में बच्चों के परिजन उपचार के लिए सिविल अस्पताल परासिया पहुंच रहे हैं परन्तु यहां पदस्त बच्चों के डॉक्टर प्रवीण सोनी के कमरे में ताला लगा हुआ है हॉस्पिटल स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर साहब एक माह की छुट्टी पर हैवहीं दूसरी ओर डॉक्टर साहब स्टेशन रोड परासिया स्थिति निजी क्लीनिक में बच्चों का उपचार करते हुए नजर आए।

न्यूटन चिखली की आफरीन परवीन अपने 5 साल 8 महीने के बेटे अदनान याद करते हुए रुहांसे गले से बताती है कि उसके बेटे को हल्का सा बुखार आया और किडनी खराब होने से बेटे की मौत हो गई। दरसअल परासिया विकासखंड में एक अजीब बीमारी से हड़कंप मचा हुआ है जहां पर हल्का बुखार और जुकाम के बाद बच्चों को किडनी इन्फेक्शन हो रहा है और अबतक तीन बच्चों की मौत हो गई है।बुखार और जुकाम के बाद हो रही किडनी ख़राब।परासिया विकासखंड में एक स्वास्थ्य समस्या ने लोगों की नींद उड़ा दी है दरअसल बच्चों को हल्का बुखार और जुकाम होने के बाद अचानक किडनी इन्फेक्शन की समस्या रही है

अब तक करीब 10 बच्चों को यह समस्या हुई है जिसमें तीन बच्चों की नागपुर में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है बच्चों के परिजनों का कहना है कि बच्चों को हल्का बुखार और जुकाम की शिकायत के चलते निजी अस्पतालों में चेकअप कराया वहां पर इलाज हुआ और उसके बाद अचानक पेशाब की समस्या होने लगी और उन्हें नागपुर रेफर किया गया नागपुर में पता चला कि बच्चों की किडनी में इंफेक्शन हो गया है।इस मौसम में बढ़ जाती है बच्चों में बीमारी।

सिविल अस्पताल परासिया से छुट्टी लेकर निजी अस्पताल में लगातार बच्चों का इलाज कर रहे डॉक्टर प्रवीण सोनी ने बताया कि बारिश के बाद और ठंड की शुरुआत के महीने को संधि काल कहा जाता है इस दौरान संक्रमण की समस्या ज्यादा हो जाती है बच्चों को हल्का सर्दी जुकाम और बुखार हो रहा है ऐसे में शरीर में पानी की कमी होती है लेकिन किडनी का इन्फेक्शन अचानक हो रहा है आखिर यह किन कारणों से हो रहा है इसका पता लगाने के लिए सैंपल लैब भेजे गए हैं रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का पता चल जाएगा।

आईसीएमआर की टीम लगाएगी बीमारी का पता।

कलेक्टर शीलेंद्र सिंह का कहना है कि अचानक किडनी इन्फेक्शन से बच्चों की मौत चिंता का विषय है इसके लिए जिला प्रशासन ने आईसीएमआर से संपर्क किया है आईसीएमआर की टीम दिल्ली से पहुंचेगी और उन इलाकों में रिसर्च कर पता लगाएगी कि आखिर किन कारणों से बच्चों की मौत हुई है पता लगने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे अगर निजी अस्पतालों की जिम्मेदारी बनती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

तीन मासूमों की हुई मौत,हजारों बच्चों की जाँच।

परासिया सिविल अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अंकित सहलाम ने बताया कि सर्दी जुकाम और बुखार की शिकायत के बाद कुछ बच्चों का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया था और अचानक किडनी में समस्या आने लगी फिर छिंदवाड़ा और नागपुर रेफर किया गया पता चला कि किडनी इंफेक्शन हो गया है जिसमें से तीन बच्चों की मौत हुई है कुछ बच्चों का का इलाज जारी है हालांकि अब स्थिति सामान्य है उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है टीम के साथ ही प्रशासन की टीम भी लगातार इलाकों का दौरा कर रही है 5 साल तक के बच्चों का सर्वे कर सैंपल लिया जा रहा है इसका पता लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम काम कर रही है।

हमारे यहां चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ प्रवीण सोनी पदस्थ हैं मगर वो एक माह की छुट्टी पर है हम अभी प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेज रहे हैं इस संबंध में सी एम एच ओ का कहना है कि छुट्टी लेना उनका अधिकार है स्थिति को देखते हुए हम उन्हें हॉस्पिटल ज्वाइन करने बोलते हैं

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