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बंजारा विरुद्ध ST, दूसरी तरफ मराठा बनाम ओबीसी : CM फडणवीस चिंता में

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बंजारा विरुद्ध ST, दूसरी तरफ मराठा बनाम ओबीसी : CM फडणवीस चिंता में

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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पुणे। मराठा vs OBC के बीच बढ़ती दरार पर CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह कम नहीं होगी, जब तक कि दोनों समुदायों के नेता लोगों को सही तथ्य नहीं बताते। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा कि केवल उन्हीं लोगों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे जिनके पास कुनबी होने का है.

मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के हालिया अनशन के बाद मराठों को आरक्षण देने के मकसद से महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी सरकारी आदेश (GR) पर राज्य की राजनीति और राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। एक तरफ राज्य के ओबीसी, एससी और एसटी समूहों ने मराठा आरक्षण के लिए हैदराबाद गजट पर सरकारी आदेश जारी करने पर चिंता व्यक्त की है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मराठा कोटा से संबंधित सरकारी आदेश ओबीसी के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि यह लड़ाई इतनी जल्दी खत्म नहीं होने वाली। लगे हाथ CM फडणवीस ने लोगों को इस मामले में अतिवादी राजनीति से आगाह किया है।

इस महीने की शुरुआत में जारी जीआर पर विवादों के बीच मराठा और ओबीसी समुदायों में संघर्ष बढ़ने के खतरों के बीच, एनसीपी संस्थापक शरद पवार ने फडणवीस सरकार पर सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने और समाज में खाई चौड़ा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। हालांकि, मराठा आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर बढ़ती खाई को मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी स्वीकार किया और रविवार को दोनों समुदायों के नेताओं से इस मुद्दे के बारे में लोगों के सामने सही तथ्य प्रस्तुत करने की अपील की।

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फडणवीस ने कहा है कि मराठा कोटा के संबंध में जारी सरकारी आदेश (GR) से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे और इस वर्ग के लिए निर्धारित लाभ ‘फर्जी’ व्यक्तियों को नहीं मिलने दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ओबीसी और मराठों सहित सभी समुदायों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर ‘जरूरत से ज्यादा राजनीति’ करने और भय पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर अतिवादी राजनीति हो रही है और ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया है। इससे ओबीसी छात्रों की मानसिकता प्रभावित हो रही है।” OBC, आदिवासी और बंजारा संगठन GR वापसी की मांग कर रहे है.बता दें कि सरकारी आदेश जारी करने के कुछ हफ़्ते बाद, कई ओबीसी, आदिवासी और बंजारा संगठनों ने सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। विभिन्न जाति समूहों ने तर्क दिया है कि मराठा समुदाय के सदस्यों को ओबीसी कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अनुमति देने के लिए हैदराबाद राजपत्र के कार्यान्वयन से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

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अब बंजारों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

इस बीच, बंजारा संगठन गोर सेना के अध्यक्ष संदेश चव्हाण ने कहा, “हमें अनुसूचित जनजाति के रूप में चिन्हित किया गया था और हैदराबाद में हमें आरक्षण प्राप्त है। हम चाहते हैं कि हमारे समान अधिकार यहां भी बहाल हों।” चव्हाण ने यह भी दावा किया कि धाराशिव के 32 वर्षीय बंजारा स्नातक ने शनिवार को आरक्षण की मांग करते हुए आत्महत्या कर ली, जिसने अनुसूचित जनजाति आरक्षण की मांग करते हुए एक नोट छोड़ा था। बड़ी बात यह भी है कि 11 सितंबर से ही बंजारा समुदाय के लोग जालना कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि इस समुदाय के वरिष्ठ नेता हरिभाऊ राठौड़ ने सोमवार को जालना और बीड में मोर्चा निकालने की घोषणा की है।

आदिवासी कर रहे बंजारा समुदाय की मांग का विरोध

दूसरी तरफ, आदिवासी संगठनों ने बंजारा समुदाय की इस मांग का विरोध किया है और दावा किया है कि बंजारा समुदाय को विमुक्त जाति और घुमंतू जनजाति (वीजेएनटी) श्रेणी के तहत पहले से ही 3 फीसदी कोटा का लाभ मिल रहा है। वहीं विरोध का एक और मोर्चा कोलते हुए ओबीसी कार्यकर्ता नवनाथ वाघमारे और सतसुंग मुंधे ने चेतावनी दी है कि कोटा बढ़ाने से अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में पहले से सूचीबद्ध 374 जातियों के अधिकारों को खतरा होगा। ओबीसी नेताओं ने 10 अक्टूबर को नागपुर में एक विशाल मोर्चा निकालने का संकल्प लिया है।

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एक भी फर्जी व्यक्ति को ओबीसी में जगह नहीं

इन सबके बीच, रविवार को पुणे टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मराठा आरक्षण के संबंध में जारी सरकारी आदेश ओबीसी के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा। एक भी फर्जी व्यक्ति को ओबीसी श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा। फर्जी का मतलब उन लोगों से है जो ओबीसी नहीं हैं। जीआर में ऐसी सावधानी बरती गई है।’

ओबीसी के लिए एक अलग विभाग बनाया जाएगा.

जीआर पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए, फडणवीस ने कहा कि 2014 से ओबीसी कल्याण से जुड़े सभी फैसले उनकी सरकार ने लिए हैं। फडणवीस ने कहा, ‘‘हमने (भाजपा ने) ओबीसी के लिए एक अलग विभाग बनाया। हम ओबीसी के लिए विभिन्न योजनाएं लेकर आए, ओबीसी के लिए महा ज्योति स्थापित की और सबसे महत्वपूर्ण बात, पिछली सरकार के कार्यकाल में गंवाया गया 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा बहाल किया। इसलिए ओबीसी जानते हैं कि उनके कल्याण की चिंता किसे है।’’

मराठों और ओबीसी के बीच दरार कम नहीं होगी

मराठों और ओबीसी के बीच बढ़ती दरार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कम नहीं होगी, जब तक कि दोनों समुदायों के नेता लोगों को इस मुद्दे के बारे में सही तथ्य नहीं बताते। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहना चाहूंगा कि केवल उन्हीं लोगों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे जिनके पास कुनबी होने का रिकॉर्ड है। ऐसे रिकॉर्ड के बिना किसी को भी प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। इसलिए ओबीसी को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। इस मुद्दे पर जरूरत से ज्यादा राजनीति हो रही है और ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि ओबीसी आरक्षण समाप्त हो गया है। इससे ओबीसी छात्रों की सोच प्रभावित हो रही है।’’

सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘मुंबई, ठाणे और रत्नागिरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जो सोमवार सुबह 11:30 बजे तक लागू रहेगा।’ वे मौसम की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और आगे की जानकारी जल्द साझा की जाएगी।

मुंबई में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को भारी बारिश हुई। इसके कारण महानगर और उपनगरों के निचले इलाकों में जलभराव होने से यातायात प्रभावित रहा और वाहन रेंगते नजर आए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। रातभर और सुबह हुई भारी बारिश के बाद दादर, कुर्ला और बांद्रा रेलवे स्टेशनों पर पटरियों पर जलभराव हो गया। इससे यात्रियों ने कई लोकल ट्रेन के 10 से 15 मिनट देरी से चलने की शिकायत की। हालांकि, पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे के प्रवक्ताओं ने कहा कि कल रात से लगातार बारिश के बावजूद उनकी उपनगरीय सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।

UP के इस जिले में 8 घंटों से भारी बारिश, उफनाए नाले, दो दर्जन गांव पानी से घिरे

आधी रात के आसपास गरज-चमक के साथ शुरू हुई भारी बारिश सुबह भी जारी रही, जिससे किंग्स सर्कल, लालबाग, वर्ली, दादर, परेल, कुर्ला और अन्य निचले इलाकों में जलभराव हो गया। सुबह साढ़े 8 बजे जारी पूर्वानुमान में स्थानीय निकाय ने कहा कि मौसम विज्ञानियों ने अगले तीन घंटों के दौरान मुंबई और पड़ोसी ठाणे और रायगढ़ जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान बिजली चमकने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। आईएमडी मुंबई के सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘मुंबई, ठाणे और रत्नागिरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जो सोमवार सुबह 11:30 बजे तक लागू रहेगा।’ उन्होंने बताया कि वे मौसम की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और आगे की जानकारी जल्द साझा की जाएगी।

आईएमडी ने महानगर और उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पिछले 24 घंटे में दक्षिण मुंबई स्थित कोलाबा वेधशाला में 134.4 मिलीमीटर, जबकि उपनगरों में स्थित सांताक्रूज वेधशाला में 73.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। स्थानीय निकाय के अनुसार, सोमवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में महानगर में औसतन 111.19 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद पूर्वी उपनगरों में 76.46 मिलीमीटर और पश्चिमी उपनगरों में 74.15 मिलीमीटर बारिश हुई। आईएमडी ने पालघर, पुणे, अहिल्यानगर और बीड जिलों के लिए भारी बारिश का अनुमान है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शेष महाराष्ट्र में हल्की बारिश या शुष्क मौसम रहने की संभावना है।

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