तहसीलदार पर वरिष्ठ वकील के साथ अभद्रता-दुर्व्यवहार का आरोप
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
छिंदवाड़ा। 17 जुलाई 2025 को छिंदवाड़ा न्यायालय तहसील कार्यालय में एक सनसनीखेज घटना सामने आई जब तहसीलदार राजेश मरावी द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता रामकुमार भारद्वाज के साथ अभद्र व्यवहार करने और न्यायालय कक्ष से बाहर निकालने का आरोप लगाया गया है। यह विवाद उस समय उत्पन्न हुआ जब अधिवक्ता अपने पक्षकार अनिल मालवीय (उपाध्यक्ष, श्री केसरी नंदन हनुमान मंदिर सेवा समिति ट्रस्ट, पंजीयन क्रमांक 58/14, तिलक मार्केट, स्टेशन रोड) के साथ एक आवेदन प्रस्तुत करने न्यायालय तहसील छि न्दवाडा पहुंचे।
अधिवक्ता के अनुसार, तहसीलदार ने पहले तो आवेदन लेने से इनकार कर दिया और कहा कि “जो मुझे लिखना था वो मैंने लिख दिया, अब रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहूंगा।” अधिवक्ता द्वारा यह कहे जाने पर कि “आप आवेदन लेने से इनकार नहीं कर सकते”, तहसीलदार ने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए उन्हें “बाहर निकलने” के लिए कहा। इसके बाद चपरासी को बुलाकर अधिवक्ता को न्यायालय कक्ष से बाहर निकालने का प्रयास किया गया।यह पूरी घटना न्यायालय परिसर में मौजूद कई व्यक्तियों ने देखी और सुनी है। अधिवक्ता भारद्वाज ने इस व्यवहार को न केवल अपमानजनक बताया बल्कि इसे एक वरिष्ठ अधिवक्ता की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया है। अधिवक्ता के एक समूह ने तत्काल कलेक्टर छिंदवाड़ा को आवेदन प्रस्तुत कर इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच व आवश्यक कार्यवाही की मांग की है।
ट्रस्ट उपाध्यक्ष अनिल मालवीय ने भी तहसीलदार के इस अभद्रता और दुर्व्यवहार को अनुचित और निंदनीय बताया है।यह घटना तहसील न्यायालय की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया की मर्यादा पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। अधिवक्ता संघ और संबंधित विभाग इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। इस संबंध में तहसीलदार राजेश मरावी से फोन किया गया पर उन्होंने काल रिसीव नहीं किया उनका पक्ष जांच के बाद सामने आ पाएगा। बताते हैं कि यह कार्यपालक दण्डाधिकारी तहसीलदार महोदय अज्ञात कारणों से न्यायालयीन कामकाज के समय तनाव मे रहते हैं?अनावश्यक कर्मचारियों पर चिडचिड करते हैं. कभी पटवारियों को अपने कक्ष में बुलाकर डाट फटकार लगाते रहते हैं?
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