खून खराबा रोकने: अमेरिकी सांसदों ने दी मोहम्मद युनूस को चेतावनी
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
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नई दिल्ली भारत का पडोसी दुश्मन मुल्क बांग्लादेश की ‘आवामी लीग से बैन हटाओ,और खून खराबा रोका जाए? वरना ठीक नहीं होगा? अमेरिकी सांसदों ने मोहब्बत युनूस को चेतावनी दे दी है.
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस की बढ़ती तानाशाही पर लगाम लगाने के लिए अमेरिकी सांसदों ने उन्हें एक पत्र लिखा है. इस पत्र में कुछ ऐसी मांग की गई है जिससे चुनाव से पहले शेख हसीना के बांग्लादेश वापसी के रास्ते खुल सकते है
बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले आम चुनावों से पहले पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी के आसार बनते नजर आ रहे हैं. दरअसल, अमेरिका के सांसदों ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस को एक पत्र लिखकर आवामी लीग पर से बैन हटाने की मांग की है. पत्र में अमेरिकी सांसदों ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत होनी चाहिए. अमेरिकी सांसदों ने चेतावनी दी है कि एक देश की एक बड़ी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देने से लोकतंत्र कमजोर होता है.
पाक-बांग्लादेश में कुछ तो खिचड़ी पक रही है,
छात्र आंदोलन के बाद बैन लगा था
आपको बता दें कि जुलाई महीने में हुए विद्रोह के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने आवामी लीग और बांग्लादेश स्टूडेंट लीग पर बैन लगा दिया थी. अमेरिकी सांसदों ने ये साफ किया कि वो राष्ट्रीय संकट के दौरान अंतरिम सरकार की भूमिका को समझते हैं, लेकिन किसी पार्टी को दोषी करार देना ह्यूमन राइट्स के खिलाफ है. पत्र में ये भी कहा गया है कि राजनीतिक गतिविधियों पर रोक और इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) को पुराने ढंग से शुरू करना चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकता है.
युनूस ने अमेरिका से बात की थी परंतु कोई हल नहीं निकला.अमेरिका संसद का
ये पत्र ऐसे वक्त पर आया है जब मौहम्मद यूनुस ने अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर से फोन पर बातचीत की. इस बातचीत में व्यापार, टैरिफ, चुनाव, और छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या पर चर्चा हुई. यूनुस ने कहा कि देश 12 फरवरी को चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी सरकार स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान करवाएगी. इस दौरान युनूस ने शेख हसीना को निशाने पर लेते हुए कहा कि निरंकुश शासन के समर्थक करोड़ों डॉलर खर्च कर चुनाव प्रक्रिया में रुकावट पैदा करने की कोशिश कर रहा है और विदेश से हिंसा भड़काई जा रही है. वहीं शेख हसीना ने युनूस सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आवामी लीग के बिना बांग्लादेश में चुनाव नहीं बल्कि राजतिलक होगा.
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