Breaking News

MP चुनाव में हेराफेरी : जिलाधिकारी को सस्पेंड करने की काँग्रेस की मांग

Advertisements

MP चुनाव में हेराफेरी : जिलाधिकारी को सस्पेंड करने की काँग्रेस की मांग

Advertisements

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक

Advertisements

भोपाल । मध्यप्रदेश के बालाघाट में मतगणना से पहले डाक मत पेटी खोलने वाले हिम्मत सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इसे लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने बालाघाट कलेक्टर को हटाने की मांग की गई है। बालाघाट में डाक मतपत्रों की कथित गणना की कांग्रेस ने शिकायत की है।
मध्य प्रदेश के बालाघाट में मतगणना से पहले स्ट्रॉन्ग रूम में डाक मतपत्रों की पेटी खुलने के मामले पर सियासत गर्मा गई है। एआरओ हिम्मत सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कांग्रेस इस मामले में हमलावर बनी हुई है और बालाघाट कलेक्टर को हटाने की मांग की है।
सोमवार को कांग्रेस ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। साथ ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से बालाघाट में स्ट्रॉन्ग रूम खोलकर डाक मतपत्रों में हेराफेरी का आरोप लगाया था। इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बालाघाट कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी इस मामले को लेकर जानकारी मंगवाई है।

एआरओ के निलंबन को लेकर कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बालाघाट में डाक मत्रपत्रों को समय से पहले स्ट्रॉन्ग रूम खोलकर 50-50 की गड्डियां जमाने का मामला सामने आया है। नोडल अधिकारी को सस्पेंड किया गया है। इस मामले में रिटर्निग अफसर ने अपराध स्वीकार किया? क्या इतनी बड़ी साजिश के लिए सिर्फ एक नोडल अफसर ही जिम्मेदार है? मिश्रा ने कहा कि कलेक्टर को मतगणना से दूर किया जाए। यह एक गंभीर अपराध है। इस अभियोग में दोषी पाए जाने पर कलेक्टर को गिरफ्तार किया जाए। वहीं, कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने कहा कि बालाघाट में हुए डाक मतपत्रों के घोटाला मामले में कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा को तत्काल हटाया जाए। इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
क्या है मामला
कांग्रेस ने सोमवार को मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन को शिकायत की थी। उन्होंने डाक मतपत्रों में हेराफेरी का आरोप लगाया था। इसके बाद राज्य निर्वाचन कार्यालय ने बालाघाट कलेक्टर से रिपोर्ट तलब की थी। कलेक्टर ने अपने प्रारंभिक रिपोर्ट भोपाल भेज दी है।

बालाघाट कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा का कहना है कि डाक मतपत्र आने पर उन्हें विधानसभावार अलग किया जा रहा था। फोन पर रिटर्निंग ऑफिसर की अनुमति ली गई थी। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सूचना दी गई थी। दोपहर तीन बजे का समय तय था। एआरओ हिम्मत सिंह ने तय समय से पहले 1:29 बजे ही स्ट्रॉन्ग रूम खोल लिया। उन्होंने डाक मतपत्रों की सॉर्टिंग की कार्यवाही शुरू कर दी। समय बदलने की जानकारी उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर को नहीं दी थी। हेराफेरी के आरोपों का मिश्रा ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि डाक मतपत्रों की विधानसभार सॉर्टिंग की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की गई है। उस समय सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। डाक मतपत्रों को रखने के बाद पंचनामा बनाकर स्ट्रॉन्ग रूम को बंद किया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट भोपाल भेज दी है। आयोग के निर्देश पर आगे की कार्यवाही होगी।

भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने इस मामले में कांग्रेस को ही आड़े हाथ लिया है। एक ओर कांग्रेस नेता भाजपा को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। सलूजा का कहना है कि कांग्रेस के संगठऩ मंत्री खुद मौके पर मौजूद थे। उन्होंने खुद ही कहा है कि हमें गफलत हुई थी। हम संतुष्ट हैं। कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जब भी हार सामने दिखती है, वह झूठे आरोप लगाना शुरू कर देती है। कभी ईवीएम पर, कभी मतदाता सूची पर, कभी पुलिस-प्रशासन पर। तीन दिसंबर को होने वाली हार की स्क्रिप्ट पर काम शुरू हो गया है। कांग्रेस के झूठ की पोल खुद कांग्रेस के जिम्मेदार पदाधिकारी ने खोली है। इसके बाद उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। नहीं बदलने पर उन्हें कार्यवाही की धमकी दी जा रही है। कांग्रेस झूठ की बैसाखियों पर खड़ी है।

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

जरांगेचा सरकारवर दबाव : हायकोर्टात याचिका

राज्य मागासवर्गीय आयोगाचे अध्यक्ष निवृत्त हायकोर्टाचे न्यायमूर्ती सुनील शुक्रे यांच्यासह आयोगाच्या इतर सदस्यांच्या नियुक्तीला जनहित …

लोकसभा चुनाव कब होंगे? चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने दिया बड़ा अपडेट

2024 लोकसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग से तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य चुनाव …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *