Breaking News

कुत्तों के साथ अलिंगन और चुंबन से जोखिम

Advertisements

कुत्तों के साथ अलिंगन और चुंबन से जोखिम

Advertisements

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

Advertisements

 

नई दिल्ली।भारतीय पशु वैधकीय विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते को आलिंगन या चुंबन करने से कुछ स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। कुत्तों के मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं, जिनमें से कुछ मनुष्यों में संक्रमण फैला सकते हैं. विशेष रूप से, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों, जैसे कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग, और गर्भवती महिलाओं को इन संक्रमणों से बचना चाहिए. क्योंकि कुत्ते से अलिंगन चुंबन से बडा खतरा अधिक हो सकता है. कुत्ते को चूमने या चाटने से होने वाले संभावित नुकसान होते है.कुत्तों के मुंह में 600 से अधिक विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं. इनमें से कुछ बैक्टीरिया मनुष्यों में संक्रमण फैला सकते हैं, जैसे कि पेरियोडोंटाइटिस (मसूड़ों की बीमारी).जूनोटिक बीमारियां घर कर सकती है

कुत्तों से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों को जूनोटिक बीमारियां कहा जाता है। इनमें से कुछ बीमारियां गंभीर हो सकती हैं, जैसे कि सेप्टिसीमिया रक्त विषाक्तता जैसी एलर्जी हो सकती है .कुछ लोगों को कुत्तों के लार या फर से एलर्जी हो सकती है.

व्यवहार संबंधी समस्याएं: कुछ कुत्तों को गले लगना या चुंबन पसंद नहीं होता है, और वे इस तरह के व्यवहार से असहज या डरे हुए महसूस कर सकते हैं.

सुरक्षा उपाय:कुत्ते को न चूमना:कुत्तों को चूमने या चाटने से बचने से संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है.

कुत्ते को हाथ धोना ठीक नहीं है.पालतू जानवरों को छूने के बाद अपने हाथ धोना महत्वपूर्ण है.

सफाई: अपने घर और पालतू जानवरों के रहने की जगह को साफ और स्वच्छ रखना भी महत्वपूर्ण है.

चिकित्सा देखभाल:यदि आपको लगता है कि आपको कुत्ते से कोई संक्रमण हुआ है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें.

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुत्तों को चूमना या चाटना हमेशा हानिकारक नहीं होता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है. यदि आप अपने पालतू जानवर से प्यार करते हैं, तो आप उन्हें सहलाने, उनके साथ खेलने, या उनके पसंदीदा खिलौने के साथ खेलने जैसे अन्य तरीकों से भी प्यार दिखा सकते हैं.

कुत्ता काटने के नुकसान

 

कुत्ते के काटने से रेबीज (Rabies) नामक बीमारी हो सकती है, जो एक गंभीर वायरल संक्रमण है। यह वायरस संक्रमित जानवर की लार में पाया जाता है और काटने या खरोंचने के माध्यम से फैलता है. रेबीज एक घातक बीमारी है, और यदि इसका इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा हो सकती है.

रेबीज के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें जानना जरुरी है.

वायरस: रेबीज वायरस (Lyssavirus) कुत्ते, बिल्ली, चमगादड़ और अन्य जंगली जानवरों की लार में पाया जाता है.

कैसे फैलता है:संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से यह वायरस मनुष्यों में फैलता है.

रेबीज के लक्षण:बुखार सिरदर्द,कमजोरी,बेचैनी और पानी से डर लगने लगता है (हाइड्रोफोबिया) दौरे,लकवा

उपचार: रेबीज का टीका और इम्यून ग्लोब्युलिन उपलब्ध है, जो काटने के बाद तुरंत दिया जाता है.

रोकथाम: कुत्तों का टीकाकरण करवाना और काटने से बचना रेबीज को रोकने के महत्वपूर्ण तरीके हैं. यदि जिस किसी को कुत्ते ने काटा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और रेबीज का टीका लगवाना जरुरी है.

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

भारतात येणार ‘कॅन्सर’ची लाट : पोट, तोंडाचे कॅन्सररुग्ण सर्वाधिक

बदलती जीवनशैली आणि चुकीच्या सवयींमुळे कर्करोगाचे प्रमाण दिवसेंदिवस वाढतच चालले आहे. दरवर्षी जगभरात एक कोटीहून …

उशी ठरतेय मान-डोकेदुखीचं कारण

शांत झोप प्रत्येकासाठी आवश्यक असते. पण जर तुम्हाला सकाळी उठल्यावर मानेमध्ये जडपणा, खांदेदुखी, डोकेदुखी किंवा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *