तांत्रिक और जादुई पौधा है अपामार्ग-लटजिरा-चिरचिटा
टेकचंद्र शास्त्री:
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नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञ के अनुसार अपामार्ग के पौधे के संबंध मे चरक संहिता, वाग्भट्ट, शुश्रुत संहिता, अमृत सागर,भावप्रकाश निघन्टू , सालिगराम निघंटू, हंसराज निदान, माधव निदान और आयुर्वेद जडी बूटी रहस्य नामक किताबों और ग्रंथो मे विस्तृत वर्णन आया है.
अपामार्ग (लटजीरा) हिंदू धर्म, तंत्र शास्त्र और आयुर्वेद में अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है.इसे ‘चिरचिटा’ या ‘चिचड़ा’ भी कहा जाता है。 इसके काँटेदार बीज कपड़ों में चिपक जाते हैं, और यही इसकी जादुई और तांत्रिक पहचान का मुख्य आधार हैं।
🌟 तांत्रिक और जादुई महत्व
वशीकरण और आकर्षण: तंत्र विद्या में इसके बीजों का प्रयोग विशेष रूप से वशीकरण और आकर्षण के लिए किया जाता है। माना जाता है कि इसकी जड़ को घिसकर तिलक करने से व्यक्ति में सम्मोहन शक्ति उत्पन्न होती है।
धन प्राप्ति और ग्रह शांति :- ज्योतिष में इसे बुध ग्रह का सर्वश्रेष्ठ पौधा माना गया है。 आर्थिक संकटों से मुक्ति के लिए रवि-पुष्य नक्षत्र में इसकी जड़ को चांदी के ताबीज में भरकर धारण किया जाता है。
बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा का नाश:- इसके तांत्रिक प्रयोगों के अनुसार, अपामार्ग की जड़ का रस या इसकी लकड़ी से हवन करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा और भूत-प्रेत बाधा दूर होती है।
🌿 औषधीय गुण:’तांत्रिक मान्यताओं के अलावा, इसे आयुर्वेद में एक अद्भुत औषधि माना जाता है:
दांतों के लिए:- इसकी दातुन करने से मसूड़े मजबूत होते हैं और दांत दर्द में आराम मिलता है।
त्वचा और घाव:- इसकी पत्तियों के रस को घाव पर लगाने से खून बहना बंद हो जाता है।
कफ और अस्थमा:-परंपरागत रूप से, अपामार्ग के कफ निस्सारक गुण श्वसन तंत्र से बलगम साफ करने में मदद करते हैं。
क्या आप अपामार्ग के ज्योतिषीय उपाय जानने में रुचि रखते हैं या आप इसके औषधीय उपयोगों के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?
सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-
उपरोक्त लेख समाचार सामान्य ज्ञान पर अधारित सत्य और सही है.
इसके उपयोग और प्रयोगों के लिए चिकित्सा विज्ञान विशेषज्ञों और महान विद्वान आध्यात्म विशेषज्ञों के सानिध्य मे गहन अध्ययन मनन चिंतन पठन पाठन और अवलोकन जरुरी है.
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