मनचाहे वर-वधु पाने के लिए अभिमंत्रित जल स्नान के आलौकिक लाभ
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: संयुक्त संपादक रिपोर्ट
भारतीय वैदिक सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार मनचाही जीवन संगिनी और मनचाहा जीवन साथी पाने के लिए मंत्र अभिमंत्रित त्रिवेणी संगम के जल स्नान से अलौकिक लाभ मिलता है.मंत्र निम्नानुसार:-
ऊं त्रिवेणी माधवं सोमम भरद्वाजं च वासुकी। अक्षय वटं शेषं प्रयागराजं तीर्थनायकमं।। उपरोक्त त्रिवेणी मंत्र पढकर के 21 मर्तबा जल में फूंक मारना चाहिए.तत्पश्चात निम्न मंत्र को 108 बार मंत्रोच्चार द्धारा हवन अनुष्ठान करना चाहिए. इसके पश्चात
ऊं गंगे च यमुने गोदावरी सरस्वती नर्मदे सिंधुकावेरी जलेsस्मिन सन्निधमं कुरु।। इस मंत्र का उच्चारण करते हुए स्नान करना चाहिए. इसके बाद कन्या बाल भोजन कराना चाहिए.
उपरोक्त विधि से अभिमंत्रित जल स्नान करने से चेहरे में सौंदर्य और आकर्षण बढने से जल्द वैवाहिक रिश्ते जुडने मे सहज ही सफलता मिलती है.
यह साधना जल्दी शादी होने और अपनी पसंद का उपयुक्त जीवन साथी पाने में आने वाली बाधाओं को दूर करती है। यह प्यार के रिश्तों को मज़बूत करता है और अगर शादी में देरी हो रही है तो उसे जल्दी करवाने में मददगार है।
अभिमंत्रित जल स्नान नाम के नहाने से इंसान का ऑरा साफ़ होता है और नेगेटिव एनर्जी दूर होती है, जिससे रिश्ते बेहतर होते हैं। इसे शुक्रवार को सुबह नहाने के समय शुरू करना सबसे अच्छा माना जाता है। एक बर्तन में पानी लेकर उनका आह्वान करें (पानी पर 11, 21, या 108 बार मंत्र का जाप करते हुए फूंक मारें)। इसके बाद, इस पानी को अपने नॉर्मल नहाने के पानी में मिलाकर नहाएं। यह स्नान रति देवी के प्रति पूरी आस्था और समर्पण के साथ करना चाहिए।
मनचाहा जीवन साथी पाने ओम ह्लीं क्लीं रत्यै नम: सौंदर्य सिद्धि कुरु करु स्वाहा: मनचाहा जीवन साथी / जीवन संगिनी पाने के लिए अभिमंत्रित जल स्नान से अलौकिक लाभ मिल सकते हैं। उसी प्रकार निम्नलिखित मंत्र का स्मरण करना अनिवार्य है.
“ॐ नमो भगवते रुक्मिणीवल्लभाय स्वाहा या हा गौरी शंकर अर्धांगिनी नम: स्वाहा:”
इस मंत्र से अभिमंत्रित जल स्नान से भी मनचाहा जीवनसाथी (पति/पत्नी) पाने के लिए 108 बार जाप करें। सुबह गंगाजल मिले पानी से नहाएं, इन मंत्रों का जाप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, शादी में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और पॉजिटिव एनर्जी का संचार होने से सही जीवनसाथी का रास्ता बनता है।
स्त्री के लिए (इच्छानुसार) निम्न मंत्र का भी जप कर सकते हैं:-“ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी। नंदगोपासुतं देवी पतिं मे कुरु ते नमः।” –
इस मंत्र का 108 बार जाप माता पार्वती को समर्पित है। पुरुष के लिए (मन की दुल्हन): “पत्नी की सुंदरता आत्मा का शरीर है। – इस मंत्र का जाप क्यों करें।
एक और मंत्र: “क्लीं कृष्णाय गोविंदाय नमो नम: इस मंत्र से अभिमंत्रित पानी से नहाने के अलौकिक फायदे मिलते हैं.
उपरोक्त मंत्रों से बुलाए गए पानी से नहाने से शरीर और मन के आसपास की नेगेटिव एनर्जी खत्म होती है, जो शादी में रुकावट डालती है।
आकर्षण और पवित्रता यह स्नान शरीर को शुद्ध करता है और आपके ऑरा को आकर्षक बनाता है, जिससे लोग आपकी ओर पॉजिटिव रूप से आकर्षित होते हैं।
शुक्र की मजबूती मिलती है. अगर आप पानी में थोड़ा सा परफ्यूम मिलाकर नहाते हैं, तो यह ज्योतिष के हिसाब से शादी के कारण शुक्र को मजबूत करता है।
सुबह नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल और परफ्यूम मिलाएं। ऊपर दिए गए मंत्र का 11 से 21 बार जाप करें और पानी को अपने दाहिने हाथ से छूएं।
मंत्र का जाप करें और नहाएं।
सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-
उपरोक्त लेख समाचार सामान्य ज्ञान पर अधारित सत्य सनातन धर्म का पालन करने वालों के लिए है. ये उपाय पूरी निष्ठा-श्रद्धा और मन वचन और कर्म की पवित्रता के साथ करने का विधान है.
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