Breaking News

कोराडी में पर्यटन और भक्ति मार्ग को वढावा हेतु निर्मित विशाल हनुमान प्रतिमा

Advertisements

कोराडी में पर्यटन और भक्ति मार्ग को वढावा हेतु निर्मित विशाल हनुमान प्रतिमा

Advertisements

टेकचंद्र शास्त्री :

Advertisements

9822550220

 

नागपुर ।कोराडी श्री क्षेत्र पर्यटन स्थल में 162 फीट ऊंची श्री हनुमान जी महाराज की प्रतिमा का निर्माण कार्य शुरु हैं. निर्माणाधीन विशालकाय हनुमान जी महाराज की प्रतिमा का लोकार्पण जून में होने जा रहा है. इसका लोकार्पण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होने की तैयारी है। दरअसल में इस परिसर में पर्यटन, रोजगार, रामायण सेंटर, बोटिंग, ई-लाइब्रेरी और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।इससे लोगों मे वैदिक सनातन धर्म की आस्था और भक्तिभाव का स्नेह बढ़ेगा.इसे धार्मिक पर्यटन स्थल विकास का महत्व बढेगा.इस पर्यटन स्थल और विशालकाय हनुमान जी महाराज की प्रतिमा की निर्माण लागत करोड़ों मे आंकी जा रही है. यह तीर्थक्षेत्र

मध्य भारत के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक, कोराडी तीर्थक्षेत्र मे श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान है.

यह जानकारी महाराष्ट्र राज्य के कर्मठ राजस्व मंत्री और नागपुर अमरावती के पालक मंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मीडिया पत्रकारों को दी है। इस श्री हनुमान जी महाराज की प्रतिमा की विशेषताएं के संदर्भ मे बताते हैं की इस प्रतिमा की नीव और बुनियादी ढांचा की कुल ऊंचाई 206 फीट है, जबकि मूल प्रतिमा 162 फीट ऊंची है। इसके साथ 74 फीट लंबी गदा भी स्थापित की गई है। परिसर में “सेवन-डी हनुमान चालीसा प्रोजेक्शन” की विशेष व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालु भगवान हनुमान महाराज के जीवनीय मूल्यों पर आधारित बल बुद्धी,ज्ञान भक्ति और एकाग्रता का अनुभव कर सकेंगे।

कैबिनेट मंत्री बावनकुले के अनुसार, कोराडी क्षेत्र को सनातन धार्मिक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस संपूर्ण तीर्थक्षेत्र विकास योजना के लिए 214 करोड़ 94 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है।

रोजगार और युवाओं पर ध्यान

इस परियोजना में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ने और युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

 

विशाल हनुमान प्रतिमा स्थापना का उद्देश्य

 

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान को अजर अमर और चिरंजीवी का वरदान प्राप्त है, जो सनातन धर्म की शक्ति, साहस और अटूट भक्ति के प्रतीक हैं। यह प्रतिमा इसी चिरंतन आस्था और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रतीक है। इसे और इसके आसपास के परिसर (रामायण कल्चरल सेंटर) को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यह पारंपरिक तीर्थयात्रियों के साथ-साथ सामान्य पर्यटकों और परिवारों के लिए भी एक पसंदीदा गंतव्य बन सके।

तकनीक से पौराणिक मूर्ति के आधार पर एक संग्रहालय (म्यूजियम) बनाया गया है। इसके माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को ‘होलोग्राफिक डोम थिएटर’ और लेजर प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए भगवान हनुमान के जीवन और रामायण की घटनाओं का ज्ञान और अनुभव प्रदान करना है।

स्थानीय विकास इस विशाल परियोजना का उद्देश्य पर्यटन उधोग को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और महिलाओं के लिए कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) को प्रोत्साहित करना है।

यह प्रतिमा कोराडी के श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान के तालाब नंबर तीन के बीचों-बीच स्थित है, जो इस स्थान को महाराष्ट्र के सबसे प्रतिष्ठित स्थलों में से एक बनाती है

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

नैतिक मूल्यों में आई गिरावट का कारण पथभ्रष्ट राजनैतिक चरित्र

नैतिक मूल्यों में आई गिरावट का कारण पथभ्रष्ट राजनैतिक चरित्र टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220   वर्तमान …

वाणी मे विराजे सरस्वती?अपशब्दों का प्रयोग से जलकर नष्ट सारे पुण्य

वाणी मे विराजे सरस्वती?अपशब्दों का प्रयोग से जलकर नष्ट सारे पुण्य प्राचीनम् भारतीय सत्य सनातन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *