नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन I•N•D•I•A• दल के नेता अंग्रेजों की गुलामी को आमंत्रण दे रहा है।बताते हैं कि इंडिया शब्द यह गुलामी का प्रतीक मायना जा रहा है। बताते हैं कि आज भी अंग्रेज भारत का नाम मिटाकर इंडिया करने की आस लगाए हुए है। जानकारों कई माने तो अंग्रेज नेताओं के सुझावों पर विपक्षी गठबंधन ने अपने दल का नाम इंडिया रखा हैं। इंडियन नाम की खबर से इंग्लैंडवासियों मे हर्ष का वातावरण है? इससे साफ तौर पर जाहिर हैं कि विपक्षी गठबंधन पुन: भारत को अंग्रेजुएट की गुलामी की जंजीरों मे जकड़ना चाहते है। आगामी 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा और राजग को चुनौती देने के लिए 26 विपक्षी दलों ने अपने गठबंधन का नाम तय कर लिया। सभी ने गठबंधन का नाम ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया)’ रखा है।
विपक्षी दलों के गठबंधन के नए नाम ‘INDIA’ पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया कि अंग्रेजों ने देश का नाम ‘इंडिया’ रखा था। हमें औपनिवेशिक विरासतों से राष्ट्र को मुक्त करने के लिए लड़ना चाहिए। असम के सीएम की यह टिप्पणी बंगलूरू में विपक्षी दलों के गठबंधन के नाम के एलान के बाद आई।
मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर कहा कि हमारा सभ्यतागत संघर्ष ‘इंडिया और भारत’ के आसपास केंद्रित है। अंग्रेजों ने हमारे देश का नाम ‘इंडिया’ रखा। हमें औपनिवेशिक विरासतों से खुद को मुक्त करने का प्रयास करना चाहिए। पूर्वजों ने ‘भारत’ के लिए लड़ाई लड़ी थी। हम ‘भारत’ के लिए काम करना जारी रखेंगे। भाजपा ‘भारत’ के लिए है।
इससे पहले आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा और राजग को चुनौती देने के लिए 26 विपक्षी दलों ने अपने गठबंधन का नाम तय कर लिया। सभी ने गठबंधन का नाम ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया)’ रखा। बंगलूरू में विपक्षी दलों की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी ने एक स्वर में नए नाम के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
NDA भारत का प्रतिनिधित्व करता है: सुशील मोदी
वहीं, भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि नाम बदलने से कुछ नहीं होता। नाम बदलने से चेहरा नहीं बदलता। इंडिया का मुकाबला तो भारत करेगा। भारत का मतलब है यहां की संस्कृति, सभ्यता, यहां के गरीब व गांव में रहने वाले लोग। पश्चिमी संस्कृति का अनुसरण करने वाले कुछ लोग इंडिया का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह लड़ाई वर्षों से चली आ रही है, भारत की ही जीत होगी, क्योंकि NDA भारत का प्रतिनिधित्व करता है।
सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार को लगा था कि उन्हें संजोयक या विपक्ष का चेहरा घोषित किया जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं इसलिए वे चले गए। वे चार्टर प्लेन से आए थे, अगर 2 घंटे बाद भी निकलते तो कुछ नहीं होता। उन्हें वहां शायद वह सम्मान नहीं मिला, जिसकी वे उम्मीद कर रहे थे जिसके चलते वे और लालू यादव वहां से निकल गए।
प्रधानमंत्री पद खाली नहीं है: दिलीप घोष
विपक्षी गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) क्या टीएमसी के भ्रष्टाचार एवं हिंसा का समर्थन करती हैं। देश के लोग सुशासन एवं सुरक्षा के मामले में भाजपा पर भरोसा करते हैं तथा प्रधानमंत्री पद खाली नहीं है।
संख्याबल में एनडीए और इंडिया में कौन मजबूत?
सत्तापक्ष और विपक्ष के गठबंधनों के शक्ति-प्रदर्शन के बीच लोगों के मन में एक सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर मौजूदा समय में किस गठबंधन के पास कितने सांसद है? अगर 38 राजनीतिक दलों वाले एनडीए की बात करें तो इनके पास लोकसभा में 332 और राज्यसभा में 105 सांसद हैं। इनके मुकाबले में नए विपक्षी गठबंधन इंडिया के पास लोकसभा में 141 और राज्यसभा में 93 सांसद हैं।
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