हिन्दू छात्राओं के मंगलसूत्र उतारकर सोनिया गांधी के अपमान का बदला ले रही है कर्नाटक सरकार
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
बेंगलूर। मंगलसूत्र के साथ ही प्रशासन ने हिन्दू महिलाओं-छात्राओं से कान के झुमके, गले की चेन और बिछिया भी हटाने को कहा है. वहीं दूसरी तरफ बुर्का पहन कर आने वाली छात्राओं को चेकिंग के बाद प्रवेश करने की अनुमति दे दी गई थी. जानकार सूत्रों की माने तो कर्नाटक की कांग्रेस सरकार सोनिया गांधी के बारंबार अपमान का बदला लेने के लिए ऐसा कर रही है। पिछले दो दशक पूर्व हिन्दू ह्रदय सम्राट बालासाहब ठाकरे , विश्व हिन्दू परिषद के नेता प्रवीण तोगडिया,गिरिराज सिंह और अन्य अनेकों हिन्दू नेताओ ने कांग्रेस लीडर सोनिया गांधी की अभद्र आलोचना, बेइज्जत पूर्वक दुष्प्रचार करके उनका घोर अपमान किया गया था? इस अपमान को सोनिया गांधी को चाहने वाले कट्टर कांग्रेसी नेता भुला नहीं पा रहें हैं।
कर्नाटक के कलबुर्गी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक बार फिर हिंदूओं की आस्था और भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया. देश में आए दिन ऐसे मामले सामने आते है जहां हिंदूओं की भावनाओं को आहत किया जाता है. ऐसे में कर्नाटक में सरकारी नौकरी के इम्तिहान के दौरान प्रशासन द्वारा हिन्दू छात्राओं के मंगलसूत्र को उतरवाया गया.
मंगलसूत्र के साथ ही प्रशासन ने हिन्दू छात्राओं से कान के झुमके, गले की चेन और बिछिया भी हटाने को कहा. वहीं दूसरी तरफ बुर्का पहन कर आने वाली छात्राओं को चेकिंग के बाद प्रवेश करने की अनुमति दे दी गई थी. इस मामले पर भाजपा सांसद बसनगौड़ा यत्नाल ने पूछा कि क्या ये नियम सिर्फ हिंदुओं के लिए था.
जानकारी के अनुसार मामला कलबुर्गी के प्री-ग्रेजुएशन गर्ल्स कॉलेज का है. रविवार को यहां कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा एफडीए भर्ती की परीक्षा आयोजित कि जा रही थी. जानकारी के अनुसार परीक्षा में चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने हिंदू लड़कियों के मंगलसूत्र और गले की चेन उतरवाएं. इसके साथ ही कुछ हिंदू महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा जांच में उनकी कानों की बालियां, बिछिया और पायल भी उतरवाएं गए.
कर्नाटक सिविल सर्विस एग्जाम में छात्राओं के मंगलसूत्र उतरवाए:स्टूडेंट्स बोलीं- हिजाब वालों को एंट्री दी है । एग्जाम में मेटल की किसी भी वस्तु पर पाबन्दी है
जिन छात्राओं के मंगलसूत्र और बाकी गहने उतारवाए गए थे उनका कहना है कि परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने मुस्लिम छात्राएं भी हिजाब पहनकर आईं थी. लेकिन अधिकारियों ने जांच करके उन्हें बिना हिजाब उतारे परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की इजाजत दे दी. छात्राओं का कहना है कि मुस्लिम छात्राओं से एक बार भी हिजाब उतारने के लिए नहीं कहा गया.
हिंदू छात्राओं का कहना है कि जिस प्रकार मुस्लिम छात्राओं की जांच के बाद उन्हें हिजाब पहनकर परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति दे गई, उसी प्रकार हिन्दू छात्राओं को भी जांच के बाद मंगलसूत्र और बिछिया पहनकर अंदर जाने दिया जाना चाहिए था. क्या यह नियम और कानून केवल हिंदुओं के लिए ही हैं.
यह सब सोनिया गांधी के अपमान का बदला बतायाजा रहा है। बताते हैं कि भाजपा और इससे जुडे अन्य हिन्दू संगठन दुर्भावनाओं के आवेश में आकर किसी संगठन की महिला य नेताओं के साथ अपमानजनक वर्ताव तो कर देते हैं। परंतु आने वाले भविष्य में हिन्दू समाज पर उसका क्या विपरीत असर और परिणाम होगा यह सोचने की हिन्दू नेताओं मे नहीं है। उसी का दुष्परिणाम कर्नाटक राज्य की महिलाओं और छात्राओं को भुगतना पड रहा है। तत्संबंध मे हिन्दुत्ववादी नेता चुप्पी साधे मौन है?
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