क्या आतंक समर्थक पाकिस्तान पर प्राकृति (कुदरत) मेहरबान है?
टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220
नई दिल्ली। केंद्र की सत्तारूढ नरेंद्र मोदी सरकार के लगातार विरोधाभास के बावजूद भी प्राकृति ने भारत का पडोसी दुश्मन देश पाकिस्तान को प्राकृति (कुदरत) ने बिना मांगे ही सबकुछ दे दिया है.भारत पाकिस्तान के साथ
राजनीतिक तनावों और विवादों के बावजूद भी प्रकृति ने पाकिस्तान को प्राकृतिक जल प्राणवायु और प्राकृतिक ऊर्जा जैसे आवश्यक संसाधन प्रदान किए हैं। हालाँकि, जल आपूर्ति के संबंध में कई क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे हैं, जिनके कारण पाकिस्तान को शुद्ध पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार ‘पाकिस्तान पर प्राकृतिक (कुदरत) मेहरबान’यह एक व्यंग्यात्मक या कटाक्षपूर्ण वाक्यांश हो सकता है. परंतु
हाल ही विगत माह में पाकिस्तान में प्राकृतिक (कुदरत) का कहर देखा गया है। बाढ़, भारी बारिश, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से पाकिस्तान देश बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान पर कुदरत की मार से जुड़ी कुछ मुख्य घटनाएँ हूई हैं.साल 2025 में, विशेष रूप से जून के बाद, पाकिस्तान में भारी मानसूनी बारिश और फ्लैश फ्लड्स ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।
अगस्त 2025 में उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान समेत देश के कई हिस्सों में अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश के कारण 24 घंटे में ही कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई थी।
जून से शुरू हुई मानसूनी बारिश के कारण जुलाई तक मरने वालों की संख्या 650 के करीब पहुँच गई थी। मई 2025 में पाकिस्तान में 4.2 और 4.7 रिक्टर तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए थे। इसका केंद्र हिंदूकुश इलाका था, और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी धरती हिली थी।
राहत कार्यों में बाधा: बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से सड़कें बंद होने के कारण प्रभावित इलाकों में राहत पहुँचाने में भी काफी मुश्किलें आई थीं।
संक्षेप में, यह वाक्यांश संभवतः देश में चल रही प्राकृतिक आपदाओं के विपरीत स्थिति को उजागर करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
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