पति के लिए प्यार सिर्फ दिखावा था : दरअसल दौलत से था प्रेम
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
औरैया। औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम सियापुर निवासी प्रगति भले ही चार साल से दिलीप से प्रेम संबंधों में बंधी रही हो, लेकिन यह महज दिखावा रहा। दरअसल, उसकी नजर दिलीप की दौलत पर थी। क्योंकि औरैया के हजियापुर निवासी प्रेमी अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव को जब प्रगति और दिलीप की प्रेम कहानी के बारे में पता चला तो उसने विरोध जताया। इस पर प्रगति ने कहा था कि शादी करने के बाद दिलीप को रास्ते से हटा देंगे, इसके बाद उसकी संपत्ति अपनी हो जाएगी। फिर मजे से जिंदगी काटेंगे। यह बात खुद दोनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कबूल की है। एसपी अभिजित आर शंकर ने बताया कि प्रगति की बहन पारुल की शादी मैनपुरी निवासी संदीप से हुई थी। कारोबारी परिवार में शादी होने से पारुल काफी खुश थी। इसलिए परिजन ने संदीप के भाई दिलीप से छोटी बेटी प्रगति की भी शादी तय कर दी थी। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग भी चल रहा था। हालांकि किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि प्रगति के दिमाग में इतनी बड़ी साजिश चल रही है। शायद पारुल को अनुराग और प्रगित के प्रेम के बारे में पता था। उसे अंदेशा था कि यह शादी लंबे समय तक नहीं चलेगी। तभी उसने शादी का विरोध भी किया था।
चौथी पर विदा होकर आने के बाद प्रगति और प्रेमी अनुराग 17 मार्च को औरैया के ही एक होटल में मिले। यहीं पर दोनों ने दिलीप को हटाने के लिए साजिश रची। अनुराग खुद उसे मारना नहीं चाहता था। उसने भाड़े के हत्यारों से हत्या कराने की बात कही। इस पर प्रगति पैसे देने के लिए तैयार हो गई। उसने 12 मार्च को ही गैंगेस्टर एक्ट में जेल से छूटकर आए अछल्दा निवासी रामजी नागर उर्फ चौधरी से संपर्क किया। रामजी नागर के खिलाफ पहले से दस केस दर्ज हैं। पेशगी के तौर पर सुपारी किलर को प्रगति ने ही एक लाख रुपये अनुराग के माध्यम से पहुंचाए। वारदात को अंजाम देने के लिए 19 मार्च का दिन तय हुआ।
प्रगति का पति दिलीप हाइड्रा लेकर उमर्दा गया था। वहां काम पूरा करके उसने भाई को फोन किया था कि वह लौट रहा है। इस बीच पत्नी वाट्सएप कॉल कर पति से उसकी लोकेशन लेती रही और अनुराग से साझा करती रही। उमर्दा से पटना तक उसकी कई बार पति व प्रेमी से व्हाट्सएप कॉल पर बात हुई। पटना में स्थित होटल में दिलीप बैठा था। मगर वहां कई लोगों के होने की वजह से सुपारी किलर पहचान नहीं पा रहे थे। इस पर प्रेमी अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा। और इशारे से सुपारी किलर को टारगेट दिखाया। इसके बाद दोनों वहां से लौट गए।
पहचान होने के बाद सुपारी किलर दिलीप से मिले। उसे गाड़ी फंसने का झांसा देकर अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गए। बाइक पकड़ा गया सुपारी किलर नागर चला रहा था। घटनास्थल पर पहले से तीन आरोपी मौजूद थे। दिलीप के पहुंचते ही पहले चारों ने पीट-पीटकर उसे मरणासन्न कर दिया। इसके बाद नागर ने पीछे से कनपटी पर गोली मार दी और मरा समझकर भाग निकले। लोगों की सूचना पर दिलीप को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसने 22 जनवरी को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। होटल के पास से दिलीप को नागर बाइक से लेकर गया था। सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर नागर दिलीप को ले जाते नजर आ गया। इस पर पुलिस ने सबसे पहले उसे गिरफ्तार किया। उसके कबूलनामे के आधार पर अनुराग और फिर प्रगति को पकड़ लिया गया।
फफूंद थानाक्षेत्र के सियापुर गांव की रहने वाली प्रगति के घर से अनुराग का घर पांच सौ मीटर की दूरी पर है। पुलिस के मुताबिक अनुराग ट्रैक्टर चलाता है। जबकि उसका पति दिलीप करोड़पति कारोबारी था। परिवार के पास 12 हाइड्रा, दस क्रेन हैं। पूरे इलाके में क्रेन और हाइड्रा का कारोबार दिलीप के परिवार के पास ही था। सलाखों के पीछे पहुंची प्रगति ने पुलिस के सामने कहा कि परिवार वालों को जब उसके अफेयर की जानकारी हुई, तब उन लोगों ने उसकी शादी दिलीप से बिना उसकी मर्जी के करा दी। हालांकि प्रगति के भाई का कहना है कि उसके अफेयर की किसी को जानकारी नहीं थी। उसने खुद ही दिलीप से शादी करने की मंशा जाहिर की है
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