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छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी में अपराधी गिरफ्तार

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छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी में अपराधी गिरफ्तार

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

 

रायपुर। छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर के उरला थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े एक गंभीर मामले में आरोपी मोहम्मद शाहिद (22 वर्ष) को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी पर आईटी एक्ट की धारा 67(b) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। उरला थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में आरोपी मोहम्मद शाहिद, पिता मोहम्मद साहिम हुसैन, निवासी शुक्रवारी बाजार, बिरगांव, थाना उरला, जिला रायपुर को Al प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत छात्रों एवं कर्मचारियों को मिला जीवनरक्षक प्रशिक्षण गिरफ्तार किया गया। पुलिस को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जानकारी मिली थी कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर नाबालिग बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का संग्रहण और प्रसार कर रहा था। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने इंस्टाग्राम जैसे ऑनलाइन समूहों में सामग्री साझा की थी। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें संदेहास्पद सामग्री मिली है। मोबाइल का फोरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने कितने समूहों में सामग्री साझा की और उसका नेटवर्क कितना बड़ा है। आरोपी पर आईटी एक्ट की धारा 67(b) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस धारा के तहत नाबालिगों से संबंधित अश्लील सामग्री का संग्रहण, प्रसारण या साझा करना अपराध है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। उरला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ली बैठक उरला थाना पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें ऐसी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी मिले तो वे तुरंत संबंधित थाना या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। पुलिस ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है और नाबालिगों से संबंधित अश्लील सामग्री का संग्रहण, प्रसारण या ऑनलाइन सर्च करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले ने डिजिटल अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। सोशल मीडिया और इंटरनेट का गलत उपयोग बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई कर यह संदेश दिया गया है कि ऐसे अपराधों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी। साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवारों और समाज को सतर्क और सावधान रहना होगा।

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