हमारी सेनाएं बहुत बलशाली है!राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेताया
टेकचंद्र शास्त्री:
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेताया कि हमारी सेनाएं बहुत बलशाली और ताकतवर है.ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने एक तरह से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को चेता भी दिया कि वो अपनी हरकतों से बाज आए.अन्यथा परिणाम कुछ भी हो सकता है.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बल और भी बहुत कुछ कर सकते थे। हालांकि, उन्होंने बेहद संयम बरता। उन्होंने जानबूझकर संयमित और संतुलित प्रतिक्रिया का विकल्प चुना। उन्होंने यह भी बताया कि मई में हुए इस सैन्य अभियान ने दिखाया कि कैसे भारतीय सेना ने बिना किसी बड़े टकराव के आतंकी खतरों को खत्म करने की अपनी ‘क्षमता’ और ‘अनुशासन’ का प्रदर्शन किया।
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर कह दी बड़ी बात जिससे पाकिस्तान की पूरी हेकड़ी निकल गई.
राजनाथ सिंह का बड़ा बयान
राजनाथ सिंह ने रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से पूरी की गई 125 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसी के उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमने अपने सशस्त्र बलों, नागरिक प्रशासन और सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के बीच जो समन्वय देखा, वह अविश्वसनीय था। मैं लद्दाख और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक के प्रति हमारे सशस्त्र बलों को अपना समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। यह समन्वय ही हमारी पहचान है। हमारा आपसी बंधन ही हमें दुनिया में सबसे अलग पहचान देता है।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
ऑपरेशन सिंदूर, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को शुरू किया गया था, जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे और 26 लोगों की जान चली गई थी। भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से चलाए गए ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाना था। रक्षामंत्री ने कहा कि कुछ ही महीने पहले, हमने देखा कि कैसे पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के जवाब में, हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और दुनिया जानती है कि उन्होंने आतंकवादियों के साथ क्या किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि बेशक, अगर हम चाहते तो और भी बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन हमारे सशस्त्र बलों ने ना केवल वीरता, बल्कि संयम का भी परिचय दिया और केवल वही किया जो जरूरी था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतना बड़ा ऑपरेशन मजबूत कनेक्टिविटी के कारण ही संभव हो पाया। हमारे सशस्त्र बल समय पर रसद पहुंचाने में सक्षम थे। सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ संपर्क भी बनाए रखा गया, जिससे ऑपरेशन सिंदूर को ऐतिहासिक सफलता मिली है।
बेहतर कनेक्टिविटी का असर
रक्षामंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुरक्षा को कई तरह से बदलरही है और सैनिकों को दुर्गम इलाकों में अधिक प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बना रही है। आज, हमारे सैनिक दुर्गम इलाकों में मजबूती से खड़े हैं क्योंकि उनके पास सड़कें, वास्तविक समय की संचार प्रणाली, उपग्रह सहायता, निगरानी नेटवर्क और रसद कनेक्टिविटी उपलब्ध है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा पर तैनात एक सैनिक का हर मिनट, हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए, कनेक्टिविटी को केवल नेटवर्क, ऑप्टिकल फाइबर, ड्रोन और रडार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षा की रीढ़ माना जाना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर वह देश के किसी भी कोने में सशस्त्र बलों से मिल पाते हैं, तो यह मजबूत संचार नेटवर्क और कनेक्टिविटी की वजह से ही संभव है। संचार को सिर्फ बुनियादी ढांचे के लिहाज से नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक बहुत व्यापक शब्द है। शांति, सद्भाव और समाज की समझ के लिए संचार जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास लद्दाख समेत सभी सीमावर्ती इलाकों के साथ संचार और कनेक्टिविटी को मजबूत करना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीमावर्ती इलाकों के समग्र विकास के लिए पूरे उत्साह से काम कर रही है।
कनेक्टिविटी नेटवर्क, मजबूत संचार का जीडीपी कनेक्शन
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार, हमारे सशस्त्र बल और बीआरओ जैसे संगठन आपके साथ खड़े हैं। हमें बस इस संबंध को मजबूत करते रहना है ताकि हमारे संबंध किसी बाहरी तत्व से प्रभावित ना हो। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी ना सिर्फ सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति दे रही है। वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि मजबूत संचार और कनेक्टिविटी नेटवर्क एक प्रमुख कारक रहे हैं, जिसे सरकार की विकास-समर्थक नीतियों और राष्ट्रव्यापी सुधारों का समर्थन प्राप्त है
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