दिल्ली में दमघोंटू हवा प्रदूषण के प्रकोप से जनता को प्राणहानी का खतरा?
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक की रिपोर्ट
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह हवा की गुणवत्ता 117 के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई। गौरतलब है कि AQI बुधवार के 83 से बढ़कर गुरुवार को 117 हो गया है. वहीं दिवाली से पहले ही प्रदूषण बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च, SAFAR-इंडिया के अनुसार, दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता आज ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई और सरकार की वायु गुणवत्ता रिकॉर्डिंग सेवा कल भी शहर में ‘मध्यम’ गुणवत्ता वाली हवा की भविष्यवाणी करती है। .
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) बोर्ड ने सचिवालय में बैठक की. हालांकि, पैनल के एक विशेषज्ञ सदस्य अनिल गुप्ता ने कहा कि बैठक में वायु गुणवत्ता या सामान्य रूप से प्रदूषण में संभावित गिरावट के बारे में चिंताओं पर चर्चा नहीं की गई।
इस बीच, गुरुवार सुबह मुंबई में हवा की गुणवत्ता 166 AQI के साथ मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक लोगों को समझने में आसान शब्दों में वायु गुणवत्ता की स्थिति के प्रभावी संचार के लिए एक उपकरण है। AQI की छह श्रेणियां हैं, अर्थात् अच्छा + संतोषजनक, मध्यम प्रदूषित, खराब, बहुत खराब और गंभीर। इनमें से प्रत्येक श्रेणी का निर्णय वायु प्रदूषकों के परिवेशीय सांद्रता मूल्यों और उनके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों (स्वास्थ्य ब्रेकप्वाइंट के रूप में जाना जाता है) के आधार पर किया जाता है।
गौरतलब है कि नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली मे निरंतर हजारों 2 पहिया और 4 पहिया वाहनों की आवाजाही शुरु रहती है। परिणामत: सभी वाहनों के साईलैंसरों से निकालने वाला कार्बनडाई आक्साइड युक्त जहरीले धुंआ मानव श्वशन नली में प्रवेश करता है। उसी प्रकार जहरीला कार्बन डाई आक्साइड युक्त धुंआ आंख पर पडता है। नतीजतन तमाम जनता-जनार्दन की आंखों पर दुष्परिणाम से अंध्त्व जैसी खतरनाक जैसी बीमारियों का खतरे संभवनाएं बढ रही है? हालकि स्वास्थ्य विज्ञान विशेषज्ञों ने आंखों मे पैक बन्द चश्मा और मास्क लगाकर आने जाने की सलाह नागरिकों को दी है। दिल्ली में यातायात वाहन कार्बन डाई आक्साइड युक्त जहरीला धुंआ उगल रहे हैं। सबसे अधिक नुकसान नवजात शिशुओं,गर्भवती महिलाओं और बयोबृद्धों के जन स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो रहा है?
दिल्ली प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार
AQI पैमाने के अनुसार, 0 और 50 के बीच वायु गुणवत्ता जांच “अच्छी”, 51 और 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 और 200 के बीच “मध्यम”, 201 और 300 के बीच “खराब”, 301 और 400 के बीच “बहुत खराब” होती है। और 401 और 450 “गंभीर”
सरकार ने इस भयानक वायू प्रदूषण नियंत्रण के लिए उचित पहल करनी चाहिए? अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब वायू प्रदूषण अपनी सीमा लांघ सकता है और राष्ट्रीय राजधानी काल के गाल मे समाहित हो सकती है?
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