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गैर-पुरुष संग शारीरिक संबंध से नैसर्गिक नास्तिक सूतक व्याधिदोष का खतरा

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गैर-पुरुष संग शारीरिक संबंध से नैसर्गिक नास्तिक सूतक व्याधिदोष का खतरा

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नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान, मनोविज्ञान और ज्योतिषीय विज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार,विविध व्याधिदोषों से ग्रस्त गैर-पुरुषों के साथ अनैतिक शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं की शारीरिक संरचना को नुकसान पहुँचता है। विशेष रूप से, वे आत्म-ग्लानि और घुटन के मानसिक उन्माद के कारण हिंसक हो सकती हैं। मानस चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, अनावश्यक रूप से बार-बार यौन संबंध बनाने की इच्छा खतरनाक विकारों का संकेत है। शिक्षित युवतियों को हमेशा गैर-पुरुषों के साथ अनैतिक शारीरिक संबंधों से बचना चाहिए और जितना हो सके इनसे बचना चाहिए। क्योंकि अत्यधिक अनैतिक यौन संबंध महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में विकृतियाँ पैदा कर सकते हैं। जैसे थायरॉइड और लकवा, तपेदिक, क्षय रोग, गर्भाशय कैंसर, एड्स,एच आईबी, गुर्दे किडनी के विकार,ह्रदयाघात धड़कन, उदरविकार,गर्भाशय विकार पीठ दर्द और रीढ़ की हड्डी में कमजोरी, गुदा और जननांगों में दर्दनाक और लाइलाज विकार यौन संचारित अंतर्गर्भाशयी संक्रमण (एसटीआई) का खतरा हो सकता है। बिना किसी कारण के बार-बार यौन संबंध बनाने की इच्छा पूरी तरह से गलत है। यह पुरानी बीमारियों की पुनरावृत्ति बढ़ा सकती है और गर्भनाल को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है। इसके अलावा, शारीरिक और यौन हिंसा महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है, जिससे अवसाद और अभिघातज के बाद का तनाव विकार, दिल का दौरा और अभिघातज के बाद का तनाव विकार (PTSD) जैसी स्थितियाँ पैदा हो सकती हैं।

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यौन संचारित संक्रमण शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।

असुरक्षित यौन संबंध यौन संचारित संक्रमणों का एक प्रमुख कारण है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अवांछित यौन संबंध गर्भाशय फाइब्रॉएड का कारण बन सकता है। इससे गर्भाशय कैंसर जैसी जानलेवा स्थितियाँ भी हो सकती हैं। यह महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, खासकर अगर उन्हें गर्भधारण करने या बच्चे के पालन-पोषण में कठिनाई हो रही हो।

किसी अंधविश्वासी द्धारा किया कराया, जादू-टोना और अदृश्य शक्तियों,काली डायन, चुड़ैल,नट्टीखट्टी,भूत-प्रेत, पनघट पनौती वैताल राक्षसों, काले जादू और ब्रह्मराक्षस का डर के कारण, जबरन या अवांछित यौन संबंध महिलाओं को आंतरिक घाव और यहाँ तक कि फ्रैक्चर जैसी शारीरिक और मानसिक चोटों का कारण बन सकते हैं। जिन महिलाओं ने शारीरिक या यौन हिंसा का अनुभव किया है, उनमें स्त्री रोग संबंधी समस्याएँ, पुराना तनाव और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र स्तन कैंसर यौन कैंसर जैसे विकारों की गंभीर समस्याएँ होने की संभावना अधिक होती है।

मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसी भी पापी पाखण्डी व्याधिदोष ग्रस्त स्थिति वाले पुरुषों को गले लगाने या चूमने से बचें। क्योंकि व्याधिदोष जन्य व्यभिचारी पुरुषों के मुँह, होंठ, कफ, लार और पसीने से 2% रक्त कैंसर, 3% क्षय रोग, 2% एड्स HIB, 3% चर्मरोग, 15% लैंगिक लकवा ज्वर, 9% वात-पित्त, कफ, सन्निपात जैसी प्राणघातक बीमारियों का डर है. क्योंकि व्याधिदोष ग्रस्त पुरुषों के संग अनैतिक व अवैध यौन संबंध के कारण यौनांग के अंदर वीर्य सुक्राणू कुचल कुचलकर मर जाते है. एसी महिला-पुरुषों मे नास्तिक सूतक पातक ग्रह व्याधिदोष का खतरा है. जिसके फलस्वरूप उनके बच्चे और बच्चियों का भावी जीवन खतरे में पड़ सकता है। जिसका निदान और उपचार असंभव प्रतीत होता है।भयााह शर्दी जुकाम मलेरिया और डब्बा निमोनिंया(कोरोना) प्रकोप से बच्चों की अकाल मृत्यु का डर है।

मानसिक और शारीरिक अवसाद घबराहट के लक्षण उन महिलाओं में अधिक पाए जाते हैं जिन्होंने अनैतिक शारीरिक या यौन हिंसा का अनुभव किया हो। उन

महिलाओं में अभिघातज के बाद का तनाव विकार (PTSD) और मनोवैज्ञानिक आघात हो सकता है, जिससे PTSD जैसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ और कफयुक्त बच्चा होने की समस्या विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे सामाजिक प्रतिष्ठा और गरिमा में कमी आ सकती है।

यौन उत्पीड़न महिलाओं को अपने परिवार और समाज की नज़रों में बदनाम कर सकता है और सामाजिक आयोजनों से दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिससे उनका सामाजिक अलगाव और व्यथा, कलंक, अपमान, चिड़चिड़ापन, क्रोध और उदासी बढ़ जाती है।

अनैतिक और अवांछित यौन संबंध महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं। इन प्रभावों को कम करने के लिए, व्यापक यौन शिक्षा प्रदान करना, सुरक्षित यौन संबंधों को बढ़ावा देना और महिलाओं की शारीरिक स्वायत्तता का पूरा सम्मान करना ज़रूरी है। इसलिए, एक सुखद भविष्य के लिए, महिलाओं को अपने पति के साथ रहना चाहिए।

इसलिए, चिकित्सा विशेषज्ञों, तांत्रिक विशेषज्ञों और अध्यात्म विज्ञान के विशेषज्ञों से समय पर और उचित परामर्श और निजी उपचार आवश्यक है।

 

सामान्य ज्ञान सूचना सूचना:-

 

उपरोक्त लेख समाचार, सामान्य ज्ञान, पारिवारिक, सामाजिक, सार्वजनिक, गरिमा, स्वास्थ्य, आत्म-सुरक्षा और रोकथाम के उद्देश्य से प्रस्तुत किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए, किसी विशेषज्ञ से परामर्श करना आवश्यक है।

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