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मौदा, कामठी में पुलिस, महसूल की छत्रछाया में अवैध रूप से रेत उत्खनन का काला कारोबर?छत्तीसगड, महाराष्ट्र सरकार को करोडों की चपत

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मौदा, कामठी में पुलिस, महसूल की छत्रछाया में अवैध रूप से रेत उत्खनन का काला कारोबर?छत्तीसगड, महाराष्ट्र सरकार को करोडों की चपत

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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महासमुंद। छत्तीसगढ में अवैैध रेत उत्खनन (रेत की चोरी) का काला कारोबार पुलिस की छत्रछाया में धड़ल्ले से चला जा रहा है। इससे सरकार को करोडों की चपत लग रही है। ऐसा ही एक खुला अवैध कारोबार महासमुंद के केडियाडीह गांव में ग्रामीणों और कुछ रेत माफिया सहित रेत चोरों द्वारा देर रात बड़े-बड़े हाइवा, पोकलेन, जेसीबी जैसे गाड़ियों का इस्तेमाल करके अवैध रेत उत्खनन (रेत की चोरी) का कारोबार कराया जा रहा है। आपको बता दें कि जहां छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनी है तब से प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन (रेत की चोरी) जैसे कारोबार पर रोक लगाने के आदेश दे दिए है। लेकिन बीते दिनों करोड़ों की रेत चोरी हो गई अब इसकी जांच कुछ इस तरीके से होना अति आवश्यक है, जनता से रिश्ता इस अवैध रेत उत्खनन (रेत की चोरी) कारोबार के खिलाफ अपने समाचार पत्र और वेबसाइट में प्रकाशित करता रहेगा।

 

छत्तीसगड में चल रहा रेत तस्करी के तार नागपूर से जुडे होणे की संभावना है मौदा, कामठी में छत्तीसगड से रेत आती है

सीएम विष्णुदेव दिल्ली में बीजेपी नेताओं से करेंगे मुलाकात महासमुंद पुलिस और खनिज विभाग से इस मामलें को अपने संज्ञान में लेकर इस काले कारोबार करने वाले और रेत की चोरी करने वाले अपराधियों रेत माफियाओं को गिरफ्तार करने की मांग क्षेत्रीय जनता कर रही है। गांव- केडियाडीह जिला- महासमुंद खनन घाट का फोटो सूत्रों के मुताबिक इस अवैध रेत उत्खनन (रेत की चोरी) मामलें में विनोद अग्रवाल, कौलेश्वर शुक्ला, राजेश ठाकुर, पवन साहू संलिप्त है और चर्चा का विषय है, जो कि ग्रामीणों की मदद से रेत का अवैध उत्खनन (रेत की चोरी) का काम करवाते है। आपको बता दें कि रेत का अवैध खनन मानसून के पहले या गर्मी में शुरू कर दिया जाता है जिससे कि रेत माफिया बारिश के दौरान ऊंचे दामों पर रेत बेचकर भारी मुनाफा कमाते हैं। इसके चलते मानसून के दस्तक के साथ ही रेत निकाल कर जगह-जगह स्टॉक करने में लगे रहते हैं। वहीं बारिश में निर्माण कार्य भी न रुके, इसके लिए रेत का स्टाॅक करना शुरू कर दिया है। इसके चलते रेत की मांग अधिक बढ़ गई है। ऐसे में रोजाना महासमुंद के केडियाडीह गांव में ग्रामीणों की मदद से सैकड़ों ट्रैक्टर, हाइवा, पोकलेन की मदद से रेत का अवैध खनन (रेत की चोरी) किया जा रहा है। ये अवैध कारोबार प्रशासन के संज्ञान में नहीं है। रायपुर में जॉब करने का सुनहरा मौका, 19 फरवरी को हो रही भर्ती बीती रात पुलिस और खनिज विभाग ने मारी रेड गांव के आस-पास पुलिस और खनिज विभाग की टीम ने बीती रात अवैध रेत उत्खनन की जगह पर रेड मारी पर रेती चोर अपराधियों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी गाड़ियों को वहां से हटवा दिया था। महासमुंद के गांव में अवैध रेत का कारोबार अभी तक किसी भाजपा नेताओं के संज्ञान में भी नहीं है, इस मामलें में पुलिस ने छापामार कार्रवाई तो की लेकिन पुलिस को इस उत्खनन से जुड़ा कोई भी सुराग नहीं मिला जिसकी वजह से पुलिस और राजस्व विभाग के चंगुल से बच गए सूत्रों ने ये तक बताया है कि इस उत्खनन में कोई भी सबूत नहीं मिल सकते है क्योंकि ये अवैध उत्खनन का काम देर रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक किया जाता है।

 

बलौदबाजर में हुई बड़ी कार्रवाई राजस्व मंत्री के गृह जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों के बाद गुरुवार को प्रशासन जागा. कलेक्टर चंदन कुमार के निर्देश पर बलौदाबाजार के सभी विकासखंड के अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार की विशेष टीम बनाकर एक साथ दबिश दी गई. रात में शुरु हुई इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में बगैर रायल्टी पर्ची और ओवर लोड गाड़ियों को जब्त किया गया है। रात में संचालित खदानों से सात चैन माउंटेन मशीन और रेत का परिवहन करते लगभग 50 से ज्यादा हाईवा समेत ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई है. फिलहाल शासकीय आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हुए हैं. लिहाजा ये आंकडा बढ़ भी सकता है. वहीं कार्रवाई की जानकारी ना तो खनिज अधिकारियों को दी गई और ना ही पुलिस विभाग को. कार्यवाही प्रारंभ होने पश्चात लगभग 10 बजे पुलिस को जानकारी दी गई. अवैध परिहवन से प्रशासन को राजस्व की हानि होती है। मानसून आते ही कई नदियों से अवैध रेत उत्खनन का काम शुरू कर दिया गया है। यहां से रोज सैकड़ों ट्रैक्टर रेत निकाली जा रही। शासन की ओर से क्षेत्र में रेत उत्खनन के लिए कोई लीज जारी नहीं की गई है। ऐसे में क्षेत्र में रेत का अवैध खनन ही होता है। इसे रोकने के लिए न ही खनिज विभाग के अधिकारी और न ही स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है।

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