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मुंबई में शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का चातुर्मास प्रारंभ

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मुंबई में शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का चातुर्मास प्रारंभ

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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मुंबई ।चातुर्मास व्रत पूर्ण करने के लिए ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी सरस्वती महाराज का अपने विशेष शिष्यों के साथ 10 जुलाई को ही मुंबई में आगमन हो चुका हैं

*चातुर्मास स्थल मुंबई का पता बोरीवली पश्चिम, कोरा केंद्र मैदान है.*

यह कार्यक्रम 10 जुलाई से 7 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है. यहां नित्य प्रतिदिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज अपनी ओजस्वी अमृत वाणी भगवत प्रवचन करेंगे.

शंकराचार्य के लिए मुंबई के कोरा केंद्र परिसर में विशेष चातुर्मास आवास की व्यवस्था की गई है. वहां आश्रम कुटी का निर्माण किया जा चुका है. स्वामी जी के प्रवचन, साधना सत्र, दर्शन और शिष्य संवाद के कार्यक्रम अगले दो महीनों तक चलेंगे. मुंबई और आसपास के श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं.

20 दिन पूर्व शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का 23वां चातुर्मास व्रत अनुष्ठान इस बार मुंबई में होने जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए आज वह वाराणसी से मुंबई आगमन हो चुका। 10 जुलाई से व्रत महामहोत्सव की शुरुआत हुई और 7 सितंबर को चातुर्मास का समापन होगा।

शंकराचार्य के चातुर्मास व्रत अनुष्ठान के मुख्य यजमान सन्माननीय श्रीयुक्त अंबानी परिवार रहेगा। स्वस्ति श्री त्रिवेणी फाउंडेशन की ओर से होने वाले चातुर्मास व्रत महामहोत्सव का भूमि पूजन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर 11 जून को हो चुका है।

10 से ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के चातुर्मास व्रत महामहोत्सव की शुरुआत 10 जुलाई को मुंबई बोरीवल पश्चिम कोरा केंद्र मैदान में प्रारंभ हो गया है।

शंकराचार्य के गोमाता राष्ट्रमाता अभियान के तहत सबसे पहले महाराष्ट्र में गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया गया है और प्रदेश के गोभक्त सनातनियों के निष्ठापूर्ण निवेदन पर शंकराचार्य का चातुर्मास मुंबई में हो रहा है। श्री विद्यामठ के श्री शंकराचार्य उत्सव सेवालय की ओर से चातुर्मास व्रत महामहोत्सव के लिए देश भर के श्रद्धालुओं को आमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है।

गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए हो रहा आवाहन व्रत महामहोत्सव में अंबानी परिवार के साथ ही मुंबई की कई नामचीन हस्तियां भी शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगी। शिष्य प्रतिनिधि प्रत्यक् चैतन्य मुकुंदानंद गिरि के अनुसार शंकराचार्य के चातुर्मास व्रत की शुरुआत गुरु पूर्णिमा को 10 जुलाई से हो चुका है।

चातुर्मास महोत्सव में गो प्रतिष्ठा महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। गोमाता के शरीर में विराजमान 33 कोटि देवताओं की संतुष्टि और गोहत्या का कलंक मिटाकर गोमाता को राष्ट्रमाता के पद पर प्रतिष्ठित करने के लिए शंकराचार्य ने 33 करोड़ आहूतियों का संकल्प लिया है। इसमें से दो करोड़ 61 लाख आहुतियां प्रयागराज के महाकुंभ आयोजित गो प्रतिष्ठा महायज्ञ में दी जा चुकी हैं।

चातुर्मास के दौरान मनाए जाएंगे त्योहार चातुर्मास व्रत के दौरान धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज की जयंती और जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का वर्द्धापन दिवस श्रावण शुक्ल द्वितीया 26 जुलाई को मनाया जाएगा। श्रावणी उपाकर्म, रक्षासूत्र बंधन श्रावण पूर्णिमा पर नौ अगस्त को, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर 16 अगस्त और तीन दिवसीय श्रीविद्यासाधना शिविर भाद्रपद कृष्ण द्वादशी 18 अगस्त से 20 अगस्त तक चलेगा।

मठ से पालकी पर सवार होकर निकलने शंकराचार्य। –

मठ से पालकी पर सवार होकर निकलने शंकराचार्य।

बिहार विधानसभा चुनाव और गौ रक्षा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि कोई भी राजनीतिक दल गौ रक्षा के लिए सतपात्र नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में कोई ऐसा दल नहीं जो गौ माता की रक्षा की बात करे। इसलिए सभी सीटों पर गौ भक्त उम्मीदवार खड़े होंगे और

यह कार्यक्रम गौ रक्षा और विश्वकल्याण के लिए है. श्रद्धालु इस कार्यक्रम में सत्संग और शांति के लिए आ सकते हैं. इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में आत्मकल्याण और राष्ट्रकल्याण के लिए भी जुड़ने का अवसर है, साथ ही माँ मुंबा देवी और सिद्धिविनायक के दर्शन भी करेंगै.

काशी में मनुस्मृति पर व्याख्यान पूर्ण कर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुकेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज अपना 23वां चातुर्मास व्रत अनुष्ठान पूर्ण करने हेतु आज सोमवार को काशी से सड़कमार्ग द्वारा बाबतपुर पहुंचकर वायुमार्ग द्वारा मुंबई हेतु प्रस्थान किया था। इस दौरान भारी संख्या में काशीवासी भक्तों व संतों ने पुष्पवर्षा कर जयघोष किया व भक्तों के प्रार्थना पर श्रीविद्यामठ से शंकराचार्य जी महाराज पालकी पर भी आरूढ़ होकर कुछ दूर तक गए।

उक्त जानकारी देते हुए शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों के मारे जाने से मर्माहत शंकराचार्य जी महाराज अपना समस्त कार्यक्रम दो महीने हेतु स्थगित कर काशी आ गए थे और मनुस्मृति पर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने व उसके महत्व को निरूपित करने हेतु मनुस्मृति पर व्याख्यान दिया है।

शंकराचार्य जी महाराज के मुंबई में आहूत चातुर्मास व्रत के दौरान विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे।सर्वप्रथम 9 जुलाई को मध्याह्न 3 बजे वझिरा गणेश मंदिर बोरीवली से दिव्य भव्य कलश यात्रा व शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें भारी संख्या में मुम्बई वासियों सहित पूरे देश से उपस्थित भक्त व सन्त सम्मलित हुए।चातुर्मास व्रत के दौरान नित्य प्रातः 108 विशेष शिवलिंगों का अभिषेक किया गया,वेदांत वर्ग का आयोजन हहुआ,शाम को भक्तों हेतु शंकराचार्य जी महाराज ने अपनी ओजस्वी अमृत वाणी से प्रवचन किया व इसके अतिरिक्त दिनभर पूजन अर्चन-भजन कीर्तन चलता रहा।चार्तुमास व्रत पर्यंत श्री गोप्रतिष्ठा महायज्ञ प्रारंभ होन की खबर है जिसमें 33 करोड़ आहुति डालने का संकल्प लिया गया है।

शंकराचार्य जी महाराज के प्रस्थान के दौरान साध्वी पूर्णाम्बा दीदी, ब्रम्ह्चारी परमात्मानंद, प्रभुदत्त शुक्ला, रमेश उपाध्याय, सतीश अग्रहरी, आशीष गुप्ता, किशन जायसवाल, जयफणी वर्धन, दीपेंद्र सिंह, रामचन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में सन्त व भक्त उपस्थित थे

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