मराठावाडा के बाद और उठी आरक्षण की मांग! चुनाव से पहले बढ़ेगी महायुति सरकार की मुश्किलें
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
मुंबई ।राज्य सभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि मिल कंपनी बंद होने के बाद इन वर्कर्स के लिए शिवसेना आगे आई है. उन्होंने अपनी सरकार की ओर से किए गए कामों को भी गिनाया है.
महाराष्ट्र में इस साल के अंत तक विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं, जिसे लेकर राजनीतिक पार्टियों ने कमर कसना शुरू कर दिया है. महाराष्ट्र में अब फिर से मराठा और ओबीसी आरक्षण के बाद अब एक और आरक्षण का मुद्दा जोर पकड़ने लगा है. महाराष्ट्र सरकार ने जहां एक तरफ राज्य में लाडला भाई, लाडली बहन योजना शुरू की है तो वहीं दूसरी तरफ सीएम एकनाथ शिंदे की पार्टी के राज्यसभा सांसद ने मिलिंद देवड़ा ने अपनी ही सरकार ने एक और आरक्षण की मांग कर दी है.
राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा, “देश के आजाद होने के बाद से मुंबई और महाराष्ट्र में कई मिल चलती थी. बीते कुछ सालों से इस मिल की जगह मॉल और रेस्टोरेंट ने ले ली है, लेकिन आज भी मिल मजदूर अपने हालात से जूझ रहे हैं. मिल कंपनी बंद होने के बाद से कई मजदूर बेरोजगार हो गए थे. अब शिवसेना इन परिवारों के लिए आगे आई है.”
सांसद मिलिंद देवड़ा ने महाराष्ट्र और मुंबई के इन मिल में जो लोग काम करते थे उनके परिवार के बच्चों को माल और होटल में नौकरी के लिए आरक्षण देने की मांग की. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र मे मिल वर्कर्स को घर देने के लिए सीएम एकनाथ शिंदे ने तैयारी शुरू की है. राज्य के एक लाख मिल वर्कर्स को घर देने ने की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है.
राज ठाकरे अकेले लड़ेंगे चुनाव
महारष्ट्र की राजनीति में राज ठाकरे भी एक बड़ा नाम हैं. उन्होंने यह ऐलान किया है कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 225-250 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. लोकसभा चुनाव में राज ठाकरे ने एनडीए को समर्थन दिया था. मएनएस ऐसी पार्टी है जो हमेशा मराठी और हिदुत्व के मुद्दे पर राजनीति करती रही है. महाराष्ट्र में जितने भी मिल वर्कर हैं उनमें सबसे ज्यादा मराठी लोग हैं.
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