Breaking News

शराब पीने से किस्तों में मिलती है मौतें : मुनि श्री भवसागर के उद्गार 

Advertisements

शराब पीने से किस्तों में मिलती है मौतें : मुनि श्री भवसागर के उद्गार

Advertisements

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

Advertisements

 

सिवनी। जी हां शराब की विषाक्तता से लोगों की मौत होती है। दरअसल, संयुक्त राज्य अमेरिका में हर दिन औसतन 6 मौतें शराब की विषाक्तता से होती हैं। यह स्थिति युवाओं में बेहद आम है; इन मौतों में, हर साल लगभग 54 मौतें 21 साल से कम उम्र के लोगों की होती हैं । आपका ब्राउज़र यह वीडियो नहीं चला सकता.

वर्तमान परिवेश में दुनियाभर में शराबियों के जमघट ने देश को मरघट बना दिया है. श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर सिवनी मध्य प्रदेश मे महासमाधि धारक परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज द्वारा दीक्षित परम पूज्य आचार्य श्री समयसागर जी महामुनिराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य परम पूज्य मुनिश्री धर्मसागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री भावसागर जी महाराज के सानिध्य में

21जुलाई 2025 को प्रातः काल की बेला में मांगलिक क्रियाएं की गई,इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए ,मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज ने उद्बोधन में धार्मिक क्रियाओ का महत्व बताया।

मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि

नशे के द्वारा व्यक्ति अपना जीवन नाश कर देता है

अंग्रेजों के द्वारा मदिरालयों की स्थापना भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात है मदिरालयों से देश का भविष्य अन्धकार की ओर जा रहा है। युवा पीढ़ी का सर्वनाश हो रहा है। जो सरकार विद्यालय, चिकित्सालय आदि को छोड़कर मदिरालयों की स्थापना कर रही है, जो भारतीय संस्कृति को मुर्दा बना रही है ऐसी सरकारें देश की दुश्मन है। आज शराबियों के जमघट ने देश को मरघट बना दिया है।

शराब ने मानवता को हलाल कर दिया है। शराब ने दुनियां को बेहाल कर दिया। है। शराब से युवा लड़खड़ा जाते हैं, युवाओं के लड़खड़ाने से देश लड़खड़ा जाता है। शराब ने देश के प्रत्येक घर को अखाड़ा बना दिया है। माँ-बाप, बच्चे और पत्नी के बीच रोज लड़ाई होती है।

 

कत्लखानों में मनुष्य दूसरे प्राणियों को हलाल करता है । परन्तु मद्यखाने में मनुष्य स्वयं को हलाल करता है। कत्लखानों में हलाल किया जाने वाला बिलखता है और में मद्यखानों में आदमी स्वयं बिलखता है। मद्यपान मनुष्य की जीवनरूपी नदी को गंदी नाली बना देता है। ” भक्ति में डुबने वाले भगवान बनते हैं, शराब में डुबने वाले शैतान बनते हैं। शराब पीने वाला भगवान के नशे में गम भूल जाता है, परन्तु बदले में पूरा परिवार गम में डूब जाता है। शराब शब्द स्वयं कहता है कि ‘श’ यानि सड़ना, ‘रा’ यानि रो, ना, ‘ब’ यानि बर्बाद होना। यानि पहले सड़ो फिर रोओ और अंत में बर्बाद हो जाओ। शराब महुवे से बनता है जब महुवे वृक्ष में लगते हैं तब सारे पत्ते गिर जाते हैं और पेड़ दूठ- जैसा खड़ा रहता हैं। जो उपदेश देता है कि तुम यदि इसका रस पियोगे तो मेरे जैसे झूठ बन जाओगे।

शराब करती है जीवन खराब पहले पैसा बर्बाद होता है बाद में बीमारी में पैसा लगने से घर बर्बाद होता है। शराब को सडा कर बनाया जाता है यह तन को खराब करती है, इससे किस्तों में मौत मिलती है.इसलिए समय रहते हर मनुष्य ने देश और मानव समाज को नशामुक्त बनाने का प्रयास करना चाहिए.आयोजन मे बडी संख्या मे महिला-पुरुषों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया.

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

मां वैनगंगा परिक्रमा यात्रा से लौटे शिवशक्ति उपासक भक्तगण

मां वैनगंगा परिक्रमा यात्रा से लौटे शिवशक्ति उपासक भक्तगण टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: 9822550220   सिवनी। …

चरित्रहीन पर स्त्रीगमन और पर पुरुष व्यभिचरिणी के यहां जलपान वर्जित

चरित्रहीन पर स्त्रीगमन और पर पुरुष व्यभिचरिणी के यहां जलपान वर्जित टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: संयुक्त …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *