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आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए रामबाण आयुर्वेदिक वनौषधीय है अश्वगंधा पावडर और त्रिफला चूर्ण 

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आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए रामबाण आयुर्वेदिक वनौषधीय है अश्वगंधा पावडर और त्रिफला चूर्ण

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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अश्वगंधा: अश्वगंधा और त्रिफला चूर्ण एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट दोनों गुण होते हैं जो दृष्टि बढ़ाने और आँखों से संबंधित समस्याओं की रोकथाम में सहायता कर सकते हैं

दरअसल, अश्वगंधा पावडर, त्रिफला चूर्ण और शहद एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के साथ ही आंखों के लिए भी अच्छे साबित होते हैं. इसका सेवन करने के लिए आप 5 ग्राम अश्वगंधा पावडर,त्रिफला चूर्ण लें और उसे शहद के साथ मिलाकर सेवन करें. इस कॉम्बिनेशन का नियमित सेवन करने से महीनेभर में ही आपको असर देखने को मिल सकता है.

दरअसल, अश्वगंधा, त्रिफला और शहद एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के साथ ही आंखों के लिए भी अच्छे साबित होते हैं. इसका सेवन करने के लिए आप 5 ग्राम अश्वगंधा,त्रिफला लें और उसे शहद के साथ मिलाकर सेवन करें. इस कॉम्बिनेशन का नियमित सेवन करने से महीनेभर में ही आपको असर देखने को मिल सकता है.

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आप अश्वगंधा, आंवला और मुलेठी का ऐसे सेवन भी कर सकते हैं. इससे आंखों की रोशनी बढ सकती है। कमजोर आंखों की समस्या से परेशान हैं और आंखों की रोशनी को बढ़ाना चाहते हैं तो आप अपनी डाइट में हेल्दी चीजों को शामिल कर सकते हैं. दरअसल आंखों की कमजोर रोशनी के कई कारण हो सकते हैं. जैसे खान-पान में आवश्यक विटामिन कमी, घंटो लैपटॉप और मोबाइल में रहना. देे रात तक जागने से आंख की समस्याएं आती है।इसके लिए योगाभ्यास और आंखों का व्यायाम करना भी जरुरी है।

 

इसके बावजूद भी अगर आप भी अपनी आंखों को हेल्दी रखना चाहते हैं तो इस एक चीज का ऐसे इस्तेमाल कर सकते हैं. हम बात कर रहे हैं अश्वगंधा और त्रिफला एक ऐसा हर्बल है जिसे सेहत के लिए बेहद गुणकारी माना जाता है. अश्वगंधा में मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मददगार माने जाते हैं. अश्वगंधा और त्रिफला को कई तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है. अगर आंखों की रोशनी बढ़ाना चाहते हैं तो ऐसे करें अश्वगंधा और त्रिफला का इस्तेमाल करना चाहिए

 

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अश्वगंधा में एंटी-ऑक्सीडेंट, लीवर टॉनिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल के साथ-साथ फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, विटामिन के, फास्फोरस, मैग्नीशियम, मैंगनीज, आयरन, जिंक और कॉपर जैसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए कैसे करें अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आप अश्वगंधा, त्रिफला चूर्ण में आंवला और मुलेठी को मिलाकर पीस लें. आप चाहे तो इनके पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अब इस चूर्ण को सुबह खाली पेट पानी के साथ सेवन करें. इससे आंखों की रोशनी बढ़ने के साथ-साथ शरीर को कई अन्य लाभ मिल सकते हैं.

 

अश्वगंधा और त्रिफला को आंखों के लिए तो अच्छा माना ही जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि इससे पाचन संबंधी समस्या को भी दूर किया जा सकता है. इतना ही नहीं ये नींद न आने की समस्या को भी दूर करने में मददगार है. अश्वगंधा को डायबिटीज मरीजों के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है.

 

आयुर्वेदिक चिकित्सा की एक प्राचीन प्रणाली, का उपयोग सदियों से आँखों से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता रहा है। आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार, शरीर में तत्वों का असंतुलन ,समय से आहार का सेवन , जीवनशैली में नियमितता, अधिक देर रात तक नहीं जागना और आयुर्वेदिक आई ड्रॉप और अन्य प्राकृतिक उपचारों के माध्यम से आँखों की समस्याओं पर विराम डाला जा सकता है।

यह सारी आई ड्रॉप्स हमारी आंखों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। ये आँखों की रौशनी को बढ़ाते हैं और आँखों के परिप्रेक्ष्य को सुधारते हैं। इन आई ड्रॉप् में प्राकृतिक जड़ी बूटियों का उपयोग होता है, जो आपकी आँखों के लिए एक सुरक्षा कवच की भूमिका निभाते हैं। जगत फार्मा की आई ड्रॉप्स, आइसोटीन प्लस आई ड्रॉप्स, आइसोटीन गोल्ड और आईसोअमृत आई ड्रॉप्स का नियमित उपयोग करने आपको आँखों की कई बीमारियों में आराम मिलता है।

आँखों की रौशनी के लिए आयुर्वेद को क्यों चुनें?

आँखों के स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद को चुनने से आपको कई लाभ मिलते हैं। कोविद और कोविद के बाद देश में बड़ी संख्या में लोग हर्बल उपचार पर भरोसा करने लगे हैं और अपने उपचार के लिए आयुर्वेदिक कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं। अच्छी दृष्टि बनाए रखने के लिए आयुर्वेद का समर्थन करने वाले कुछ लाभ यहां दिए गए हैं:

 

सूजन में कमी: माना जाता है कि त्रिफला और आंवला जैसे आयुर्वेदिक उपचारों में सूजन को कम करने के गुण होते हैं, जो आंखों की सूजन को कम करने और कंजक्टिविटिस और यूवाइटिस जैसी आँखों की बीमारियों को रोकने या उनका इलाज करने में सहायता करते हैं।

रक्त संचार में सुधार : नेत्र तर्पण की प्रक्रिया द्वारा आँखों की नसों को आराम मिलता है , आंखों की सूजन, विकृति, सूखापन आदि में कमी आती है, आंखों के स्वास्थ्य और दृष्टि को फिर से जीवंत करता है। यह आंखों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर आंखों से जुड़ी कई बीमारियों को रोकने में भी मदद करता है।

आँखों के तनाव में कमी: आँखों में तनाव को कम करने और सूखी आंखों से होने वाले सिरदर्द जैसी स्थितियों को रोकने के लिए आयुर्वेद उपचार अत्यधिक लाभकारी है।

आँखों की सुरक्षा : आयुर्वेद आपको स्वस्थ आहार और सही जीवनशैली बनाए रखने में सही दिशा दिखाता है और इसका नियमित उपचार आपको आँखों की कई सारी समस्याओं के रोकधाम में सहायता प्रदान कर सकता है।

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ का दृष्टि बढ़ाने में योगदान

आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए कई आयुर्वेदिक औषधियां फायदेमंद हैं। हालाँकि, यह स्वीकार करना आवश्यक है कि इन उपचारों का व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण नहीं हुआ है, और उनकी प्रभावकारिता व्यक्तिगत कारकों के आधार पर भिन्न हो सकती है। इसलिये किसी भी आयुर्वेदिक दवा का उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से परामर्श करना हमेशा उचित होता है।

 

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कुछ आयुर्वेदिक औषधियां इस प्रकार हैं:

त्रिफला चूर्ण:त्रिफला चूर्ण तीन फलों – आंवला, हरीतकी और बिभीतकी को मिलाकर बनता है। ऐसा माना जाता है कि इसमें सूजन को कम करने और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो दृष्टि में सुधार और आँखों से संबंधित समस्याओं को रोकने में सहायता करते हैं।

आंवला जूस: आंवला, जिसे भारतीय करौदा भी कहा जाता है, सूक्ष्म पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो दृष्टि सुधार और आंखों से संबंधित समस्याओं की रोकथाम में सहायता करते हैं। आँखों की रोशनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आंवले के जूस का नियमित सेवन फायदेमंद माना जाता है।

अश्वगंधा: अश्वगंधा, एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट दोनों गुण होते हैं जो दृष्टि बढ़ाने और आँखों से संबंधित समस्याओं की रोकथाम में सहायता कर सकते हैं। इसका उपयोग आमतौर पर आँखों की थकान को कम करने और दृष्टि में सुधार करने के लिए किया जाता है।

हालाँकि इन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है| विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियों और पेशेवर मार्गदर्शन को ध्यान में रखते हुए, उनकी प्रभावकारिता और सुरक्षा का व्यक्तिगत रूप से मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

बेस्ट आयुर्वेदिक आई ड्रॉप्स बेहतर आँखों के स्वास्थ्य के लिए

आयुर्वेदिक आई ड्रॉप्स : कई आयुर्वेदिक आई ड्रॉप्स हैं जो आँखों की रौशनी में सुधार लाने में मदद करते हैं । सूखी आँखों के लिए रामबाण Iso Amrit आयुर्वेदिक आई ड्रॉप्स एक प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से युक्त आई ड्रॉप्स है। ये आई ड्रॉप्स आँखों में लंबे समय तक सूखेपन से राहत देता हैं। Iso Amrit आयुर्वेदिक आई ड्रॉप्स में सूखी आँखों से राहत और आँखों की नमी बनाए रखना प्रमुख लाभ बतायें गए हैं। साथ ही इस आई ड्रॉप कोई दुष्प्रभाव नहीं बताया गया है।

आइसोटिन आई ड्रॉप्स: आइसोटिन आई ड्रॉप्स विभिन्न जड़ी-बूटियों के मिश्रण से बनता है। इस आई ड्रॉप्स से आँखों में होने वाले डिजिटल तनाव से आराम मिलता है जो की आज कल लैपटॉप , फ़ोन और लम्बे समय तक टीवी देखने से होता है। इस आई ड्रॉप्स से आप आँखों के बढ़ते सक्रमण पर रोक, आँखों की लालिमा, सूखापन और एलर्जी शामिल हैं।

आइसोटिन प्लस आई ड्रॉप्स: आइसोटिन प्लस आई ड्रॉप्स मोतियाबिंद के प्रारंभिक चरण वाले रोगियों, निकट और दूर दृष्टि से पीड़ित लोगों, डायबिटिक रेटिनोपैथी से पीड़ित रोगियों के लिए सहायक होते हैं।

आइसोटिन गोल्ड: आइसोटिन गोल्ड कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया एक आयुर्वेदिक औषधि है। आइसोटिन गोल्ड में आइसोटिन प्लस + आइसो न्यूरॉन कैप्सूल्स का कॉम्बिनेशन है। यह आँखों के विभिन्न गंभीर समस्याओं जैसे रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा, मैक्यूलर डीजनरेशन, ग्लूकोमा और अन्य रेटिना आधारित बीमारियों के लिए प्रभावकारी होता है।

आयुर्वेदिक आई ड्रॉप के संभावित लाभ: आयुर्वेदिक आई ड्रॉप्स से कई फायदे मिल सकते हैं। प्रत्येक उत्पाद एक अद्वितीय फॉर्मूलेशन का खुलासा करता है, जो अलग-अलग लाभ प्रदान करता है। विशिष्ट दृष्टि संबंधी चिंताओं के समाधान के लिए आई ड्रॉप का चयन करना महत्वपूर्ण है।

आयुर्वेदिक आई ड्रॉप कंपनियों के बारे में

भारत में, कई प्रतिष्ठित कंपनियाँ आयुर्वेदिक आई ड्रॉप बनाने में माहिर हैं। ये कंपनियाँ आयुर्वेदिक सिद्धांतों का पालन करती हैं और अपने उत्पाद बनाने के लिए प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करती हैं। भारत में कई प्रसिद्ध आयुर्वेदिक आई ड्रॉप कंपनियां हैं, लेकिन जब किसी डॉक्टर द्वारा शोध किए गए आंखों के फॉर्मूलेशन की बात आती है, तो जगत फार्मा आइसोटिन आई ड्रॉप्स( भारत में बने शीर्ष नेत्र फॉर्मूलेशन में से एक है। कंपनी के संस्थापक डॉ महेंद्र सिंह बासु द्वारा अस्तित्व में आने से पहले इस उत्पाद पर लंबे समय तक शोध कार्य किया था। ) जगत फार्मा आयुर्वेदिक आईकंपनी के पास आँखों के विभिन्न बीमारियों के लिए चार प्रमुख प्रकार के आई ड्रॉप्स मौजूद हैं |इन आई ड्रॉप्स का उपयोग मायोपिया, हिपेरमेट्रोपिया, मैक्युलर डिजनरेशन, रेटिनिटिस पिगमेंटोसा जैसी बीमारियों से छुटकारा एवं आँखों में सूखापन , सूजन, आई फ्लू , आँखों में लालिमा जैसी रोज आँखों के होने वाली बीमारियों में आराम मिलता है|

आंखों का ड्रॉप सबसे बढ़िया कौन सा है?

अब चश्मे की नहीं रहेगी जरूरत आईसो टीन एक बेहतरीन आई ड्रॉप सॉल्यूशन है जिसका नियमित उपयोग से आप पूरे पूरे दिन बेहतर दृष्टि का लाभ ले सकते है |इस आई ड्राप को रोजाना की आँखों की तकलीफों के लिए बहुत कारगर है | आई स्ट्रेन , आँखों में लालपन , आई फ्लू और आँखों के दर्द में यह पूर्ण रूप से लाभदायक है । आयुर्वेद औषधीय से आंखों की रोशनी बढ़ाई जा सकती है?

आँखों की रोशनी बढ़ाने का आर्युवेद में त्रिफला का नियमित सेवन करने से सबसे ज़्यादा लाभ हमारी आँखों को होता है। हर रोज़ सुबह और शाम त्रिफला का सेवन करने से हमारी आँखें स्वस्थ रहती है साथ ही आँखों की रोशनी और तेज होती है

 

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गैंदा फूल बहुत उपयोगी

 

आयुर्वेद में गेंदा के फूलों को शक्तिशाली औषधि माना जाता है, गेंदा के फूलों के इस्तेमाल से आप आंख की रोशनी बढ़ा सकते हैं।

गेंदा जिसे केलैन्डयुला या मेरीगोल्ड कहा जाता है, आयुर्वेद के अनुसार औषधि का काम करता है। गेंदे के फूल का इस्तेमाल आयुर्वेद के मुताबिक जड़ी बूटियों जितना असरदार होता है। इसके इस्तेमाल से आप कई समस्याओं से निजात पा सकते हैं। आंख हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, अगर आपके आंखों की रोशनी सही है तो दुनिया रंगीन दिखती है। आंखों की नजर या रोशनी कमजोर होने पर दृष्टि में धुंधलापन आ जाता है और इंसान को कम दिखने लगता है। लेकिन आयुर्वेद का सहारा लेकर आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक गेंदा के फूलों का इस्तमाल आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। वैसे तो आंखों की नजर तेज करने के लिए आज के समय में तमाम उपचार हैं लेकिन आयुर्वेदिक तरीकों से आंखों की रोशनी बढ़ाना सबसे सुरक्षित माना जाता है। आयुर्वेदिक नुस्खों के इस्तेमाल से साइड इफेक्ट का खतरा भी कम हो जाता है। तो देर किस बात की, आइये जानते हैं आयुर्वेदिक तरीके से आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गेंदे के फूल बहुत उपयोगी है।

आंखें हमारे शरीर का सबसे नाजुक अंग हैं और जिंदगी के लिहाज से सबसे जरूरी भी। लेकिन आज के समय में लोग जानकारी या समय के आभाव में लोग इनकी देखभाल सही तरीके से नहीं कर पाते हैं। आधुनिक जीवनशैली, खानपान और बढ़ते प्रदूषण जैसे कारणों से आंख से जुड़ी बीमारियां भी तेजी से फैल रही हैं। डिजिटल गैजेट्स का ज्यादा से ज्यादा उपयोग भी हमारी आंखों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इन सबकी वजह से आंखों में तनाव, आंख का इंफेक्शन और आंखों की रोशनी कमजोर होने जैसी समस्याएं भी होती हैं। यहां तक कि डायबिटीज जैसे रोग जो खानपान और खराब जीवनशैली से जुड़े हैं हमारी आंखों की सेहत पर बहुत बुरा असर डालते हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक तरीकों से आंख की सेहत का देखभाल करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना गया है। आयुर्वेद में तमाम ऐसी जड़ी बूटी और प्राकृतिक पौधों के बारे में बताया गया है जिनके इस्तेमाल से हम आंखों से जुड़ी समस्याएं दूर कर सकते हैं। गेंदा के फूल को भी आयुर्वेद में आंखों के लिए सबसे उत्तम माना गया है। आइये हम आपको बताते हैं गेंदा के फूल के इस्तेमाल से आंख की रोशनी बढ़ाने के तरीके के बारे बताया है।

कैलेंडुला या गेंदा के फूल आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। गेंदे के फूल में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं जो आंखों के लिए फायदेमंद होते हैं। आप गेंदे का इस्तेमाल आंख की कई समस्या जैसे आंखों में लालिमा, जलन और कमजोर नजर के इलाज के लिए कर सकते हैं। तमाम शोध और अध्ययन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि गेंदे में ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो आंखों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं।

आंख की रोशनी बढ़ाने के लिए कैसे करें गेंदा के फूलों का इस्तेमाल?

गेंदा के फूल आकर्षक और अच्छी सुगंध वाले होते हैं। आयुर्वेद में इनके औषधीय गुणों के बारे में बताया गया है। भारत में गेंदे के फूल का इस्तेमाल पवित्र कार्यों और सजावट आदि में किया जाता है। लेकिन आप आंखों की समस्या में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आंख की जलन, सूजन और आंख की कमजोर नजर के इलाज के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आंखों और स्किन के लिए आप गेंदे की चाय का सेवन रोजाना कर सकते हैं। लेकिन अगर आप इसका इस्तेमाल आंख की समस्याओं में करना चाहते हैं तो इस तरीके से करें।

आंख की रोशनी बढ़ाने के लिए गेंदे के फूल की कलियों को पीस लें। अब इसे आंख के बाहर चरों तरफ लगाएं।

इसके अलावा आप ताजे गेंदे के फूल की कलियों का रस आंख में रोजाना सुबह-शाम दो-दो बूंद डालें।

ऐसा नियमित रूप से करने पर आपको आंख की रोशनी बढ़ाने और आंखों से जुड़ी कई अन्य समस्याओं में फायदा मिलेगा।

गेंदे के फूल से दूर हो सकती है गुखरू, डैंड्रफ और अपच जैसी आपकी ये 5 समस्याएं,

गेंदा के फूलों का इस्तेमाल शरीर की तमाम समस्याओं में किया जाता है। आयुर्वेदिक तरीकों से इसका इस्तेमाल करने से स्किन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। वैसे तो गेंदा के फूलों का इस्तेमाल करने से नुकसान नहीं होते हैं लेकिन इसका इस्तेमाल करने से पहले किसी आयुर्वेदाचार्य या आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है।

सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-

उपरोक्त लेख सामग्री केवल सामान्य ज्ञान प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. लेखक उपरोक्त जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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