मुंबई । NCP चीफ शरदचंद्र पवार को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आयी है। एनसीपी पार्टी सूत्रों की माने तो पवार महाविकास अघाड़ी की वज्रमूठ सभाओं में शामिल नहीं होंगे और भाषण भी नहीं करेंगे। इसलिए यह वजह बताई गयी है कि इन सभाओं में क्षेत्रीय नेताओं द्वारा भाषण किया जाना है। जबकि पवार एक राष्ट्रीय नेता हैं।
शरदचंद्र पवार को लेकर महाराष्ट्र और देश की सियासत में यह बात अक्सर कही जाती है कि राजनीति के चाणक्य के दिमाग में क्या चल रहा है। इसका पता लगा पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। यह बात सिर्फ एक ही व्यक्ति जनता है और वह खुद शरद पवार हैं।गत सोमवार की सुबह शरद पवार ने यह कहकर सबको चौंका दिया था कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन आज है कल रहेगा, इसका पता नहीं है। ऐसे में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में यह गठबंधन कायम रहेगा। इसपर फ़िलहाल कुछ भी नहीं कह सकता। इस बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में हड़कंप मचा दिया था। जिसके बाद संजय राउत और नाना पटोले को एमवीए के समर्थन में उतरकर बयान देना पड़ा था। राउत ने कहा कि शरद पवार के बयान का गलत मतलब निकाला गया। वहीं नाना पटोले ने कहा कि हमारी भूमिका साफ़ है। जो भी बीजेपी के खिलाफ है उसे हम साथ लेकर चलेंगे। अब महाविकास अघाड़ी को लेकर एक और खबर सामने आ रही है। जिसके मुताबिक शरद पवार एमवीए की वज्रमूठ सभाओं में शामिल नहीं होने और न ही भाषण देंगे।
इस जानकारी के बाद फिर यह सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या एमवीए में सब कुछ ठीक है। क्या यह महाविकास अघाड़ी आगामी चुनावों में एक साथ नजर आएगी। या फिर चुनाव के पहले ही इस महागठबंधन में बिखराव आ जायेगा। फ़िलहाल यह सब कुछ भविष्य के गर्भ में है। हालांकि, शरद पवार के वज्रमूठ सभा में शामिल न होने को लेकर यह कहा जा रहा है कि इन सभाओं में स्थानीय नेताओं को भाषण करना है। इसलिए इसमें शरद पवार शामिल नहीं होंगे क्योंकि वह एक राष्ट्रीय नेता हैं।
शरद पवार के लिए यह कोई पहला मामला नहीं है जब उन्होंने गठबंधन की गाइडलाइन से अलग बयान दिया है। इसके पहले अडानी मामले में शरद पवार ने जेपीसी को लेकर अलग बयान दिया था। कांग्रेस से अलग बयान देते हुए उन्होंने कहा था कि जेपीसी की जगह न्यायिक जांच की बात कही थी। तब कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि उन्हें शरद पवार से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं थी।
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वहीं एमवीए का हिस्सा होते हुए भी अजित पवार बीजेपी और पीएम मोदी की तारीफ करते हुए नजर आये थे। वहीं 2024 के चुनावों से पहले एमवीए एकता पर शरद पवार की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को कहा, ‘पवार एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। जब वह कोई बयान देते हैं तो उसका महत्व होता है और वह जो भी कहते हैं उसे गंभीरता से लेना होता है
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