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उद्धव ठाकरे को लेकर BJP पडी नरम

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उद्धव ठाकरे को लेकर BJP पडी नरम

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

 

मुंबई ।चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जब उद्धव ठाकरे बीजेपी के साथ थे तो उनकी पार्टी ने 18 सीटें जीती थीं. कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) के साथ, वह नौ सीटें जीत पाए. उन्हें आत्ममंथन की जरूरत है.

वरिष्ठ मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि ठाकरे की तबीयत ठीक नहीं थी लेकिन फिर भी उन्होंने जमकर प्रचार किया. उद्धव ठाकरे की तबीयत ठीक नहीं थी, फिर भी उन्होंने काफी मेहनत की. मैं उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित था. हालांकि, चुनाव परिणाम बताते हैं कि एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस को उनकी अपनी पार्टी की तुलना में उनके प्रयासों से अधिक फायदा हुआ.

‘उद्धव ठाकरे की पार्टी को आत्ममंथन की जरूरत’

चंद्रकांत पाटिल ने आगे कहा, “जब उद्धव ठाकरे की पार्टी बीजेपी के साथ थे, तो उनकी पार्टी ने 18 लोकसभा सीटें जीती थीं. कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) के साथ, वह नौ सीटें जीत पाए. उन्हें आत्ममंथन करने की जरूरत है.”

पाटिल ने तंज कसते हुए कहा, “उद्धव ठाकरे ने अल्पसंख्यकों के वोटों के कारण जीत का तमगा भी हासिल किया. मनसे के एक नेता ने भी इसे स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उद्धव की जीत का रंग भगवा नहीं बल्कि हरा है.”

शिवसेना यूबीटी को 9 सीटों पर मिली जीत

बता दें कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से 21 पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल नौ पर जीत हासिल की. एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने दस सीटों पर चुनाव लड़ा और आठ पर जीत हासिल की.

छगन भुजबल का क्या दावा

भुजबल ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि विधानसभा चुनाव में एनसीपी को 80 सीटें मिलनी चाहिए। इसके बाद मेरे विरोध में कई लोगों ने बोला। मुझसे कहा गया कि ऐसा कुछ मत कहो, हालांकि मेरी राय है कि सीट वितरण की गुत्थी को अंत तक चलाने से हमें कोई लाभ नहीं होगा। सीट आवंटन पर जल्द ही फैसला होना चाहिए। हमारे पास 40-45 विधायक हैं, लगभग इतने ही विधायक शिंदे गुट के भी हैं, इसलिए हमें उतनी ही सीटें मिलनी चाहिए, जितनी शिंदे को मिलेंगी।

सोमवार को शिवसेना भवन में उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी के सांसद और विधायकों के साथ मंथन बैठक दिया। इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी को 9 सीट मिली है। हमें इससे ही संतुष्ट नहीं होना है। लोकसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित होने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि लोकसभा चुनाव में पार्टी ने अपेक्षा से कम सीटें जीती हैं। ठाकरे ने पार्टी नेताओं और विभाग प्रमुखों से विधानसभा चुनाव की तैयारी में लग जाने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वर्षा निवास स्थान पर पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद और विधायकों की बैठक बुलाई। बैठक में लोकसभा चुनाव में मिली हार के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री शिंदे ने पार्टी के नेताओं, सांसद और विधायकों को हिदायत दी है कि लोकसभा चुनाव में भले ही हार मिली हो, लेकिन विधानसभा चुनाव में किसी भी हालत में पार्टी को जीत मिलनी चाहिए। अगर विधानसभा में अच्छा परफॉर्मेंस देना है, तो चुनाव के लिए आज से लगना पड़ेगा। केंद्र और राज्य सरकार के कामों को जन-जन तक पहुंचाने की बात करते हुए उन्होंने पार्टी नेताओं और विधायकों को बयानबाजी से दूर रहने और महायुति के सहयोगी दलों के साथ मिलकर काम करने की हिदायत दी।

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