कड़वी चौक से गोलीबार चौक के दरमियान जाने वाले उड़ान पुल में तकनीकी समस्याओं को लेकर आज एक डेलिगेशन मस्जिद ,स्कूल ,कब्रिस्तान कॉलेज , बाज़ार समिति के जिम्मेदारों ने माननीय केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और उड़ान पुल के लैंडिंग में जो समस्याएं आने वाली है उसकी ओर उनका ध्यान केंद्रित करवाया और इस पर उचित कदम उठाने की मांग की, गडकरी जी ने हमारे बनाए हुए नक्शे को संबंधित अधिकारियों को देकर उस पर गौर करने के लिए कहा,
शिष्ट मंडल मैं एम एच रहमान, अध्यक्ष जामा मस्जिद, मजीदिया गर्ल्स जूनियर कॉलेज, एग्जीक्यूटिव मेम्बर मोमिनपुरा मुस्लिम कब्रिस्तान.डॉ.शकील अहमद जहांगीर,( समाज सेवक) शब्बीर अहमद शम्मी, मजहरूल हक ,अनवार अहमद अब्दुस सत्तार (सचिव मस्जिद अमानुल्लाह सेठ कब्रिस्तान रोड) अमजद हुसैन (सचिव, मोमिनपुरा वेलफेयर ट्रेडर्स एसोसिएशन) इनामुररहीम( लैक्चरर मौलाना आज़ाद जूनियर कॉलेज)
डॉ. इरफान अहमद, उपस्थित थे.
समस्याएं👇
१) यह उड़ान पुल पहलवान बाबा चौक से आगे मोमिनपुरा चौक से आगे कब्रिस्तान रोड के सामने से ढलान लेगा, या पिलर होंगे ,तो यह कब्रिस्तान रोड पर अमानुल्लाह सेठ की मस्जिद उसके आगे राष्ट्रीय मुस्लिम फुटबॉल ग्राउंड, उससे लगी महानगरपालिका की एक बड़ी स्कूल, एक सेंट्रल हॉस्पिटल, समाज भवन, दो बड़े एनजीओ(तालीमुल कुरान और जमाते इस्लामी हिंद) के दफ्तर, शीतला माता मंदिर, शहर का प्राचीन मुस्लिम कब्रिस्तान उससे जुड़ी एक मस्जिद और जनाजे़ की नमाज अदा की जाने वाली जगह, शुक्रवार के दिन अपने स्वर्गीय बुजु़र्गों की मजा़र(कब्र) पर आने वाले लोगों की तादाद बहुत बढ़ जाती है इस मार्ग पर लगभग ३००० विद्यार्थियों की आवक जावक बनी रहती है और जनाजे़ में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी १००० से अधिक होती, औसतन १० मैयातें रोज़ आती है,अमानुल्लाह सेठ मस्जिद का अहाता जहां अक्सर जनाजे़ की नमाज पढ़ाई जाती है बुरी तरह प्रभावित होंगे, इस मार्ग पर शव यात्रा वाहन आपदाओं में फायर ब्रिगेड और घर निर्माण के लिए आने जाने वाले बड़े ट्रक बड़ी मुश्किल से जापाएंगे,जिससे ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित होगा,
२) मोमिनपुरा चौक उड़ान पुल के दाएं तरफ इस्लामिया स्कूल, जूनियर कॉलेज है, यह बोर्ड परीक्षाओं में सेंटर होता है और सरकारी नौकरियों के लिए चलने वाली परीक्षाओं का भी केंद्र रहता है जिसके कारण यहां भीड हमेशा बनी रहती है, इसके पहले गरीब नवाज़ मस्जिद बोरियापुरा है , मोहम्मद अली रोड पर विदर्भ की सबसे बड़ी जामा मस्जिद, और बाज़ार है जहां ट्रैफिक हमेशा बना रहता है.
३) पुल की ढलान आगे बढ़ेगी तो बाईं तरफ एक रास्ता जो मजीदिया गर्ल्स स्कूल जूनियर कॉलेज उससे लगा दारुल उलूम का मदरसा ,फिर कादर साहब मस्जिद उसके सामने की गली में एक मंदिर ,उसके आगे भानखेड़ा मस्जिद और बौद्ध विहार जाने का रास्ता लगभग बंद हो जाएगा, सर्विस रोड के बावजूद यह समस्या बड़ी समस्या बनी रहेगी, पुल की ढलान के दाएं तरफ चूड़ी गली से आगे हैदरी मस्जिद ,चूड़ी गली मस्जिद एक मदरसा बुरी तरह प्रभावित होंगे, ढलान जब आगे बढ़ेगी और गुप्ता आटा चक्की के पास समाप्त होगी तब दाएं तरफ हनुमान मंदिर जाने वाले श्रद्धालु इससे प्रभावित होंगे, पुल के अंत में तीन से चार गलियां आकर मिलती है उड़ान पुल से तेज रफ्तार आने वाली गाड़ियां जो ट्रैफिक और हादसों की जगह भविष्य में बन सकती है.
४) इस उड़ान पुल की चौड़ाई पहलवान शाह बाबा चौक से दाएं तरफ रेलवे स्टेशन और सेंट्रल एवेन्यू की ओर गारड लाइन से जाने वाले पुल की चौड़ाई २८ फीट होगी, जबकि गोलीबार की तरफ आने वाले उड़ान पुल की चौड़ाई ४० फिट होगी, जबकि रेलवे स्टेशन की तरफ ट्रैफिक फूलो ज़्यादा है और मोमिनपुरा की तरफ आने वाला ट्रैफिक कम है.
५) त्योहार के दिनों में कादर साहब मस्जिद का रास्ता महिलाएं ,लड़कियां ज़्यादा इस्तेमाल करती हैं क्योंकि उसके पहले कब्रिस्तान रोड पर पुरुषों की आवाजाही बढ़ जाती है, कादर साहब मस्जिद का रोड भानखेड़ा में रहने वाले अधिकतर छत्तीसगढ़ के मज़दूर भी फुले मार्केट की तरफ जाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.
६) इस रोड के सामने नूरी प्रेस गली से कसाबपुरा, बारी चौक, हनसापुरी, चुना मस्जिद, के रास्तो से संपर्क बना रहता है जो टूट जाएगा और अधिकतर महिलाएं इन्हीं रास्तों का इस्तेमाल करती हैं जब वह मोमिनपुरा चूड़ी गली के रास्ते जामा मस्जिद के रोड पर आना चाहती हैं, इस उड़ान पुल की ढलान के कारण यह रास्ता बिल्कुल ही बंद हो जाएगा , कब्रिस्तान रोड के बंद होने या भीड़ ज़्यादा होने की वजह से अक्सर स्कूल के बच्चों और मजीदिया महिला कॉलेज की विद्यार्थियों के ऑटो, वैन ,कादर साहब मस्जिद रोड से ही गुज़रते हैं उड़ान पुल की ढलान के कारण अगर यह रास्ता बंद हो जाएगा तो ट्रैफिक की समस्या बहुत बढ़ जाएगी, यहां टनल देना मुमकिन नहीं होगा अगर दे भी दिया जाए तो यह दुर्घटनाओं का स्थान बन जाएगा.
७) उड़ान पुल की ढलान जैसे आगे बढ़ेगी तब पुल के दोनों तरफ चर्मकार समाज के लोगों की आबादी है और उनके कारोबार भी है,जो बुरी तरह प्रभावित होंगे क्योंकि दोनों तरफ आबादी से आने वाली तंग गलियां पूरी तरह बंद हो जाएगी.
८) उड़ान पुल का मकसद ट्रेफिक क्लियर करना है लेकिन इसकी लैंडिंग के कारण यह मकसद हल नहीं हो पा रहा बल्कि इससे यह ट्रैफिक की समस्या ब्रिज के नीचे और बढ़ जाएगी, चौड़ाई ज्यादा होने से यह पुल आबादी की इमारतों से सटकर चलेगा जो भविष्य में हादसों का संकेत दे रहा है.
९) उड़ान पुल के सही स्थान पर नहीं उतरने के कारण शिक्षा ,स्वास्थ, खेल, आस्था, अंतिम संस्कार तथा व्यवसायिक जीवन के क्लस्टर प्रभावित होंगे.
समाधान👇
१) हमें लगता है ज़मीनी स्तर पर सर्वे सही नहीं होने के कारण यह कठिनाई हुई है, और बड़ी चूक भी हुई है!आपसे निवेदन है कि इसकी लैंडिंग उचित स्थान
(टीमकी कचरा घर) या गरीब नवाज़ मस्जिद से पहले (बोरियापुरा)पर हो जाए तो इसके बनाने का विकास का मकसद पूरा होगा ,और जनता को इससे लाभ होगा,
२) इसकी चौड़ाई अगर कम हो जाए तो भविष्य में होने वाले हादसों से हम बच सकेंगे!
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