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आंखों में रोशनी बढने और स्वास्थ्य सुरक्षा कवच है ये पुनर्नवा वनौषधिय

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आंखों में रोशनी बढने और स्वास्थ्य सुरक्षा कवच है ये पुनर्नवा वनौषधिय

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर की पथरीली नंगी पहाडियों पर बरसात में उगने वाली ये पुनर्नवा नामक घास है हर मर्ज की दवा है! शरीर के चारों ओर बना देगी सुरक्षा कवच, बढ़ाएगी आंखों की रोशनी

बरसात के टाइम पर वैसे तो तमाम प्रकार की औषधियां खरपतवार के रूप में जंगल और खेतों में अपने आप उग जाती हैं. लेकिन बरसात के टाइम पर कुछ विशेष औषधियां भी होती हैं, जो शरीर के लिए काफी अच्छा काम करती है.

भरतपुर। बरसात के मौसम में ऐसी तमाम औषधियां होती हैं, जो शरीर के लिए काफी अच्छी और फायदेमंद होती है. यह औषधि विशेषकर बरसात के मौसम में खरपतवार के रूप में अधिक मात्रा में अपने आप खेतों के आसपास उग जाती है. ऐसी ही एक औषधि पुनर्नवा या गढ़पूर्णा(साटा) के नाम से काफी फेमस है. यह औषधि बरसात के टाइम में काफी अधिक मात्रा में दिखाई देती है, जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होती है. इसमें विभिन्न प्रकार के पोषण तत्व होते हैं.ये भाजी खेतों में खरपतवार के रूप में उगती है।

वरिष्ठ आयुर्वेद डॉक्टर चंद्रप्रकाश दीक्षित लोकल 18 को बताते हैं कि बरसात के टाइम पर वैसे तो तमाम प्रकार की औषधियां खरपतवार के रूप में जंगल और खेतों में अपने आप उग जाती हैं. लेकिन बरसात के टाइम पर कुछ विशेष औषधियां भी होती हैं, जो शरीर के लिए काफी अच्छा काम करती है. इनमें से एक औषधि पुनर्नवा है, जिसे हमारी आम बोलचाल में साटा के नाम से भी जाना जाता है. यह औषधि शरीर के लिए काफी अच्छी होती है. यह औषधि विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व से भरपूर होती है.

आयुर्वेदाचार्य डॉ दीक्षित आगे बताते हैं कि यह औषधि काफी अधिक मात्रा में जंगलों और खेत खलियानों में देखने को मिलती है. इस औषधि के पत्तों से लेकर तने और जड़ों का भी उपयोग हम आसानी से कर सकते हैं. अगर इस औषधि का सेवन करते हैं, तो हमारे शरीर में होने वाले हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं. इसके अलावा यूरिन इन्फेक्शन की समस्या से बच सकते हैं. इस औषधि का उपयोग करने से आंखों की रोशनी और समस्या के लिए भी काफी कारगर होती है. इसके अलावा ये शरीर से जुड़ी विभिन्न प्रकार की बीमारियों को दूर करती है

आपके शहर से (भरतपुर)

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आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षित बताते हैं कि यह औषधि काफी अच्छी होती है. लेकिन इनका उपयोग हमें डॉक्टरों की देखरेख और सलाह पर ही करना चाहिए, क्योंकि विभिन्न प्रकार की औषधियां जो होती हैं, वह हमारे शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकती हैं. इसलिए हमें ऐसी औषधीय का उपयोग डॉक्टरों की सलाह पर ही करना चाहिए

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