नाापुुर : रामटेक लोकसभा से तत्कालीन ससद पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी नरसिम्हाराव के चुनाव क्षेत्र के रूप में भी प्रसिद्ध है। पिछले 9 सालों से यह नागपुर जिले का ही हिस्सा, शिवसेना के कृपाल बालाजी सांसद रामटेक लोक सभा से है?
रामटेक: शिवसेना का मजबूत गढ़ कहे जाने वाले रामटेक का वर्णन रामायण और महाकवि कालिदास के मेघदूतम में भी मिलता है। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहनगर नागपुर से 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामटेक आज भी विकास की बांट जोह रहा है। यह नागपुर जिले का ही एक हिस्सा है। यहां से शिवसेना के कृपाल बालाजी सांसद हैं। रामटेक पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी नरसिम्हाराव के चुनाव क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है। वे यहां से दो बार चुनाव लड़े थे
अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित रामटेक सीट से भाजपा -शिवसेना ने कृपाल तुमाने को अपना उम्मीदवार बनाया है। पेशे से उद्योगपति तुमाने वर्तमान में शिवसेना के सांसद हैं। वे अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समिति के सदस्य रहे हैं। उनकी सीधी लड़ाई कांग्रेस के किशोर उत्तमराव गजभिये से है।
रामटेक लोकसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई थी। उस दौरान कांग्रेस के कृष्ण राव गुलाबराव देशमुख यहां से सांसद बने। इसके बाद 1998 तक यह कांग्रेस का गढ़ रही। इसके बाद अमृत गणपत सोनार 1967 और 1971 में लगातार दो बार जीते। फिर 1974 में राम हेडऊ निर्दलीय यहां से चुनाव जीते। 1977 और 1980 में बर्वे जतीराम चिताराम लगातार जीते।
लेकिन, यह सबसे ज्यादा चर्चा में 1984 में रही। उस वक्त पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी नरसिम्हाराव यहां से चुनाव लड़े थे। इसके बाद 1989 में भी वो यहां से जीत दर्ज करने में सफल रहे थे। उनके बाद 1991 में भोंसले राज परिवार के तेज सिंह राव, 1996 में दत्तात्रय राघोबाजी मेघे, 1998 में रानी चित्रलेखा भोसले चुनाव जीते।
साल 2014 में इस सीट का गणित
2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से शिवसेना के कृपाल बालाजी ने 5 लाख 19 हजार 892 वोट हासिल किए थे। उन्होंने 1 लाख 75 हजार 791 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। रामटेक पर दूसरे स्थान पर कांग्रेस के मुकुल वासनिक रहे थे। उन्होंने 3 लाख 44 हजार 101 वोट हासिल किए। बसपा के किरण प्रेम कुमार 95 हजार 051 वोट पाकर तीसरे तो आप के प्रताप गोस्वामी 25 हजार 889 वोट पाकर चौथें स्थान पर रहे थे।
रामटेक में कांग्रेस को हराकर सबसे पहले 1999 में शिवसेना के सुबोध मोहिते सांसद चुने गए। वो यहां से 2004 में भी जीते। लेकिन मोहिते के शिवसेना छोड़ने के बाद यहां हुए उपचुनाव में शिवसेना के प्रकाश जाधव चुनाव जीते। इस जीत के बाद बाल ठाकरे ने एक भाषण में रामटेक को शिवसेना का गढ़ भी माना। हालांकि, लगातार तीन बार कब्जे के बावजूद साल 2009 में शिवसेना को कांग्रेस के मुकुल वासनिक से हार झेलनी पड़ी।
रामटेक लोकसभा सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। कांग्रेस और शिवसेना के अलावा बसपा यहां मजबूती से चुनाव लड़ती है। यहां दलित वर्ग में बुद्धिस्ट, गैर बुद्धिस्ट के मुद्दे को हवा देने की कोशिश हमेशा से रही है। इस बार एससी-एसटी एक्ट को लेकर यहां नतीजे बदल सकते हैं।
रामटेक लोकसभा नागपुर की 6 विधानसभा से मिलकर बनी है। जिसमें कटोल, सावनेर, हिंगना, उम्रेड, कामठी और रामटेक विधानसभा शामिल है।
1951 अस्तित्व में नहीं थी यह सीट
1957 कृष्णराव गुलाबराव देशमुख इंडियन नेशनल कांग्रेस
1962 माधवराव भगवंतराव पाटिल इंडियन नेशनल कांग्रेस
1967 अमृत गणपत सोनार इंडियन नेशनल कांग्रेस
1971 अमृत गणपत सोनार इंडियन नेशनल कांग्रेस
1974 राम हेदु निर्दलीय
1977 बर्वे जतीराम चितराम इंडियन नेशनल कांग्रेस
1980 बर्वे जतीराम चितराम इंडियन नेशनल कांग्रेस
1984 पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव इंडियन नेशनल कांग्रेस
1989 पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव इंडियन नेशनल कांग्रेस
1991 तेजसिंहराव भोंसले इंडियन नेशनल कांग्रेस
1996 दत्तात्रय राघोबाजी मेघे इंडियन नेशनल कांग्रेस
1998 रानी चित्रलेखा भोंसले इंडियन नेशनल कांग्रेस
1999 सुबोध मोहिते शिवसेना
2004 सुबोध मोहिते शिवसेना
2007 प्रकाश जाधव शिवसेना(उपचुनाव)
2009 मुकुल वासनिक इंडियन नेशनल कांग्रेस
2014 से अभि तक कृपाल तुमाने शिवसेना संसद है
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