महाराष्ट्र में ‘महायुति’ पर भारी पड़ेगा MVA अलायंस?
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
मुंबई। शरद पवार और उद्धव ठाकरे की बड़ी सभाओं के पीछे की वजह का छगन भुजबल ने खुलासा किया है।
महाराष्ट्र में लोकसभा की 35 सीटों के वोट डाले जा चुके हैं। पांचवें चरण में राज्य की बाकी 13 सीटों के लिए 20 मई को वोट डाले जाएंगे। इस बीच महाराष्ट्र के बड़े ओबीसी नेता और मंत्री छगन भुजबल ने कहा है कि राज्य में शरद पवार और उद्धव ठाकरे साथ सिंपैथी फैक्टर है।
बीजेपी ने 400 पार का नारे के लिए यूपी के बाद महाराष्ट्र में पार्टी के प्रदर्शन को काफी अहम माना जा रहा है। लोकसभा चुनावों के चार चरणों में महाराष्ट्र की 35 सीटों पर वोट डाले जा चुके हैं। पांचवें और अंतिम चरण में मुंबई क्षेत्र के साथ राज्य की कुल 13 सीटों पर वोट डाल जाएंगे, इन चुनावों में कौन किंग बनकर उभरेगा? इसको लेकर महाराष्ट्र में सियासी दिलचस्पी बनी हुई है। सत्तारूढ़ महायुति ने राज्य की कुल 48 सीटों में 45 जीतने का लक्ष्य रखा है लेकिन इस सब के बीच महायुति के बड़े नेता छगन भुजबल ने राज्य में नई चर्चा छेड़ दी है। भुजबल ने दिलीप वलसे पाटिल के बाद कहा है कि राज्य में उद्धव ठाकरे और शरद पवार के प्रति लोगों में सहानुभूति है। इसके चलते उनकी सभाओं में भीड़ आ रही है। महायुति में शामिल अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेताओं से बयान से राज्य की सियासत गरमा गई है।
चाहे वह शरद पवार हों या उद्धव ठाकरे, उनके आसपास कुछ सहानुभूति है। वहां बस इतना ही है, इसके बिना, कोई बड़ी सभाएं नहीं होतीं। उनके पीछे कुछ सहानुभूति है और रहेगी। इसमें कोई विवाद नहीं है, लेकिन अब हमें 4 तारीख को पता चलेगा कि वह सहानुभूति कैसे और कितनी वोटों में तब्दील हुई। पहले दावा अशोक चव्हाण ने किया था, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने महाविकास आघाड़ी के पक्ष में सहानुभूति का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि लोगों में पवार-ठाकरे से मिली सहानुभूति से MVA को फायदा मिल रहा है। चव्हाण के बयान के बाद अब अजित पवार गुट के दो बड़े नेतओं ने शरद पवार को सहानुभूति मिलने की बात कही है। पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव में इंडिया अलायंस को 240 से 260 सीटें मिलेंगी और केंद्र में सत्ता परिवर्तन होगा। एक अखबार को दिए इंटरव्यू में चव्हाण ने कहा था कि महाराष्ट्र में MVA को 32 से 35 सीटें मिलेंगी। शिंदे ग्रुप को 3 से 4 सीटें मिल सकती हैं। अजित पवार गुट एक भी सीट नहीं जीत पाएगा
विश्वभारत News Website