नागपुर। एक तरफ महाराष्ट्र में बारिश की भविष्यवाणी की गई है, लेकिन कुछ जिलों में अभी तक गर्मी से लोगों का हाल बेहाल हो रहे है।परंतु जुलाई और अगस्त माह मे ऐसे में जानते हैं कि महाराष्ट्र में किन जिलों को बारिश की चेतावनी दी गई है और किन जिलों को गर्मी पड़ने की बात कही गई है।
महाराष्ट्र में इस बार मानसून में हो रही है देरी चल रहा है।
मुंबई, कोंकण समेत कई जगह हल्की बौछारें पडेंगी।
मुंबई: महाराष्ट्र के एक हिस्से में बेमौसम बारिश हुई और फिर चक्रवाती तूफान आ गया। इन सबके बीच जनता चिंतित हैं क्योंकि मानसून में देरी हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को भविष्यवाणी की थी कि महाराष्ट्र और देश में रुकी मानसून यात्रा 23 जून से फिर से शुरू हो सकती है। इस बीच मुंबई, कोंकण समेत अलग-अलग जगहों पर हल्की बौछारें पड़ रही हैं। वहीं आसमान में भी बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र में गर्मी बढ़ने के कारण लू के थपेड़े भी पड़ रहे हैं। आज (16) मौसम विभाग ने मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने आज नंदुरबार, जलगांव और धुले शहरों में बारिश होने का अनुमान जताया है।
किन जिलों में बारिश होगी और कहां रहेगा सूखा?
मौसम विभाग की माने तो मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, कोल्हापुर, सतारा, नासिक, अहमदनगर, औरंगाबाद, जालना, परभणी और आसपास के जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं सांगली, सोलापुर, बीड, लातूर, अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम, यवतमाल जिलों में संतुलनात्मक वारिस होने की संभावनाएं है।। फिलहाल जून महिना में यहां को लोगों को भीषण गर्मी झेलनी पड़ रहा है।
बारिश के इंतजार का एक और हफ्ता?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार जुलाई में दक्षिण पश्चिम मानसून की आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां विकसित हो रही हैं। लेकिन गुरुवार को जारी अगले चार सप्ताह के पूर्वानुमान के अनुसार 6 से 10 जुलाई के सप्ताह के दौरान राज्य में जोरदार बारिश की संभावना भी है। मॉडल के अनुसार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में औसत से अधिक बारिश होने की संभावना है।
कब होगी मानसून की बारिश
मौसम विभाग के अधिकारी अनुपम कश्यपी ने बताया कि महाराष्ट्र से केरल तक अरब सागर में दबाव बनने से अरब सागर में मानसून को बढ़ावा मिलेगा। जुलाई मे पुणे और मुंबई में मानसून प्रवेश कर चुका है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के उत्तरी हिस्से के साथ-साथ विदर्भ में भी मानसून के प्रवेश के लिए हमें कुछ और समय का इंतजार करना पडेगा?
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