Breaking News
Oplus_131072

धोखाधड़ी मामले में पत्रकार ने की शिकायत : 6 पर FIR

Advertisements

धोखाधड़ी मामले में पत्रकार ने की शिकायत : 6 पर FIR

Advertisements

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

Advertisements

 

नई दिल्ली । मुंबई की एक स्पेशल एंटी-करप्शन कोर्ट ने SEBI की पूर्व चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। शेयर मार्केट फ्रॉड और नियामक उल्लंघन के मामले में कोर्ट ने माधवी के अलावा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज करने का आदेश दिया। यह आदेश स्पेशल जज एसई बांगर ने ठाणे बेस्ड जर्नलिस्ट सपन श्रीवास्तव की ओर से दायर याचिका पर दिया।

सपन ने स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी की लिस्टिंग में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल फ्रॉड और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। सेबी और कॉर्पोरेट संस्थाओं के बीच मिलीभगत, इनसाइडर ट्रेडिंग और लिस्टिंग के बाद पब्लिक फंड की हेराफेरी के आरोप भी लगाए गए हैं। एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर प्रभाकर तरंगे और राजलक्ष्मी भंडारी महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए। वहीं रविवार को सेबी ने स्टेटमेंट में कहा कि वह जल्द ही मुंबई की ACB कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए उचित कानूनी कदम उठाएगी। इसके अलावा सेबी ने कहा कि शिकायतकर्ता तुच्छ और आदतन मुकदमेबाज है।

माधवी बुच समेत छह लोगों पर FIR का आदेश दिया है.

SEBI की पूर्व चीफ माधबी पूरी बुच

SEBI के होल टाइम मेंबर अश्वनी भाटिया

SEBI के होल टाइम मेंबर अनंत नारायण

SEBI के होल टाइम मेंबर कमलेश चंद्र वार्ष्णेय

BSE के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल

BSE के CEO सुंदररमन राममूर्ति

ACB को 30 दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी

जज बांगर ने शिकायत और सहायक दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद यह आदेश दिया। जज ने मुंबई के एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी), भारतीय दंड संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सेबी अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने ACB को 30 दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

सेबी चीफ पर लगे बड़े आरोप : —

अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने शनिवार (19 अगस्त) की रात 9:57 बजे एक रिपोर्ट जारी की। इसमें दावा किया गया था कि SEBI चीफ माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की अडाणी ग्रुप से जुड़ी ऑफशोर कंपनी में हिस्सेदारी है। व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों के आधार पर हिंडनबर्ग ने दावा किया कि बुच और उनके पति की मॉरीशस की ऑफशोर कंपनी ‘ग्लोबल डायनामिक अपॉर्च्युनिटी फंड’ में हिस्सेदारी है। हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया था कि ‘ग्लोबल डायनामिक अपॉर्च्युनिटी फंड’ में कथित तौर पर अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी के भाई विनोद अडाणी ने अरबों डॉलर निवेश किए हैं।

इस पैसे का इस्तेमाल अडाणी ग्रुप के शेयरों के दामों में तेजी लाने के लिए किया गया था। बुच 16 मार्च 2022 तक एगोरा पार्टनर्स सिंगापुर की 100% शेयरधारक बनी रहीं और सेबी के मेंबर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वह इसकी मालिक रहीं। सेबी चेयरपर्सन के रूप में नियुक्ति के 2 हफ्ते बाद उन्होंने अपने शेयर अपने पति के नाम ट्रांसफर किए। वहीं इस सारे मामले में माधबी पुरी बुच ने इन सभी आरोपों को “निराधार” और “चरित्र हनन” का प्रयास बताया है। SEBI चेयरपर्सन ने सभी फाइनेंशियल रिकॉर्ड डिक्लेयर करने की इच्छा व्यक्त की। अपने पति धवल बुच के साथ एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा हमारा जीवन और फाइनेंसेस एक खुली किताब है।

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

पर्यावरणस्नेही होळी व्हावी!

पर्यावरण पूरक होळी साजरी करावी देशात होळी हा सण प्रत्येक राज्यात वेगवेगळ्या पध्दतीने सर्वत्र साजरा …

नागपूर, चंद्रपुरातील विद्यार्थी अडकले दुबई, अबुधाबी,इराणमध्ये

इराण आणि अमेरिका, इस्त्रायल युद्धामुळे आखाती देशांमध्ये निर्माण झालेल्या तणावपूर्ण परिस्थितीमुळे दुबई, अबुधाबी, संयुक्त अरब …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *