मुंबई में DCM अजित पवार लडेंगे अकेले चुनाव
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
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मुंबई। -BMC चुनाव में उप मुख्य मंत्री अजीत दादा पवार ने अकेले चुनाव लडने का चुनाव के चलते 37 उम्मीदवार की पहली लिस्ट जारी कर दी है और एनसीपी ने कहा कि अजित पवार ने कभी भी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया है. उनकी स्पष्ट और सशक्त विचारधारा की वजह से बड़ी संख्या में लोग एनसीपी से जुड़ना चाहते हैं, और हम उन्हें पार्टी के माध्यम से अवसर दे रहे हैं.
एनसीपी (अजित पवार) ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का निर्णय लिया है और पहली सूची में 37 उम्मीदवार घोषित कर दिएपार्टी कुल 227 सीटों में से लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, बाकी उम्मीदवारों की सूची बाद में जारी होगीउम्मीदवार चयन में नगरसेवकों को प्राथमिकता दी गई है तथा युवाओं और महिलाओं को विशेष प्रतिनिधित्व दिया गया है
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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं. इसी कड़ी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी – अजित पवार गुट) ने अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. एनसीपी विधायक सना मलिक ने इस घोषणा के साथ ही पार्टी की चुनावी रणनीति और गठबंधन से जुड़े रुख को भी स्पष्ट किया.DCM अजीत दादा पवार ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का फैसला ले लिया है. सना मलिक ने कहा कि पार्टी ने यह निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के निर्देशों के अनुसार लिया है. उन्होंने कहा, “हमने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है और उसी के तहत 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की गई है.”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनसीपी बीएमसी की कुल 227 सीटों में से करीब 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शेष उम्मीदवारों की सूची जल्द जारी की जाएगी.
गठबंधन राजनीति पर टिप्पणी करते हुए सना मलिक ने कहा कि चाहे महायुति हो या महाविकास आघाड़ी (MVA), अजित पवार ने कभी भी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया है. उनके अनुसार, “अजित पवार की स्पष्ट और सशक्त विचारधारा की वजह से बड़ी संख्या में लोग एनसीपी से जुड़ना चाहते हैं, और हम उन्हें पार्टी के माध्यम से अवसर दे रहे हैं.”सना मलिक ने बताया कि पहली सूची में पार्टी की रणनीति साफ तौर पर दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन में मौजूदा नगरसेवकों को प्राथमिकता दी गई है. युवाओं को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया है. महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का विशेष ध्यान रखा गया है. उन्होंने दावा किया कि यह संतुलन पहली सूची में स्पष्ट रूप से नजर आता है.
महायुति में नवाब मलिक को लेकर चल रही असहजता और नाराज़गी के सवाल पर सना मलिक ने दो टूक जवाब दिया. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि संगठन पार्टी की अपनी नीति और निर्णयों के अनुसार चलेगा. उन्होंने कहा, “मुंबई चुनाव समिति के प्रमुख नवाब मलिक के नेतृत्व में ही पार्टी काम कर रही है और उसी के तहत आज हमारी पहली सूची जारी की गई है.” नहीं बनी चाचा भतीजे में बात! सीट बंटवारे पर NCP अजित पवार ने 2 शर्तें रखी है जिसे लेकर शरद पवार भड़क उठे है.
एनसीपी (अजित पवार गुट) का बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का फैसला मुंबई की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है. एक तरफ जहां महायुति और विपक्ष अपने-अपने गठबंधन को मज़बूत करने में जुटे हैं, वहीं एनसीपी का यह कदम उसे एक स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
अब सभी की निगाहें एनसीपी की अगली उम्मीदवार सूची और इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी किस तरह से मुंबई की सियासत में अपनी ताकत बढ़ाने में सफल होती है.
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