मुंबई। राज्य सत्ता और कुर्सी पाने के लिए सबकुछ जायज है। नतीजतन वर्तमान परिवेश में राज्य में सत्ता उतार चढाव के परिणामों की पृष्ठभूमि मे महाराष्ट्र राज्य की राजनीति में कई घटनाक्रमों ने गति पकड़ ली है. NCP अध्यक्ष शरद पवार ने अध्यक्ष पद से राजीनामा देने का ऐलान कर दिया है. इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आश्चर्यजनक भूचाल सा आ गया है? हालकि दशक पूर्व एनसीपी नेता शरतचंद्र पवार ने अपने करीबी विश्वासपात्र नेता दत्ताभाऊ मेरे को भाजपा मे शामिल होने की अनुमति( एनओसी) दे दी थी। क्योंकि मराठा नेता शरतचंद्र पवार जानते थे कि आने वाला राजनैतिक भविष्य भाजपा के पाले में जाने वाला है? ताकि संभावित बने बिगडे मे भाजपा आलाकमान के समक्ष अपने(पवार) के बचाव पक्ष के लिए दत्ताभाऊ की भूमिका अनुकूल रहेगी? हालकि कर्मठ राजनेता शरदचंद्र पवार को कांग्रेस का त्याग करके एनसीपी गठन की आवश्यकता नहीं थी? परंतु वह विदेशी मूल की श्रीमती सोनियां गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार की चर्चा गरमाने लगी तो सेना सुप्रिमों बालासाहब ठाकरे और भाजपा के कद्दावर नेता प्रमोद महाजन की गुप्त मन्त्रणा से मराठा नेता शरदचंद्र ने अपनी अलग पार्टी का गठन करना मुनासिब समझा? क्योंकि स्वदेशी का समर्थन और विदेशी मूल का वहिष्कार का मुद्दा RSS के मूल सिद्धांतों अंतर्गत आता है।जिसका सत्य सबूत के तौर पर देखा जाए तो महाराष्ट्र के इतिहास मे एनसीपी आलाकमान शरतचंद्र पवार ने शुरू से ही संघ और शिवसेना के आदर्शों का खुलकर कोई नही किया है? वल्कि हर समय सेना सुप्रीमों बालासाहब को कांग्रेस के कार्यप्रणालियों और सिद्धांतो के खिलाफ आबाज बुलंद करने के लिए आगाह करते रहे हैं। चुंकि सुप्रीमों बालासाहब और भाजपा का आदर्शवादी नेता प्रमोद महाजन के सदैव मधुर संबंध रहे हैं। जिसे लेकर राजनीतिक विश्लेषक कई तरह की भविष्यवाणी कर रहे हैं। ‘विश्व भारत’ ने इस संबंध में भविष्यवाणी की थी।
जहां ये सब हो रहा है वहीं लीगल एक्सपर्ट असीम सरोदे के एक ट्वीट ने एक बार फिर चर्चाओं को तेज कर दिया है.
लीगल एक्सपर्ट असीम सरोदे ने एक ट्वीट कर बड़ा दावा किया है। उन्होंने दावा किया है कि 10 मई से पहले एनसीपी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष और पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर भी बड़ा दावा किया है। असीम सरोदे ने एक ट्वीट में आगे कहा है कि 11 मई के बाद महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया निश्चित रूप से तेज हो सकती है.
सांसद शरद पवार ने एनसीपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है, महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है। पवार के फैसले का असर महाविकास अघाड़ी में भी महसूस किया गया है। इस बीच कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट के बीच तालमेल बढ़ गया है।
वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भी बड़ा सीक्रेट धमाका किया. उन्होंने कहा कि एनसीपी- बीजेपी के साथ बातचीत कर रही है. इसके बाद आसिम सरोदे के इस ट्वीट ने भी सबका ध्यान खींचा है. तो वास्तव में महाराष्ट्र की राजनीति में क्या होता है? यह देखना बेहद जरूरी होने वाला है। ऊधर पुत्रमोह की मानसिक वेदनाओं से ग्रसित उद्धव ठाकरे को अपने पिता बालासाहब के सिद्धांतों की यादें बुरी तरह सता रही है? कहीं ऐसा ना हो उद्धव ठाकरे निकट भविष्य मे बडी धमाकेदार कार्यवाई से बचने के लिए भाजपा आलाकमान का दामन थाम सकते हैं। क्योंकि राजनीति मे सबकुछ जायज है?नाजायज कुछ भी नहीं है? जिसका सबूत वतौर उदाहरण के तौर पर 10 वर्ष पूर्व किसी भी नए नहीं सोचा होगा कि भाजपा- शिवसेना गठबंधन मे फूट-फूटकर कभी नहीं हो सकती है?परंतु समय ने एसा करबट बदला कि उद्धव ठाकरे भाजपा नेताओं को आंख दिखाने लगे हैं। उधर भाजपा के विशेषज्ञों की माने तो कल का भूला देर शाम वापस आ सकता है? परंतु उद्धव ठाकरे के कपटी सलाहकार संजय राऊत उन्हे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने जा रहे हैं? विशेषज्ञों की माने तो जिद्दी सलाहकार श्री राऊत निकट भविष्य में उद्धव ठाकरे को जेल भिजवाने ही दम लेंगे की वाट जोह रहे हैं?
मुख्यमंत्री शिंदे देंगे इस्तीफा?:11 मई के बाद महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन तय
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