अनुबंध वेल्डर अजय यादव को मिलेगा न्याय!श्रमिक नेता बाजनघाटे का बयान
नागपुर।कोराडी तापीय विधुत केंद्र मे मेसर्स:ABU Constitution मे कार्यरत अन्यायग्रस्त अनुबंध वेल्डर श्रमिक अजय यादव को अवश्य न्याय दिलाया जाएगा.वरिष्ठ श्रमिक नेता भीमराव बाजनघाटे ने बताया कि अनुबंध वेल्डर अजय यादव को बिना वजह कंपनी मेसर्स:ABU Constitution के मालिक ने काम से बेदखल कर दिया था. श्रमिक अजय यादव अक्टूबर 2024 मे अपने झांसी निवासी मामा के निधन की खबर मिलते ही मामाजी के अंतिम संस्कार मे चला गया था.बताते हैं कि अंतिमसंस्कार और तेरहवीं काराक्रम निपटने के पश्चात वह काम पर कोराडी पावर प्लांट पंहुचा था तो कंपनी मालिक ने उसकी बाजू जाने बिना उसे नोटिस देकर काम से बेदखल कर दिया है.परिणामस्वरूप श्रमिक अजय यादव का पूरा परिवार
आर्थिक तंगी से जूझ रहा है.
जबकि निविदा धारक फर्म मालिक भरत पटेल सहित सभी निविदा धारक कंपनियों और पावर प्लांट स्टेशन के अभियंता अधिकारियों को भलीभांति मालुम है कि किसी का रिश्तेदार का अकस्मात किसी का निधन हो जाए तो मृतक का अंतिम संस्कार मे जाने से रोका नहीं जा सकता है. और एसी दुखदाई विपदा के समय उसे अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार मे जाने के लिए अडवांस पैमैंट करने का प्रावधान है.जवकि इस दु:खद घटना की खबर मोबाइल पर सूचना कंपनी के सुपरवाइज़र को दी थी.कि वह अपने झांसी निवासी मामा का अंतिम संस्कार अस्थि विसर्जन और तेरहवीं सम्पन्न होने के पश्चात ही अपने काम पर वापस लौटेगा?परंतु यादव परिवार वापस लौटा तो कंपनी नियोक्ता ने उसकी बाजू सुने बिना उसे काम से निकालने का नोटिस थमा दिया है.
इस संदर्भ मे अन्यायग्रस्त अनुबंध वेल्डर श्रमिक अजय यादव ने कंपनी नियोक्ता को लिखित आवेदन पत्र देकर सच्चाई से अवगत कराया और अपने मामाजी के स्वर्गवास का मृत्यू प्रमाणपत्र भी दर्शाया है.वेल्डर श्रमिक अजय यादव ने बताया कि पुरानी खुन्नस और दुर्भावनाओं के आवेश मे आकर फर्म मालिक श्री भरत भाई पटेल ने उसे काम पर से बेदखल कर रहे है.
नतीजा न्याय पाने के लिए अनुबंध वेल्डर श्रमिक अजय यादव काम पर लेने के लिए महिनों फर्म मालिक के कार्यालय मे चक्कर काट काट कर हैरान और परेशान है.यह घटना अक्टूबर 2024 की है. इस संदर्भ मे वरिष्ठ श्रमिक नेता भीमराव बाजनघाटे ने यादव को न्याय दिलाने के लिए पुरजोर मांग की है.यूनियन लीडर का मानना है कि किसी भी श्रमिक को अपने नजदीकी रिश्तेदार के अंतिम संस्कार मे जाने से रोका नही जा सकता? उधर कंपनी मालिक का कहना है कि मेरी मर्जी किसको काम पर रखना है नहीं मेरी मर्जी? यहां का मजदूर बराबर काम नहीं करता और पैमैंट पूरा मांगता है? कामगारों मे ईमानदारी से कार्य करने की मानसिकता बिल्कुल ही नहीं रही है.मात्र उपस्थिति लगाकर बैठे रहते हैं या इधर-उधर घूमते फिरते रहते है.और पगार पूरा मांगते हैं. उधर श्रमिक यूनियन का मानना है कि मजदूरों से काम लेना यह कंपनी इंचार्ज का काम है. लेबर के साथ अपमानजनक व्यवहार और वर्तार करेंगे? तो क्या श्रमिकों मे मानसिक तनाव नहीं बढेगा. या उन्हें खुशियां होगी? अनुबंध श्रमिक भी इज्जतदार होता है.वह मेहनत का पगार लेता है मुफ्त मे नहीं? अनुबंध श्रमिक अजय यादव को वापस काम पर लेना ही पडेगा अन्यथा कंपनी को ब्लैकलिस्ट की मांग की जाएगी?
ठेकेदार को मालुम है कि श्रमिक अजय यादव अपने मामाश्री के अंतिम संस्कार मे झांसी गया है.और उसने इस अवसर का फायदा उठाकर मजदूर छंटनी के बहाने उसे काम से बेदखल कर दिया है.
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