स्पा सेंटरों मे देहव्यवसाय : महाराष्ट्र कें अकोला में विदेशी लडकीया
टेकचंद्र शास्त्री:
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नई दिल्ली। भारतवर्ष के विभिन्न शहरों जैसे नागलोई नई दिल्ली, आगरा, मेरठा,कानपुर, रामपुर,मथुरा,भोपाल, इंदौर,जबलपुर, इत्यादि अनेकानेक शहरों में स्पा सेंटरों की आड़ में चल रही अवैध गतिविधियों को लेकर पुलिस लगातार छापामार कार्रवाई करती रहती है। हालिया (अप्रैल 2026 तक) सामने आई खबरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के रामपुर, नोएडा, बिलासपुर और पुणे जैसे शहरों में पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की है। महाराष्ट्र कें अकोला कें एक स्पा सेंटर पर विदेशी लडकीया मिली है!
हालिया छापामार कार्रवाई के मुख्य बिंदु (2025-2026):
रामपुर (उत्तर प्रदेश) में अप्रैल 2026 में, रामपुर पुलिस ने सिविल लाइंस क्षेत्र में बिना NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और लाइसेंस के चल रहे 6 स्पा सेंटरों पर छापेमारी की और उन्हें सील कर दिया। इन सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां होने का शक था, जिसके बाद पुलिस ने 2 संचालकों को गिरफ्तार किया और अन्य पर भी कार्रवाई की.
नोएडा (सेक्टर-49): फरवरी 2026 में, पुलिस और मानवाधिकार आयोग की टीम ने मसाज पार्लरों में देह व्यापार की शिकायत पर छापेमारी की, जहां से कई युवतियों और युवकों को हिरासत में लिया गया। जांच में WhatsApp के जरिए अवैध रैकेट चलाने का खुलासा हुआ ह.
बिलासपुर (छत्तीसगढ़): बिलासपुर पुलिस ने जनवरी 2026 में 36 मॉल समेत पांच प्रमुख स्पा सेंटरों में देर रात दबिश दी, जिसमें संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर पांच संचालकों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें हिदायत दी गई.
पुणे (महाराष्ट्र): पुणे में भी खराडी और कोरेगांव पार्क जैसे इलाकों में पुलिस ने स्पा की आड़ में चल रहे वेश्यावृत्ति रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इन छापों में मसाज पार्लर संचालकों को गिरफ्तार किया गया और महिलाओं को रेस्क्यू किया गया.
इटावा (उत्तर प्रदेश): फरवरी 2026 में, इटावा में एक अवैध स्पा सेंटर से मैनेजर और चार युवतियों (जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल थी) को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस की घूसखोरी कार्रवाई के कारण के अवैध गतिविधियां: स्पा सेंटर के अंदर मसाज की आड़ में देह व्यापार बखूबी से चल रहा है.
बिना अनुमति और बिना वैध लाइसेंस, NOC या बिना नगर निगम की मंजूरी के स्पा सेंटर चलाना पड रहा है.व्यापारपेठ और कल कारखानों मे कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन न होना और ग्राहकों का रिकॉर्ड न रखना। इसी वजह से अवैध धंधे फलफूल रहे हैं.
इन छापों का उद्देश्य मात्र खानापूर्ति औपचारिकता के तौर पर शहरों में कानून व्यवस्था बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर ध्यान रखना पुलिस प्रशासन और राजनीति का उद्देश्य रहा हैं.
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