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मां वैनगंगा परिक्रमा यात्रा से लौटे शिवशक्ति उपासक भक्तगण

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मां वैनगंगा परिक्रमा यात्रा से लौटे शिवशक्ति उपासक भक्तगण

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:

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9822550220

 

सिवनी। मुंडारा स्थित बैनगंगा परिक्रमा करके शिव शक्ति के उपासकगण वापस लौट आये हैं. सनातन धर्म प्रचारक और आध्यात्मिक उत्थान मंडल के प्रचारमंत्री श्री टेकराम ऊर्फ टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री के नेतृत्व में श्री अन्नू उर्फ आनन्द सनोडिया जो कि द्धारका शारदा मठ के जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी सरस्वती जी महाराज के शिष्य भी मौजूद रहे हैं. भगवतप्रसाद सनोडिया, मदन सनोडिया,श्री रत्नाकर अवस्थि, कु जयश्री निनावे, आराध्या कुडवेती, निशा गहलोत, सुश्री रुपा चंदेल इत्यादि मुंडारा स्थित उदगम स्थान पंहुचे हैं.इन्होंने बैनगंगा पर्यटन स्थल का अवलोकन किया और सैर की मां बैन गंगा पूजन-अर्चन और नमन के पश्चात परिक्रमा का आरंभ की. ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित मुंडारा वैनगंगा (बैनगंगा) नदी का उद्गम स्थल माना जाता है, और यहाँ की परिक्रमा का धार्मिक व सांस्कृतिक रूप से बहुत महत्व है।

मुंडारा स्थित बैन गंगा (वैनगंगा) परिक्रमा और उद्गम स्थल का महत्व निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:

पौराणिक व धार्मिक उद्गम: सिवनी जिले के गोपालगंज के समीप मुंडारा के राजौरा जलाशय में स्थित एक कुंड से वैनगंगा नदी निकलती है। यह स्थान इस नदी के उद्गम के रूप में मान्यता प्राप्त है और पुराणों में इसे वेणु या वेण्या के नाम से वर्णित पवित्र नदी माना गया है। मुंडारा उद्गम स्थल पर मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक सप्ताह का भव्य मेला आयोजित होता है, जहाँ श्रद्धालु दूर-दूर से आकर पवित्र स्नान करते हैं .मां बैनगंगा का उदगम पुरातन पौराणिक कालीन है. इसका ऐतिहासिक आध्यात्मिक व सांस्कृतिक महत्व रहा है. यहाँ विगत 3 जून 1928 को मंदिरों में मूर्ति स्थापित की गई थी और वेद वेदांत उपनिषद मर्मज्ञ पंडित शिवराम शास्त्री द्वारा यहां पर श्रीमदभागवत कथा का वाचन किया गया था, जो इस स्थल की धार्मिक आस्था को पुष्ट करता है. वैनगंगा नदी सिवनी जिले की अर्द्ध-परिक्रमा करती हुई आगे बढ़ती है, जिससे इस क्षेत्र के निवासियों के लिए इसकी परिक्रमा का विशेष महत्व है।मां बैन गंगा उदगम स्थल पर्यटन और प्राकृतिक आकर्षणन केंद्र बना हुआ है.मुंडारा से ही आगे जाकर वैनगंगा विशाल रूप धारण करती है, जिसके आसपास भीमगढ़ डैम (संजय सरोवर) जैसे पर्यटन स्थल स्थित हैं।

संक्षेप में: मुंडारा (सिवनी) में बैन गंगा का उद्गम स्थल आध्यात्मिक शांति, सांस्कृतिक मिलन और प्रकृति के सानिध्य का एक प्रमुख केंद्र है।

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