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देवी को चढाने कमल फूल लाने उतरे तालाब के दलदल में फंसकर हूई मौत

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देवी को चढाने कमल फूल लाने उतरे तालाब के दलदल में फंसकर हूई मौत

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में कमल का फूल तोड़ने तालाब में उतरे एक व्यक्ति की गहरे दलदल में फंसने से मौत हो गई. वह फूल अपनी माता को चढ़ाना चाहता था, लेकिन फूल तोड़ते समय दलदल और कमल की जड़ों में पैर फंसने से वह डूब गया

यह घटना इंदौर के पास एक तालाब में हुई, जहां वैभव जोशी नामक व्यक्ति कमल के फूल तोड़ने गया था.

वह धर्म विज्ञान शोध संस्थान, उज्जैन के निदेशक थे. कमल का फूल तोड़कर बाहर निकलते समय वह दलदल में फंस गया और डूब गया.

शव को 14 घंटे बाद निकाला गया और फूल उसके हाथ में ही था.

तालाब में कमल तोड़ने उतरे ज्योतिष की गई जान, मौत के 14 घंटे बाद भी हाथ से फूल नहीं छूट पाया .

तालाब में कमल का फूल तोड़ने उतरे धर्म विज्ञान शोध संस्थान के निदेशक की डूबने से मौत, माता को फूल चढ़ाने के लिए तालाब मे उतरे थे किंतु नियति को तालाब मे उतरना मंजूर नहीं था.

धर्म विज्ञान शोध संस्थान, उज्जैन के निदेशक (ज्योतिष) वैभव जोशी की तालाब में डूबने से मौत हो गई. शनिवार को वो अपने दोस्तों के साथ घूमने गए थे. घर लौटते समय उन्होंने रास्ते में एक तालाब में कमल का फूल देखा और उसे तोड़ने चले गए. फूल तोड़कर बाहर आते समय दलदल और कमल की जड़ों में पैर फंसने की वजह से वो डूब गए. हैरानी की बात रही की जब उनके शव को बाहर निकाला गया तो फूल उनके हाथ में ही था. भगवान को चढ़ाने के लिए वो फूल तोड़ने गए थे.

मामला खुड़ैल थाना क्षेत्र के मुहाड़ा घाट का है. उज्जैन के ही रहने वाले वैभव जोशी अपने दोस्तों के साथ घूमने गए थे. शाम को घर लौटते समय रास्ते में उन्होंने एक तालाब में कमल के फूल देखें. उन्होंने फूल तोड़ने की इच्छा जताई और अपने दोस्तों से कहा कि फूल तोड़कर मां (देवी) की अर्पित करूंगा.

दोस्तों ने मना किया तो, मुझे तैरना आता है कहकर फूल तोड़ने के लिए तालाब में उतर गए. वैभव फूल तोड़कर बाहर आ रहे थे, लेकिन इसी दौरान एक दलदल में कमल की जड़ों में उसका पैर फंस गया और वो अपने पैरों को छुड़ा नहीं पाए और अंदर की तरफ खींचते चले गए और डूब गए.

घटना के बाद दोस्तों ने पुलिस को सूचित किया और इसके अलावा आसपास के लोगों से भी मदद मांगी, लेकिन अंधेरा हो जाने की वजह से शव की तलाश नहीं हो सकी. अगले दिन रविवार को सुबह करीब 8 बजे एसडीआरएफ की टीम ने करीब 1 घंटे की सर्चिंग के बाद शव को बाहर निकाला. हैरानी की बात रही कि करीब 14 घंटे बीत जाने के बाद भी वैभव के हाथ से कमल का फूल छूटा नहीं था, वो हाथ में ही था. वैभव के परिजन को घटना की सूचना दे दी गई थी. उनकी उपस्थिति में ही शव को बाहर निकाला गया.

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इससे पहले भी इस तालाब में हो चुकी है घटना

मामले को लेकर खुड़ैल एसआई सत्येंद्र सिसोदिया ने बताया कि “मृतक कमल का फूल तोड़ने तालाब में उतरा था, जहां जड़ों में पैर फंसने की वजह से वो डूब गया. मामले में मर्ग कायम करके जांच की जा रही है.” एसआई के मुताबिक 3 साल पहले भी एक चरवाहे की डूबने से मौत हो चुकी है. बकरियां चराने के बाद वह तैर कर उस पार जाता था. चरवाहा भी वैभव की तरह कीचड़ में फंस गया और अपनी मां के सामने ही डूब गया था

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