उद्धव ठाकरे में दूरदर्शिता के अभाव की वजह सें बहुमत गवाया
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
मुंबई। पूर्व सीएम उद्धव बालासाहेब ठाकरे मे दूरदर्शिता का अभाव की वजह से महाराष्ट्र राज्य में वहूमत खोया और सत्तापतन का संताप झेलना पड रहा है।सीनियर BJP नेता रावसाहब दानवे का मानना है कि उद्धव ठाकरे अगर बीजेपी के साथ होते तो उन्हे कैबिनेट मंत्री के रुप में महाराष्ट्र राज्य की जनता की सेवा का अवसर नही खोना पडता।
महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार 5 दिसंबर को होगा, लेकिन मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है. ये तो तय है कि मुख्यमंत्री बीजेपी से ही कोई होगा, लेकिन कौन होगा बीजेपी ने अभी तक नाम का ऐलान नहीं किया है.
महाराष्ट्र में महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार 5 दिसंबर को होगा. लेकिन अब भी नया मुख्यमंत्री कौन है? सस्पेंस अभी भी बरकरार है. अभी तक महागठबंधन की ओर से किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है, इसी पृष्ठभूमि पर बीजेपी नेता रावसाहेब दानवे ने प्रतिक्रिया दी है और इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने शिवसेना ठाकरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे को लेकर भी बड़ा बयान दिया है.
टीवी9 मराठी की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी नेता दानवे ने कहा कि 5 तारीख को मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह है, पहले विधायक दल की बैठक होगी, नेता चुना जाएगा और फिर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी. जैसा तय हुआ था वैसा ही चल रहा है, हमारे बीच कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि जहां तक मुख्यमंत्री के चेहरे का सवाल है तो ये बात सभी पूछ रहे हैं, लेकिन हमने तय कर लिया है कि मुख्यमंत्री कौन होगा. हालांकि, यह हमारी पार्टी का विषय है कि जब तक वरिष्ठ उस पर हस्ताक्षर नहीं करते तब तक नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की जाती.
दानवे बोले- सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा है
उन्होंने आगे कहा कि सब कुछ योजना के मुताबिक ही होने वाला है. हम सब कुछ स्थिति और समय के मुताबिक कर रहे हैं. समय भी तय हो गया, तारीख भी तय हो गई. जो भी हमारा नेता चुना जाएगा वह हमारा मुख्यमंत्री होग. सब कुछ तय है, बॉस की मुहर लगते ही सबको पता चल जाएगा.
BJP के सीनियर नेता रावसाहब दानवे ने कहा कि अगर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ नहीं जाती तो हम ज्यादा सीटें जीतते क्योंकि 2014 से 2019 तक सरकार चली. दानवे ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे हमारे साथ होते तो हमें आज मिले बहुमत से भी उन्हें ज्यादा बहुमत मिलता था.
दानवे ने शिंदे के नाराज होने की खबरों को नकार दिया है।
पूर्व मंत्री रावसाहेब दानवे ने एकनाथ शिंदे के नाराज होने की खबरों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि शिंदे बिल्कुल भी परेशान नहीं हैं. ये तो सिर्फ अखबारों और न्यूज चैनलों की खबरें आ रहीं हैं. दानवे ने कहा कि इस बात पर संदेह करने का कोई सवाल ही नहीं है. वो अपने गांव गए हैं और वहां आएंगे.
महाराष्ट्र में विधानसभा नतीजे घोषित हुए एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन राज्य में अभी तक नई सरकार का गठन नहीं हो पाया है. कहा जा रहा है कि बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री चेहरे की रेस में बीजेपी के कर्मठ नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे चल रहा है
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