न्याय के लिए गुहार लगा रहे है कोराडी पावर प्लांट AHP के अनुबंध श्रमिक
नागपुर। कोराडी बिजली केंद्र में एस हैन्डलिंग प्लांट मे ई- निविदा धारक फर्म के अधिनस्थ में कार्यरत अनुबंध श्रमिकों को न्याय और हक के लिए गुहार लगानी पड रही हैं.
श्रमिक नेता भीमराव बाजनघाटे के अनुसार राष्ट्रीय पालीमार कामगार संघ रजिस्टर्ड संगठन है.जिसका पंजीयन श्रमिक संघ अधिनियम 1926 के तहत पंजीयन क्रं:-NGP:-5332, दिनांक:-20 अगस्त 2014 अंकित है. श्री बाजनघाटे के अनुसार मेहनत कश अनुबंध श्रमिकों पर लगातार बढता मानसिक तनाव से मजदूरों मे घुटन महसूस हो रही हैं.यह निविदा धारक कंपनी द्धारा अपने ही अनुबंध श्रमिकों को अकारण कभी भी काम से निकाल दिया जाता है , किए कार्यों का वेतन भुगतान मे कटौति, साईट मे 10 मिनट लेट पंहुचने पर दो घन्टे का पगार काट लिया जाता है. कंपनी मालिक द्धारा अपने ही ठेका अनुुबंंध श्रमिकों को बेहूदा अनाप-शनाप दबाव डाला जाता है.इस संबंध में श्रमिक लीडर भीमराव बाजनघाटे ने दावे के साथ कहा कि महानिर्मिती पावर प्लांट के वरिष्ठ अधिकारीगण श्रमिकों को न्याय दिलाने की बजाय उन्हें असलियत से गुमराह कर रहे हैं. और मामला दबाने के लिए नए नए हथकंण्डे अपनाये जा रहे है. उन्होंने बताया कि उनकी संगठन “राष्ट्रीय पालीमार कामगार संघ” श्रमायुक्त कार्यालय से रजिस्टर्ड है और विविध कल- कारखानों, पावर प्लांट और मच्छली पालन नहरों तालाब सरोवर मे कार्यरत श्रमिकों के हक के लिए संगठन संघर्षरत हैं.श्रमिक नेता श्री बाजनघाटे ने कहा कि मामले को दबाने के लिए उन पर बेबुनियाद और निराधार आरोप लगाए जा रहे है. उन्होंने यह भी कबूल किया कि अन्यायग्रस्त श्रमिकों की शिकायत और अधिकार पत्र के अधार पर उन्होंने दोषी फर्म मेसर्स:ABU Constitution के खिलाफ कोराडी पावर प्लांट के मुख्य अभियंता श्रमिक कल्याण अधिकारी और विधुत मुख्यालय प्रकाशगड मुंबई को भी शिकायत की थी. महाराष्ट्र राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और संचालकों को एक नहीं अनेक मर्तबा शिकायतों का ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया है.परंतु मामले की जांच-पड़ताल को दबाने के लिए अधिकारियों को असलियत से गुमराह किया जा रहा है.इस संबंध मे अन्यायग्रस्त श्रमिक बताते हैं कि कंपनी मालिक किसी की सुनता ही नहीं और अपनी ही रट लगाए रहते हैं.बोलते हेतु चुप रहो मेरी ही सुनो?मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड सकता है? मै बिजली केंद्र और महानिर्मिती के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को अपनी जेब मे रखता हूं.
श्री बाजनघाटे ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच-पड़ताल के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भारत सरकार CGOकाम्पलेक्स नई दिल्ली तथा महाराष्ट्र राज्य विधुत नियामक आयोग (MERC) वर्ल्ड ट्रेड सेंटर कोलाबा मुंबई के समक्ष भी प्रकरण दायर किया है.इतना ही नहीं अन्यायग्रस्त मजदूरों के हक हनन के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली को भी मांगों का ज्ञापन सौंपा था.जिसके अधार पर मामले की जांच-पड़ताल शुरु की गई थी.परंतु जांच अधिकारियों को सच्चाई दर्शाने के बजाय उन्हें असलियत से गुमराह किया जा रहा है.उन्होंने आगे बताया कि दरसल मे सच्चाई का अध्ययन व अवलोकन के बिना श्रमिक प्रकरण को भले ही खारिज कर दिया गया हो .इसके लिए उन्होंने ऊपरी अदालत मे अपील दायर करने की तैयारी की है.फिलहाल कुल मिलाकर मामला श्रमिक प्राधिकरण के पास विचाराधीन एवं न्यायप्रविष्ठ है.उन्होंने बताया कि महाजेनको कॉन्ट्रेक्टर असोसिएशन अध्यक्ष और पूर्व नगराध्यक्ष माननीय श्री राजेश भाऊ रंगारी साहब द्धारा सच्चाई जाने बिना उनके ऊपर लगाए आरोप को निराधार और बेबुनियाद बताया है.उन्होंने आगे बताया कि वे एसे आरोप प्रत्यारोपों से वे बिल्कुल ही डरने वाले नहीं है.अन्यायग्रस्त श्रमिकों को न्याय दिलाने के लिए वे सदैव संघर्षरत रहेंगे.उन्होंने आगे बताया कि उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने वालों के खिलाफ कोर्ट मे याचिका दायर करना जरुरी हैं.लेबर लीडर भीमराव बाजनघाटे ने श्रमिकों को न्याय नहीं मिलने पर वे मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खण्डपीठ मे जनहित याचिका दायर करने की बात दोहराई है.क्योंकि उपरोक्त निविदा धारक फर्म मालक द्धारा,निविदा नियमों और शर्तों का उलंघन के अलावा श्रम-उधोगिक अधिनियम, IPC,CRPC,BNS की विविध धाराओं और मानव अधिकार कानून की खुलेआम धज्जियाँ उडाए जा रहा है.
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