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जानिए सूर्यनारायण का कुंभ राशि में परिवर्तन? सभी 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव

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जानिए सूर्यनारायण का कुंभ राशि में परिवर्तन? सभी 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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पं.जयगोविंद शास्त्री के अनुसार कुंभ संक्रांति के दिन जब सूर्य देव अपने पुत्र शनि की राशि कुंभ में रहते हैं तो इस दिन स्नान करने के बाद मान-सम्मान में वृद्धि, अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है. कुंभ संक्रांति पर गेहूं, गुड़, लाल फूल, लाल वस्त्र, तांबा, तिल आदि का दान कर सकते हैं.

जगतात्मा सूर्यनारायण आज 13 फरवरी को दोपहर बाद 03 बजकर 45 मिनट पर मकर राशि की यात्रा समाप्त करते कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद मीन राशि में चले जाएंगे। इनके राशि परिवर्तन का सभी जातकों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। कुंभ राशि पर इनका गोचरकाल अन्य राशियों के लिए कैसा रहेगा ? इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।

मेष राशि-

राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव हर तरह से बेहतरीन सफलता दिलाने वाला सिद्ध होगा। कार्य-व्यापार में उन्नति तो होगी ही लिए गए निर्णयों की सराहना भी होगी। उच्चाधिकारियों से संबंध मजबूत बनेंगे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से भी सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी। भावनाओं में बहकर लिया गया निर्णय नुकसान देय रहेगा। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।

वृषभ राशि-

राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए सूर्यदेव पद और गरिमा की वृद्धि कराएंगे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों के प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेंगी। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। विदेशी मित्रों तथा संबंधियों से सुखद समाचार प्राप्ति के योग। जमीन-जायदाद संबंधी विवाद हल होंगे। मकान अथवा वाहन का भी क्रय कर सकते हैं।

मिथुन राशि-

राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव मिश्रित फल प्रदान करेगा। धर्म और आध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। धार्मिक ट्रस्टों तथा अनाथालय आदि में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान-पुण्य करेंगे। अपने साहस और पराक्रम के बलपर कठिन परिस्थितियों पर भी आसानी से नियंत्रण पा लेंगे। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल रहेगा। विद्यार्थी वर्ग विदेश में पढ़ाई करने के लिए जाने का प्रयास कर रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेंगी।

कर्क राशि-

राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव कई तरह के अप्रत्याशित परिणाम दिलाएगा। स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें, अग्नि विष तथा दावाओं के रिएक्शन से बचें। किसी सम्मान अथवा पुरस्कार की भी घोषणा हो सकती है। आर्थिक उन्नति भी और होगी महंगी वस्तुओं क्रय करेंगे। काफी दिनों का दियागया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। परिवार में अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न न होने दें। जमीन-जायदाद से संबंधित मामलों आपस में सुलझा लेना समझदारी रहेगी।

सिंह राशि-

राशि से सप्तम दांपत्य भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव कार्य व्यापार की दृष्टि से तो बेहतर रहेगा किंतु कहीं न कहीं दांपत्य जीवन में कड़वाहट आ सकती है। शासन सत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। साझा व्यापार में कुछ मतभेद गहरा सकता है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से समय बेहतर रहेगा। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे।

 

कन्या राशि-

राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सोची-समझी रणनीतियां तो कारगर होगी ही किए गए कार्यों की सराहना भी होगी। कोर्ट कचहरी के मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आने का संकेत। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा। धार्मिक यात्रा भी कर सकते हैं। किसी महंगी वस्तु का कार्य करेंगे। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा वह धन समय पर मिलने में संदेह रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें।

तुला राशि-

राशि से पंचम विद्या भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव बेहतरीन सफलता कारक रहेगा। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी। प्रेम विवाह में भी अड़चने आएंगी किंतु कार्य व्यापार की दृष्टि से समय उत्तम रहेगा। संतान संबंधी चिंता दूर होगी। नव-दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। कार्यक्षेत्र में उच्चाधिकारियों से संबंध मजबूत होगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से भी सहयोग मिलेगा। किसी अप्रत्याशित शुभसमाचार से पारिवारिक माहौल खुशनुमा हो जाएगा।

वृश्चिक राशि-

राशि से चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता किंतु कार्य व्यापार की दृष्टि से समय उत्तम रहेगा। सफलताओं के बावजूद किसी न किसी कारण से पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति का सामना करना ही पड़ेगा। जमीन-जायदाद संबंधी विवाद हल होंगे। कष्ट कर यात्रा भी करनी पड़ सकती है। यात्रा के समय सामान चोरी होने से बचाएं। अपनी रणनीतियां तथा योजनाओं को गोपनीय रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे।

धनु राशि

राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव आप में अप्रत्याशित ऊर्जाशक्ति का संचार कर देगा। काफी दिनों के प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। इस अवधि के मध्य आपके सभी निर्णय सफल रहेंगे। परिवार में छोटे सदस्यों से अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न न होने दें। सरकारी विभागों के प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। किसी दूसरे देश के लिए वीजा आदि का आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेंगी। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें।

मकर राशि-

राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव कई तरह के उतार-चढ़ाव का सामना करवाएगा। आकस्मिक धन प्राप्ति का योग तो बनेगा ही काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। दाहिनी आंख से संबंधित समस्या से भी सावधान रहें। विवादित मामले कोर्ट कचहरी से बाहर ही सुलझाएं। कार्य क्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। बेहतर रहेगा कार्य संपन्न करें और सीधे घर आएं। आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे सावधान रहें।

कुंभ राशि-

आपकी राशि में गोचर करते हुए सूर्यदेव का प्रभाव पद-प्रतिष्ठा की वृद्धि तो कराएगा किंतु कहीं न कहीं स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव भी डालेगा। शारीरिक पीड़ा की संभावना अधिक रहेगी। शरीर में कैल्शियम की कमी न होने दें। शासन सत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। लिएगए निर्णयों की सराहना होगी। दांपत्य जीवन में कड़वाहट न आने दें। शादी-विवाह से संबंधित मामलों में थोड़ा और समय लगेगा। किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह स्थितियां अनुकूल रहेगी।

 

मीन राशि-

राशि से बारहवें व्यय भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव अत्यधिक भागदौड़ और खर्च का सामना करवाएगा। तीर्थ यात्रा पर अधिक खर्च होगा। कोर्ट कचहरी के मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। जमीन जायदाद संबंधी मामले हल होंहगे। इस अवधि के मध्य स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक सावधान रहें। कोई भी कार्य जब तक पूर्ण न हो जाए उसे सार्वजनिक न करें। विदेशी मित्रों तथा संबंधियों से अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। परिवार में अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न न होने दें

देशभर में आज कुंभ संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में कुंभ संक्रांति का काफी ज्यादा महत्व है। इस दिन पवित्र नदी की स्नान करने और उसके बाद पूजा पाठ और दान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। मान्यता है कि ऐसा करना विशेष फलदायक होता है। और जो ऐसा करता है उस पर भगवान की कृपा बनी रहती है।

 

क्या होती है कुंभ संक्रांति

 

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य देव के एक राशि को छोड़कर दूसरे राशि में जाने को ही संक्रांति कहा जाता है। ऐसे में जब सूर्य देव मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे ही कुंभ संक्रांति कहते हैं। आज के दिन प्रात: काल पवित्र नदी में स्नान करके सूर्य देव की और दान करते हैं। आज के दिन काले तिल और उससे बनी चीजों का दान करना चाहिए। ऐसा करने से सूर्य भगवान के साथ शनिदेव की भी कृपा प्राप्त होती है।

 

क्या है नियम

 

मान्यता है कि आज सुबह उठ कर सबसे पहले तो पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। लेकिन अगर आप नदी में स्नान के लिए नहीं जा पाते हैं तो घर में ही पानी से भरी बाल्टी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर कर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। सूर्यदेव को जल चढ़ाना चाहिए और उनके मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए।

जरूरतमंदों की करनी चाहिए मदद

इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए और निर्धन लोगों को भोजन कराना चाहिए। आज के दिन गाय को बी ताजी हरी घास खिलानी चाहिए। आज के दिन भोजन, वस्त्र और अन्य जरूरी चीजें दान में देना भी बहुत शुभ माना जाता है।

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