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विजय दशमी को नीलकंठ पक्षी के दर्शन का आलौकिक महत्व 

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विजय दशमी को नीलकंठ पक्षी के दर्शन का आलौकिक महत्व

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टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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हमारे सनातन धर्म के अनुसार दशहरा वाले दिन आपको नीलकंठ पक्षी के दर्शन का बडा ही महत्व बतलाया गया हैं, तो इसका अर्थ यह माना जाता है कि जल्द ही आपकी किस्मत खुलने वाली है।

सनातन धर्म में नीलकंठ पक्षी को शुभ संकेत माना जाता है. सांस्कृतिक रूप से इस पक्षी को समृद्धि, शांति, सौम्यता और सद्भाव का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक दृष्टि से दुर्गा पूजा में विजयादशमी के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना बहुत फलदायी बताया गया है.इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत की प्रेरणा का प्रतीक माना जाता है.

नीलकंठ पक्षी को देखना शुभ माना जाता है.

हिंदू धर्म में दशहरा जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है, आश्विन मास की दशमी तिथि को मनाया जाता है. इस त्यौहार को बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इस दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध कर लंका पर विजय प्राप्त की थी. दशहरा का त्यौहार बुराई पर पुण्य की जीत का संदेश देता है. दशहरे के दिन ऐसी मान्यता है कि इस दिन नीलकंठ के दर्शन करना भी बहुत शुभ माना जाता है. क्योंकि इसे लक्ष्मी जी का ही एक रूप माना जाता है. लेकिन यह इतना आसान नहीं है। क्योंकि अन्य दिनों की तरह दशहरे के दिन यह नदारद रहता है.

भगवान श्री राम ने दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन कर रावण पर विजय प्राप्त की थी. अच्छाई की जीत के इस पर्व पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन की परंपरा सदियों से चली आ रही है. मान्यता है कि जब भगवान श्री राम रावण का वध करके लौटे तो उन पर ब्राह्मण हत्या का पाप लगा था. इससे मुक्ति पाने के लिए उन्होंने लक्ष्मण के साथ भगवान शिव की आराधना की थी. इस आराधना से शिव प्रसन्न हुए और उन्होंने नीलकंठ पक्षी के रूप में राम और लक्ष्मण को दर्शन दिए. इसलिए दशहरे के मौके पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना बहुत शुभ माना जाता है. अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ 12 अक्टूबर 2024 को सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर होगा और यह 13 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगा। इस प्रकार, 12 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा.आपको अपने किसी जरूरी काम में सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही दशहरा के दिन नीलकंठ का दिखना सुख-समृद्धि, के आगमन का भी प्रतीक माना जाता है।

दशहरा विजय दशमी के नीलकंठ के दर्शन यूं ही नहीं शुभ होते नीलकंठ का दिखना

किसी अन्य दिन पर नीलकंठ पक्षी को देखना शायद एक आम बात हो सकती है लेकिन अगर यह आपको दशहरे के दिन दिखाई देता है तो इसके पीछे एक खास संकेत छिपा होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी को देखना बहुत ही शुभ माना जाता है। चलिए जानते हैं इसके पीछे का कारण क्या होता है.

आश्विन शुक्ल दशमी पर मनाया जाता है दशहरा।

आज धूमधाम से मनाया जा रहा है दशहरे का पर्व।

भगवान राम ने प्राप्त की थी रावण पर विजय।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज यानी गुरुवार, 2 अक्टूबर को दशहरा मनाया जा रहा है। हर साल दशहरे के पर्व को भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के रूप में मनाया जाता है। सदियों से यह मान्यता चली आ रही है कि दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना बहुत ही शुभ होता है, लेकिन क्या आप इसके पीछे का कारण जानते हैं। अगर नहीं तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

हर साल दशहरे का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। यह वह दिन है, जब भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी। दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी को देखने का बहुत ही खास महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण विजय से पहले भगवान राम को भी नीलकंठ के ही दर्शन हुए थे। ऐसे में दशहरे पर नीलकंठ देखने को परम्परा सदियों से चली आ रही है और इसे एक शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है।

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