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हाईवे पर अतिक्रमण हटाओ, पेट्रोलिंग बढाओ : सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश

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हाईवे पर अतिक्रमण हटाओ, पेट्रोलिंग बढाओ : सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे की जमीनों पर अवैध कब्जों को रोकने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को निर्देश दिया है कि वह राष्ट्रीय राजमार्गों की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए। कोर्ट ने इसके लिए राज्यों की पुलिस या अन्य बलों की निगरानी टीम बनाने और नियमित पेट्रोलिंग कराने को कहा है।

जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि अवैध कब्जों की शिकायतों को लेकर ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल एप पर दर्ज शिकायतों की जानकारी और उस पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट दी जाए। साथ ही, हाईवे प्रशासन को एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने का निर्देश भी दिया गया है, जिससे निरीक्षण टीमों का गठन और डेटा संग्रह सुनिश्चित हो सके।

कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि ‘राजमार्गयात्रा’ एप की जानकारी को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए। इसके अलावा, हाईवे के टोल प्लाजा और फूड प्लाजा पर भी इस एप की जानकारी को प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा गया है।

बेंच ने कहा, “हम संयुक्त सचिव (हाईवे) को निर्देश देते हैं कि ‘राजमार्गयात्रा’ एप पर दर्ज विभिन्न श्रेणियों की शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करें।”

कोर्ट ने NHAI को यह भी आदेश दिया कि वह हाईवे भूमि पर अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतों के लिए एक अलग शिकायत निवारण पोर्टल बनाए और तीन महीने के भीतर उसकी प्रगति पर हलफनामा दाखिल करे।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि वे मामले में अमिकस क्यूरी एडवोकेट स्वाति घिल्डियाल द्वारा 5 अक्टूबर 2024 को प्रस्तुत सुझावों पर विचार करें और उन्हें लागू करने की दिशा में कदम उठाएं।

यह मामला ग्यान प्रकाश नामक व्यक्ति द्वारा दायर की गई जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने नेशनल हाईवे (भूमि और यातायात) नियंत्रण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों को लागू करने और हाईवे से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। अब इस मामले में अनुपालन रिपोर्ट 15 सितंबर को कोर्ट में पेश की जाएगी

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