✍️टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट
मुंबई : NCP चीफ शरदचंद्र पवार समर्थकों का मानना है कि ED के डर फिर भाजपा से हाथ मिलाना पडा है। मविआ के सकुनी सांसद संजय राउत ने सलाह दी है किNCP चीफ शरद पवार ने अजित जैसी गलती नहीं करेंगे।
शरद पवार ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को भाजपा की ओर से कहा गया था कि आप अगर हमारे साथ आते हैं तो आपके मामले में कुछ नहीं होगा, नहीं तो आपको जेल में डाल देंगे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि ED हमारी पार्टी के कुछ लोगों की जांच कर रही थी। जिससे बचने के लिए कुछ दिनों पहले उन्होंने अजित पवार के साथ बीजेपी से हाथ मिला लिया था।
सरकार में शामिल होने के बाद वे कह रहे थे कि हम विकास के मुद्दों पर बीजेपी के साथ आए हैं, लेकिन सच तो यह है कि वे जांच का सामना नहीं करना चाहते थे। उन्हें भाजपा की ओर से कहा गया था कि आप अगर हमारे साथ आते हैं तो आपके मामले में कुछ नहीं होगा, नहीं तो आपको जेल में डाल देंगे।
इस दौरान शरद पवार ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख का जिक्र किया। NCP चीफ ने कहा कि उन्हें भी बीजेपी में शामिल होने का ऑफर मिला था, लेकिन देशमुख ने जेल जाना स्वीकार किया और वहां 14 महीने बिताए। उन्होंने कोई क्राइम नहीं किया था, इसीलिए अपनी श्री देशमुख ने अपनी विचारधारा नहीं छोड़ी।
उधर, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने रविवार को पार्टी के मुखपत्र में लिखा- शरद पवार अपने भतीजे अजित पवार की तरह भाजपा में जाने की गलती नहीं करेंगे। अजित पवार वास्तव में एक बड़े नेता हो सकते हैं, अगर वह अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव लड़ते। अजित पवार इसी तरह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के जैसे भाजपा की मदद करते रहे तो उनकी राजनीति रेत के महल की तरह ढह जाएगी।
विगत 2 जुलाई को NCP के 9 विधायक शिंदे कैबिनेट में शामिल हुए थे। इनमें अजित पवार को डिप्टी CM बनाया गया था। इसके अलावा 8 अन्य विधायकों छगन भुजबल, धनंजय मुंडे, अनिल पाटिल, दिलीप वलसे पाटिल, धर्मराव अत्राम, संजय बनसोड़े, अदिति तटकरे और हसन मुश्रीफ ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। NCP के 9 मंत्रियों को मिलाकर महाराष्ट्र में अब 29 कैबिनेट मंत्री हो गए।
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