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अमरनाथ बाबा बर्फानी के दर्शनार्थ यात्रियों पर पथराव के जिम्मेदार कौन?

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✍️टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट

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जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन की तरफ से चाक-चौबंद सुरक्षा-व्यवस्था और निगरानी रहने के बावजूद भी अमरनाथ यात्रियों पर पथराव करने और पथराव करवाने वाले वे कौन लोग है? इसका पता ना लगाने वाले खुपिया तंत्र पर बदनुमादाग लग चुका है? हालकि इस संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में किए गए भ्रामक दावों और आरोपों का खंडन किया है। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई हैं।

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जम्मू-कश्मीर प्रशासन के एक सच्चे IPS अधिकारी का कहना है कि यह घटना घोडी वालों के बीच हुए मामूली विवाद के कारण हुई है। घोडी वाहन वाले चाहते हैं कि यात्रीगणों ने पैदल ना जाते हुए उनके घोडों मे सवार होकर बाबा बर्फानी के दर्शन स्थल पंहुचना चाहिए ताकि उनको अच्छी खासी कमाई होती रहे?
बता दें कि भारत के कोनें कोनें से प्रतिवर्ष लाखों-करोडों पर्यटक जम्मू-कश्मीर की वादियों का वर्फीला विहंगम धरातल वादियों का आनन्द लेने पंहुचते हैं। इसके अलावा लाखों-करोडों श्रद्धालू वैष्णव देवी तथा अमरनाथ दर्शनार्थ पंहुचते हैं। परिणामत: उस लाखों-करोड़ों-अरबों रुपए की आय से जम्मू-कश्मीर वासियों का उदर भरण पोषण होता है अन्यथा जम्मू-कश्मीर वासियों को भूखे मरने की पारी आ सकती है? या उन्हे भीख का कटोरा हाथ लग सकता है?
अमरनाथ दर्शनार्थियों को बतला देना चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीरी घोडा सवारी ढोने वाले तथाकथित मिंया-मदारी लोग ऊंट घोडा और गाय बैल भैंसों का बेहरहमी से हलाल बतौर कत्ल करके उन मूक प्राणियों का मांस भक्षण करते हैं? अगर दर्शनार्थी-पर्यटक गण चाहें तो इस प्रकरण की हाईकोर्ट मे शिकायत दर्ज करना चाहिए और अमरनाथ की पैदल यात्रा करना चाहिए या जम्मू-कश्मीर जांए ही नहीं? भगवान बाबा बर्फानी की अपने गांव मे मूर्ती स्थापित करके पूजा-पाठ तथा भोजन महाप्रसाद का लंगर शुरु करना चाहिए। नतीजतन जम्मू-कश्मीर वासियों की सारी हेकड़ी निकल जाएगी?और उनको लाले पड जाएंगे? और भूखे मरने की नौबत आ जायेगी?

बयान में कहा गया, “प्रशासन ने श्री अमरनाथजी यात्रा के तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी इंतजाम किए हैं।”

“स्थानीय लोग शुरू से ही अपनी अथक सेवाएं देकर यात्रा को सफल बनाने में सबसे आगे रहे हैं। यह यात्रा लोगों के बीच भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और एकता का एक उदाहरण है।”

बयान में कहा गया है कि यह यात्रा आध्यात्मिकता का प्रतिनिधित्व करती है और जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

“यह वीडियो समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने, वैमनस्य फैलाने और शांतिपूर्ण यात्रा में बाधा डालने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से बनाया गया है।

बयान में कहा गया है कि श्री अमरनाथजी की पवित्र गुफा की यात्रा पर निकले सभी यात्रियों ने सेवाओं की अच्छी गुणवत्ता की गवाही दी है और निर्बाध यात्रा की सराहना की है।

“यह उल्लेख करना उचित है कि प्रशासन यात्रियों और यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया है और पुलिस को घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। इसके अलावा सोशल मीडिया यूजर्स को फर्जी खबरें फैलाने से बचने के लिए कहा गया है

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