BHELको मिला है कोराडी की तापीय विधुत परीयोजना निर्माण का कार्यादेश
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
सह-संपादक रिपोर्ट
मुंंबई।केंद्रीय विधुत प्राधिकरण के दिशानिर्देशों पर महाराष्ट्र राज्य विधुत निर्माण कं लि.(महाजनको) की ओर से 660×2=1320 मेगावाट परियोजना निर्माण का कार्यादेश भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड [BHEL] कंपनी को हस्तगत हुआ है। इस परियोजना में मुख्य प्लांट का डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कमीशनिंग शामिल है, साथ ही उत्सर्जन नियंत्रण उपकरणों की सप्लाई भी शामिल है। महाराष्ट्र की कोयला-आधारित बिजली क्षमता में BHEL का योगदान 75% से ज़्यादा है। BHEL ने कहा कि उसे नागपुर जिले के कोराडी में 1320 MW मेगावाट सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन की दो यूनिट लगाने के लिए MAHAGENCO से एक वर्क ऑर्डर मिल चुका है। इस प्रोजेक्ट में BHEL के काम के दायरे में मुख्य प्लांट पैकेज और उससे जुड़े सहायक उपकरणों का डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, इरेक्शन, टेस्टिंग और कमीशनिंग शामिल है, साथ ही सभी ज़रूरी इलेक्ट्रिकल, सिविल और स्ट्रक्चरल काम भी शामिल हैं।कंपनी के एक बयान के अनुसार, इस दायरे में उन्नत, उच्च-दक्षता वाले उत्सर्जन नियंत्रण उपकरणों की सप्लाई भी शामिल है।BHEL ने 2×660 MW -2320 मेगावाट कोराडी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट 11 और 12 लगाने के लिए घरेलू प्रतिस्पर्धी बोली के तहत यह ऑर्डर हासिल किया है।BHEL, महाराष्ट्र स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (MAHAGENCO) की महाराष्ट्र के लिए स्थापित कोयला-आधारित उत्पादन क्षमता में 75 प्रतिशत से ज़्यादा का योगदान देता है, और कंपनी राज्य में इस यूटिलिटी के 660 MW भुसावल प्रोजेक्ट को भी पूरा कर रही है।कोराडी थर्मल पावर प्रोजेक्ट सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन जो पानी फर्नेस आईल कोयला-आधारित उत्पादन क्षमता थर्मल पावर भारत ऊर्जा क्षेत्र उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण बिजली उत्पादन ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयातित कोयला-पानी पर आधारित संयंत्रों को 1 अप्रैल से पूरी क्षमता से निर्माण कार्य शुरु करने की योजना है.दरअसल मे विस्तारित विधुत परियोजना निर्माण प्रारंभ करने के लिए परीयोजना के प्रमुख मुख्य अभियंता श्री विवेक रोकडे के कुशल मार्गदर्शन में प्रथमत: औपचारिक तैयारियां पूर्ण की जा चुकी है.जिसमे निर्माणाधीन सुपरक्रिटिकल विस्तार पावर प्लांट में बाष्पक संयंत्र संधारण प्लांट,टर्बाइन जनरेटर प्लांट,कोल हैंडलिंग प्लांट,एस हैन्डलिंग प्लांट,फर्नेस आईल प्लांट, वाटर ट्रीटमैंट प्लांट, कुलीन टावर प्लांट, बिजली उत्पादन के समय कोयला जलने के पश्चात निकलने वाला राख और कार्बन डाई आक्साइड युक्त धुंआ निकासी के लिए विशालकाय चिमनी प्लांट,टीजी से उत्पादित बिजली संग्रहण स्टोरेज के लिए बिजली सर्विस स्टेशन(विधुत उपकेंद्र) अति उच्चदाब पारेषण उप केंद्र प्लांट, पानी आपूर्ति पाईप लाईने निर्माण के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं. जिसमें भूमि समतलीकरण.प्लांट में मध्य(सेंटर) लाईन बाहरी लाईनैं और आंतरिक लाईनों के निशान(डिमार्केशन)लगाए जा चुके हैं.इन मध्य (सेंटर) बाहरी और आंतरिक लाईनों के लिए मजबूत ग्रीड निर्माण कर दिए लिए गए हैं.उपरोक्त विस्तारित विधुत परियोजना के संबंध मे महाराष्ट्र के कर्मठ मुख्य मंत्री और ऊर्जा मंत्री श्री देवेन्द्र जी फडणवीस के कुशल दिशानिर्देशन मे महानिर्मिती के अध्यक्ष व प्रबंधन निदेशक राधाकृष्णन बी(IAS) और महानिर्मिती के परियोजना निदेशक और विधुत निर्माण निदेशक श्री अभय हरणे के मार्गदर्शन मे विस्तारित विधुत परियोजना के प्रमुख मुख्य अभियंता श्री विवेक रोकडे निर्माण की व्यवस्था भलिभांति संभाले हुए हैं.इनके मार्गदर्शन मे सभी उपमुख्य अभियंता अधीक्षक अभियंता, कार्यपालक अभियंता अतिरिक्त कार्यपालक अभियंता उप अभियंता कनिष्ठ और सहायक अभियंता कर्मि विस्तारित विधुत परियोजना निर्माण मे जुट गए हैं. उपरोक्त समाचार जानकारी आल इंडिया सोशल आर्गनाइजेशन के संयोजक और वरिष्ठ समाज सेवी पत्रकार टेकचंद्र सनोडिया ने दी है
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