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छिंदवाड़ा में 33 करोड़ की लगात से तैयार हो रहा है आदिवासी संग्रहालय

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छिंदवाड़ा में 33 करोड़ की लगात से तैयार हो रहा है आदिवासी संग्रहालय

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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छिन्दवाडा। जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. कुमार ने छिंदवाड़ा में नव निर्माणाधीन राज्य आदिवासी संग्रहालय का निरीक्षण किया है । उन्होने निर्माण कार्य की धीमी गति पर की कड़ी नाराजगी जाहिर की है।

संग्रहालय का पुराना भवन भी देखा, जीर्णोद्धार व मरम्मत

कार्य भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। लगभग 33 करोड़ रुपए की लगात से तैयार हो रहा है नया राज्य आदिवासी संग्रहालय

मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग डॉ.ई.रमेश कुमार शुक्रवार को अपने अल्प प्रवास पर छिंदवाड़ा पहुंचे और छिंदवाड़ा शहर में नवीन निर्माणाधीन श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने नवीन संग्रहालय के कैफेटेरिया, एंट्रेंस लॉबी, पार्किंग एरिया, संग्रहालय की सभी 4 गैलरी, ग्राउंड फ्लोर का वर्कशॉप हॉल, प्रथम तल का वर्कशॉप हॉल, कार्यालय कक्ष, ओपन थियेटर, शौचालय आदि की व्यवस्था देखी। साथ ही कलेक्टर कार्यालय में बैठक लेकर संग्रहालय में एसी, फायर फाइटिंग, इंटरनल और एक्सटर्नल इलेक्ट्रिकल वर्क, सीसीटीवी कैमरे आदि की व्यवस्था के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संग्रहालय के निर्माण कार्य की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और हर कार्य की अलग-अलग पूर्णता तिथि निर्धारित करते हुए 15 सितंबर 2024 तक संग्रहालय के सभी कार्य हर तरीके से पूरा कराने के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने कार्यपालन यंत्री पी.आई.यू. और संबंधित ठेकेदार को एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन की प्रगति के बारे में फोटोग्राफ के साथ अनिवार्य रूप से अपडेट कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने राज्य आदिवासी संग्रहालय के पुराने भवन का भी निरीक्षण किया और सभी कक्ष देखे। उन्होंने पुराने भवन का जीर्णोद्धार कार्य भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री पार्थ जैसवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री एस.एस. मरकाम, कार्यपालन यंत्री पी.आई.यू. श्री नीलेश गुप्ता, वन्या के अधिकारी सहित अन्य जिलाधिकारी और ठेकेदार उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संग्रहालय के निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हुई थी, जिसमें 24.19 करोड़ रुपए सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए एवं 5.8 करोड़ वन्या को संग्रहालय की साज सज्जा के लिए स्वीकृत किए गए थे। बाद में 2022 में ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट भोपाल के पत्र के बाद इसमें संशोधन कर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए 18 करोड़ और वन्या को साज सज्जा के लिए 12 करोड़ की स्वीकृति प्रदाय की गई, जिसे अब बढ़ाकर भारत सरकार द्वारा 15 करोड़ कर दिया गया है। इस तरह नए संग्रहालय का निर्माण लगभग 33 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है

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