महायुति में नाराजगी ? CM फडणवीस ने NCP के मंत्रियों के फैसले किए रद्द
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
मुंबई। महाराष्ट्र की महायुति सरकार में तनाव की स्थिति है. एनसीपी मंत्रियों के फैसलों को CM द्वारा खारिज किए जाने पर अजित पवार नाराज हैं. उनका कहना है कि महागठबंधन में तालमेल बनाना चाहिए.
डिप्टी सीएम अजित पवार और सीएम देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में अंदरूनी कलह की शुरुआत होती दिख रही है. दरअसल, अजित पवार ने मंगलवार (14 जनवरी) की रात अपने आवास पर एनसीपी विधायकों की एक बैठक रखी, जिसमें एनसीपी प्रमुख मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नाराज नजर आए. अजित पवार की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि सीएम ने एनसीपी के दो मंत्रियों के फैसले बिना विचार-विमर्श के खारिज कर दिए.
अजित पवार गुट के मंत्री हसन मुश्रीफ के पास चिकित्सा शिक्षा विभाग है और बाबासाहेब पाटील के पास सहकारिता विभाग है. एबीपी माझा की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने अपने विभागों को लेकर कुछ फैसले लिए, जिन्हें सीएम देवेंद्र फडणवीस ने स्थगित कर दिया. इसको लेकर ही अजित पवार ने नाराजगी जाहिर की है.
इसको लेकर अजित पवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और जानकारी दी. बैठक की तस्वीरें शेयर कर अजित पवार ने लिखा, “कल रात मेरे देवगिरी स्थित मेरे आवास पर एनसीपी विधायकों के साथ एक जरूरी बैठक की. इस मीटिंग में कई मुद्दों पर चर्चा हुआ, राज्य की परेशानियों और पार्टी के भविष्य पर भी विस्तार से बात की गई.”
‘महागठबंधन में समन्वय बनाने की जरूरत’
खबर है कि अजित पवार ने नाराजगी जताते हुए कह दिया है कि अगर महागठबंधन में रहना है तो कहीं न कहीं तालमेल बना कर चलना होगा. अगर भविष्य में एक गठबंधन के रूप में आगे बढ़ने का प्लान किया जा रहा है तो समन्वय बनाना जरूरी है. ऐसे में अजित पवार ने इच्छा जताई है कि फैसलों को रद्द करने का निर्णय भी विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाना चाहिए.
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