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चाइना बेयरिंग्स के उपयोग से पावर प्लांट मशिनरियों का ढांचा डगमगाया

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चाइना बेयरिंग्स के उपयोग से पावर प्लांट मशिनरियों का ढांचा डगमगाया

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: संयुक्त संपादक रिपोर्ट

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नई दिल्ली । भारत का प्रमुख्य पडोसी दुश्मन चाइना ड्रैगेन सरकार ने भारत मे चमचमाते नकली और घटिया बेयरिंग्स आपूर्ति के माध्यम से भारत की तापीय विधुत उत्पादन केंद्र परियोजनाओं मे आर्थिक हमला तेज कर दिया है.इसलिए आसमान छूती मंहगाई और बिजली उत्पादन हानी की वजह से विधुत उपभोक्ताओं को मंहगी बिजली खरीदने को मजबूर किया जा रहा है.गोपनीय सूत्रों राजस्थान ताप विद्युत निगम, यूपी विद्युत उत्पादन कंपनी,हरियाणा विद्युत उत्पादन कंपनी,गुजरात राज्यविधुत निर्माण कंपनी, मध्यप्रदेशविद्युत निर्माण कंपनी लिमिटेड और “महाराष्ट्र राज्य विधुत निर्माण कंपनी लिमिटेड” मुंबई अधिनस्थ सभी “तापीय विधुत केंद्रों मे स्वदेशी बेयरिंग्स के नाम की गर्म डाईयुक्त मुहर लगाकर विदेशी चायना बेयरिंग्स की आपूर्ति धडल्ले से शुरु है. और विदेशी चायना बेयरिंग्स की वजह से पावर प्लांट की चलित हैवी मशिनरियों मे कम्पन्न और धर्राहट आना शुरु है.जिसके चलते बिजली उत्पादन मे भारी रुकावटें दर्ज की जा रही हैं. बताते हैं कि खापरखेडा के मुख्य अभियंता कुमारवार कार्यकारी संचालक पद पर पदोन्नत होकर विधुत मुख्य मुंबई मे कार्यरत हैं. CE कुमारवार के कार्यकाल मे स्वदेशी के नाम पर विदेशी चाइना बेयरिंग्स की खरीद फरोख्त की गई.इससे अनेक मर्तबा कोलमिल, कोल कन्वेयर बेल्ट, बंकर और विधुत मोटरों का परिचालन ठप्प हुआ है.उसी प्रकार महा ताप विद्युत केंद्र चंद्रपुर मे भी मुख्य अभियंता विजय राठोड के आशीर्वाद से करोडों के चाइना बेयरिंग्स स्वदेशी के नाम पर खरीद फरोख्त किया गया है.बताते हैं कि मुख्य अभियंता विजय राठोड खासी कमाई करके गत माह सेवानिवृत्त हो चूके हैं. उसी प्रकार भुसावल पावर प्लांट स्टेशन के मुख्य अभियंता आर जी मोराले और उपमुख्य अभियंता आर के कुंभार की कृपादृष्टि से विदेशी चाइना बेयरिंग्स की खरीदी से महानिर्मिती प्रशासन को लाखों करोडों का चूना लगाया जा चुका है. पावर प्लांट स्टेशनों के तकनीशियन के अनुसार चीन के प्रमुख बेयरिंग ब्रांडों में ZWZ(वाफांगडियन), C&U (रेनबेन), LYC, HRB (हार्बिन), TMB (झेजियांग तियानमा), और Wanxiang शामिल हैं, जिनका उपयोग ऑटोमोटिव और लघु औद्योगिक मशीनरी में होता है।

nyzbearing.com

ZWZ (Wafangdian Bearing Group): चीन बेयरिंगC&U Group (Renben): ऑटोमोटिव और सामान्य इंजीनियरिंग के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला ब्रांड है।

LYC (Luoyang Bearing Corp): उच्च-सटीक (High-precision)

HRB (Harbin Bearing Group)

Wanxiang Qianchao: ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और बियरिंग्स के लिए है

Fuda Bearing (FD)

Zhejiang Waxing (WXING): किफायती और सटीक बॉल बेयरिंग के लिए लोकप्रिय। तकनीशियनों की माने तो स्वदेशीकरण के नाम पर गुणवत्ता से समझौता करना, विशेषकर थर्मल पावर प्लांट जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में, चलित मशीनों के लिए गंभीर खतरा बन रहा है। घटिया या निम्न गुणवत्ता वाले चीनी बेयरिंग्स के उपयोग से मशीनों में वाइब्रेशन (कम्पन्न) और थर्राहट की समस्या आम हो रही है, जिसके प्रमुख कारण और प्रभाव मशीनरी में कम्पन्न और थर्राहट के मुख्य कारण बन रहे है.

कम गुणवत्ता वाली चीनी बेयरिंग्स में अक्सर कमजोर सामग्री का उपयोग होता है जो उच्च तापमान और भारी भार को सहन नहीं कर पाते, जिससे उनके रेसवे और बॉल्स जल्दी खराब हो जाते हैं।

अनुचित फिटिंग बेयरिंग्स की सटीक माप न होने के कारण, शाफ्ट और हाउसिंग के बीच मिसअलाइनमेंट होता है, जिससे कंपन पैदा होता है।

असंतुलित रोटर बेयरिंग फेलियर के कारण रोटर असंतुलित हो सकता है, जिससे टरबाइन और पंखों में जोर का कंपन महसूस होता है।

अत्यधिक गर्मी खराब गुणवत्ता वाले बेयरिंग्स जल्दी गर्म हो जाते हैं, जो कंपन को और बढ़ा देते हैं।

थर्मल पावर प्लांट पर प्रभाव:

उत्पादन में रुकावट बेयरिंग्स के जल्दी खराब होने से मशीनों को बार-बार बंद करना पड़ता है, जिससे बिजली उत्पादन रुकता है।

भारी मरम्मत लागत बार-बार बेयरिंग बदलने और कंपन के कारण अन्य भागों (शाफ्ट, मोटर) के क्षतिग्रस्त होने से मरम्मत का खर्च बढ़ जाता है।

सुरक्षा जोखिम अत्यधिक कंपन के कारण प्लांट में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जो कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए खतरा है।

गुणवत्ता नियंत्रण प्लांट में केवल उच्च गुणवत्ता वाले (ISO प्रमाणित) बेयरिंग्स का उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, न कि केवल कम कीमत के आधार पर चीनी सामान खरीदा जाए।

नियमित निगरानी वाइब्रेशन विश्लेषण और थर्मोग्राफी के माध्यम से बेयरिंग्स की स्थिति की नियमित निगरानी की जानी चाहिए ताकि खराबी का पता पहले ही चल सके।

उच्च गुणवत्ता वाले स्वदेशी विकल्प: “वोकल फॉर लोकल” के तहत, भारतीय निर्माताओं (जैसे को बढ़ावा दिया जाए जो विश्वसनीय गुणवत्ता प्रदान करते हैं।

संक्षेप में, स्वदेशीकरण का उद्देश्य आत्मनिर्भर बनना है, न कि गुणवत्ता से समझौता कर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को खतरे में डालना। बेयरिंग जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं में गुणवत्ता ही प्राथमिकता होनी चाहिए।

भारत में कई प्रमुख स्वदेशी बेयरिंग कंपनियां हैं जैसे

NRB Bearings Limited: यह भारत में नीडल और सिलिंड्रिकल रोलर बियरिंग्स की अग्रणी निर्माता है। भारतीय सड़कों पर चलने वाले 90% से अधिक वाहनों में NRB की बियरिंग का उपयोग किया जाता है।

NBC Bearings (National Engineering Industries Ltd): 1946 में स्थापित, यह भारत की प्रमुख बेयरिंग निर्माता और निर्यातक कंपनी है। यह सीके बिरला समूह का हिस्सा है और इसका मुख्यालय जयपुर में है।

Tata Bearings: टाटा स्टील का एक डिवीजन, जो ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए बियरिंग्स का उत्पादन करता है। यह भारत के सबसे विश्वसनीय ब्रांडों में से एक है।

Menon Bearings Limited: कोल्हापुर (महाराष्ट्र) में स्थित, यह कंपनी विभिन्न प्रकार के बियरिंग्स, बुश और वाशर बनाती है।

Bimetal Bearings Limited (BBL): यह अमलगमेशन्स समूह का हिस्सा है, जो इंजन बेयरिंग और बुशिंग के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

Galaxy Bearings Limited: यह कंपनी टेपर्ड रोलर बियरिंग और अन्य प्रकार के बियरिंग्स बनाती है।

Austin Engineering Company Limited (AEC): यह गुजरात में स्थित है और उच्च गुणवत्ता वाले बॉल और रोलर बियरिंग्स का उत्पादन करती है।

SKP Bearing Industries Limited:भारत में कार्यरत प्रमुख इंटरनेशनल कंपनियां (जिनके भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं):

SKF India Limited: भारत में पुणे, बैंगलोर और हरिद्वार में इसके उत्पादन संयंत्र हैं।

Schaeffler India Limited (FAG, INA, LuK ब्रांड): इसकी विनिर्माण इकाइयां वडोदरा और पुणे में हैं.Timken India Limited: जमशेदपुर में इसके उत्पादन संयंत्र संचालित हैं. परंतु स्वदेशी भारतीय बेयरिंग्स अत्यधिक मजबूत की वजह से मंहगे है.इसलिए बेयरिंग्स डीलर अत्यधिक कमीशन के लालच मे सस्ते और घटिया चाइना बेयरिंग्स की आपूर्ति कर रहे हैं.परिणामस्वरुप पावर प्लांट स्टेशन के अधिकारियों को अच्छा खासी कमीशन रुपी मलाई चाटने को मिल रही है.चुंकि स्वदेशी बेयरिंग्स की खरीदी से उतना अधिक कमीशन हस्तगत नहीं हो पाता है. स्वदेशी बेयरिंग्स के नाम पर विदेशी नकली और घटिया बेयरिंग्स खरीदी करने से बेयरिंग्स डीलर मालामाल और महानिर्मिति पावर प्लांट कंगाली की कगार पर पहुंच गए हैं.यह जानकारी राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम के सेवानिवृत्त विशेषज्ञ ने अपना नाम प्रकाशित ना करने की शर्त पर बताया है. कि महानिर्मिती पावर प्लांट स्टेशनों मे बेयरिंग्स आपूर्ति डीलरों(आयातकर्ताओं) को नैशनल थर्मल पावर प्रोजेक्ट(NTPC) की सीमा मे ठहरने तक नहीं दिया जाता है.उन्हे बेइज्जत पूर्वक अपमानित करके वापस लौटा दिया जाता है.

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